सार
कोलंबिया यूनिवर्सिटी में फलस्तीन समर्थक छात्रों ने लाइब्रेरी में घुसकर इस्राइल के विरोध में प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी छात्रों ने लाइब्रेरी में घुसकर झंडे लहराए, बैनर लगाए। हालांकि बार-बार चेतावनी के बाद न्यूयॉर्क पुलिस मौके पर पहुंच उन्हें बाहर निकाला।
अमेरिकी पुलिस अधिकारी (फाइल / सांकेतिक)
- फोटो : एएनआई / रॉयटर्स
इस्राइल और हमास के बीच चल रहे सघर्ष को लेकर दूनियाभर में फलस्तीन समर्थक प्रदर्शन कर इस्राइल के खिलाफ अपना विरोध दर्ज करा रहें है। इसी बीच अमेरिका के न्यूयॉर्क स्थित कोलंबिया यूनिवर्सिटी में बुधवार शाम को उस वक्त तनाव बढ़ गया जब दर्जनों फलस्तीन समर्थक प्रदर्शनकारियों ने मास्क पहनकर यूनिवर्सिटी की मुख्य लाइब्रेरी में घुस गए और वहां इस्राइल के विरोध में प्रदर्शन करने लगे।
सुरक्षाकर्मियों को धक्का देकर लाइब्रेरी में घुसे प्रदर्शनकारी
इस पूरे घटना क्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसमें साफ तौर पर देखा गया कि एक तरफ प्रदर्शनाकारियों ने सुरक्षा गार्डस को धक्का देकर अंदर प्रवेश किया। साथ ही लाइब्रेरी के अंदर फलस्तीनी झंडे और बैनर लगाए। इन बैनरों में लिखा था कि 'कोलंबिया विल बर्न'...हालांकि मामले में बढ़ते तनाव को देखते हुए न्यूयॉर्क पुलिस के अधिकारी मौके पर पहुंच माहौल को नियत्रित करने लगे।
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हेट क्राइम के मामले में एक युवक की गिरफ्तारी
बता दें कि इसी शाम अमेरिका के न्याय विभाग ने एक 20 वर्षीय युवक तारेक बजरूक पर यहूदी लोगों पर हमला करने के आरोप में हेट क्राइम के तहत मामला दर्ज किया। बजरूक पर आरोप है कि उसने न्यूयॉर्क स्टॉक एक्सचेंज के पास एक प्रदर्शन में एक व्यक्ति को लात मारी, इस्राइली झंडा छीना और एक व्यक्ति को घूंसा मारा। कोर्ट ने फिलहाल उसे रातभर हिरासत में रखने का आदेश दिया है और गुरुवार को उसकी जमानत पर सुनवाई होगी। हालांकि बजरूक के वकील ने कहा कि वे कोर्ट में उनका मजबूती से बचाव करेंगे।
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यूनिवर्सिटी की प्रेसिडेंट का बयान
मामले में यूनिवर्सिटी की प्रेसिडेंट क्लेयर शिपमैन ने कहा कि प्रदर्शनकारियों को कई बार अपनी पहचान दिखाने और वहां से जाने के लिए कहा गया, लेकिन उन्होंने इनकार कर दिया। इसके बाद यूनिवर्सिटी ने न्यूयॉर्क पुलिस से मदद मांगी। वहीं न्यूयॉर्क के मेयर एरिक एडम्स ने कहा कि पुलिस वहां गैरकानूनी रूप से मौजूद लोगों को हटाने पहुंची थी। वहीं प्रदर्शन कर रहे छात्र समूह कोलंबिया यूनिवर्सिटी अपार्टहेड डिवेस्ट ने कहा कि उन्होंने लाइब्रेरी इसलिए कब्जाई क्योंकि यूनिवर्सिटी साम्राज्यवादी हिंसा से मुनाफा कमा रही है।