वानुअतु के पीएम द्वारा ललित मोदी का पासपोर्ट रद्द करने का आदेश के बाद स्थानीय मीडिया ने नागरिकता आयोग का बयान जारी किया है। इसमें कहा गया कि अदालत के आदेश के बाद ललित मोदी की नागरिकता को लेकर फैसला लिया जाएगा। ललित मोदी ने एक्स पर एक न्यूज पोर्टल के हवाले से दिए गए बयान को साझा किया है।
आईपीएल के पूर्व प्रशासक ललित मोदी की वानुअतु की नागरिकता को लेकर पेंच फंस गया है। वानुअतु के पीएम द्वारा ललित मोदी का पासपोर्ट रद्द करने का आदेश के बाद स्थानीय मीडिया ने नागरिकता आयोग का बयान जारी किया है। इसमें कहा गया कि अदालत के आदेश के बाद ललित मोदी की नागरिकता को लेकर फैसला लिया जाएगा। ललित मोदी ने एक्स पर एक न्यूज पोर्टल के हवाले से दिए गए बयान को साझा किया है।
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ललित मोदी एक्स पर एक समाचार रिपोर्ट के हवाले से कहा कि नागरिकता आयोग के अध्यक्ष ने कहा कि उनका कार्यालय ललित मोदी पर नी-वानुअतु के रूप में फैसला करने से पहले अदालत के नतीजे का इंतजार करेगा। नागरिकता आयोग के अध्यक्ष चार्ल्स मैनियल वानुअतु के प्रधानमंत्री जोथम नापत द्वारा आज नागरिकता आयोग को जारी किए गए आदेश के बाद बोल रहे थे। इसमें ललित मोदी द्वारा अदालत में लगाए गए कुछ आरोपों के बाद मोदी का पासपोर्ट रद्द करने की प्रक्रिया शुरू करने के लिए कहा गया था। अध्यक्ष मैनियल ने कहा कि अगर अदालत को पता चलता है कि ललित मोदी दोषी हैं, तो आयोग उनके पासपोर्ट और नी-वानुअतु की नागरिकता रद्द करने की प्रक्रिया शुरू करेगा। ललित मोदी मूल रूप से भारत से हैं, लेकिन उन्होंने वानुअतु सरकार के नागरिकता कार्यक्रम के माध्यम से अपनी नी-वानुअतु की नागरिकता खरीदी है।
वानुअतु के पीएम ने दिया था पासपोर्ट रद्द करने का आदेश
वानुअतु देश के प्रधानमंत्री ने सोमवार सुबह ललित मोदी का पासपोर्ट रद्द करने का आदेश दिया था। यह आदेश ऐसे समय आया, जब ललित मोदी ने हाल ही में भारत की नागरिकता छोड़ने का आवेदन किया था। भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने शुक्रवार को बताया था कि 'ललित मोदी ने लंदन स्थित भारतीय उच्चायोग में अपना भारतीय पासपोर्ट सरेंडर करने के लिए आवेदन किया था।' जायसवाल ने बताया कि 'हमें पता चला है कि उनके पास वानुअतु की नागरिकता है। हम कानून के मुताबिक उनके खिलाफ कार्रवाई जारी रखेंगे।'
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ललित मोदी पर मनी लॉन्ड्रिंग के हैं आरोप
ललित मोदी आईपीएल के पूर्व चेयरमैन रहे हैं और उन्हें ही आईपीएल की सफलता का मुख्य रणनीतिकार माना जाता है। हालांकि साल 2009 में आईपीएल के टीवी अधिकारों के 425 करोड़ रुपये के समझौते में नियमों का उल्लंघन करने के आरोप में उनके खिलाफ जांच चल रही है। मई 2010 में ललित मोदी लंदन भाग गए थे। इसके बाद उन्हें बीसीसीआई ने बर्खास्त कर दिया था। ललित मोदी पर टीमों की नीलामी में भी फर्जीवाड़ा करने का आरोप है। इस पर बीसीसीआई ने भी ललित मोदी के खिलाफ जांच की और दोषी पाए जाने के बाद उन्हें साल 2013 में आजीवन प्रतिबंधित कर दिया था। साल 2015 में ललित मोदी के मनी लॉन्ड्रिंग मामले में कथित संलिप्तता के आरोप में गैर जमानती वारंट जारी हुआ था।