अफ्रीकी देश नाइजर में सेना ने दावा है कि उन्होंने तख्तापलट कर दिया है और उन्होंने राष्ट्रपति मोहम्मद बजौम की सरकार को उखाड़ फेंका है। रिपोर्ट के अनुसार, रविवार को नाइजर सैन्य तख्तापलट करने वाले नेताओं पर आर्थिक और यात्रा प्रतिबंध लगाते हुए, पश्चिम अफ्रीकी देशों ने धमकी दी है कि अगर देश के राष्ट्रपति मोहम्मद बजौम को एक सप्ताह के भीतर बहाल नहीं किया गया तो वे बल प्रयोग करेंगे। राष्ट्रपति गार्ड के कमांडर जनरल अब्दुर्रहमान तियानी ने खुद को नेता घोषित कर दिया है।
सबसे गरीब देश है नाइजर
पश्चिमी अफ्रीकी राज्यों के 15-राष्ट्र आर्थिक समुदाय (इकोवास) क्षेत्रीय ब्लॉक ने रविवार को नाइजीरिया में आयोजित एक आपातकालीन सम्मेलन में बाजौम को एक हफ्ते के भीतर बहाल करने के लिए कहा है। इकोवास ने वित्तीय दंड लगाने के साथ-साथ, ब्लॉक ने सभी वाणिज्यिक और वित्तीय लेनदेन पर भी प्रतिबंध लगा दिया है। नाइजर, दुनिया के सबसे गरीब देशों में से एक है जो अक्सर संयुक्त राष्ट्र के मानव सूची में अंतिम स्थान पर आता है।
तख्तापलट समर्थकों ने लगाए पुतिन जिंदाबाद के नारे
एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, रविवार को सैन्य तख्तापलट का समर्थन करने वाले हजारों लोगों ने नाइजर में फ्रांस के प्रभाव को लेकर गुस्सा व्यक्त किया और फ्रांसीसी दूतावास पर हमला कर तोड़फोड़ की। रूस ने नाइजर की सेना की कैद से देश के लोकतांत्रिक रूप से निर्वाचित राष्ट्रपति मोहम्मद बजौम को रिहा करने को कहा है। क्रेमलिन के अनुरोध के बावजूद, तख्तापलट समर्थक प्रदर्शनकारियों को रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के नाम के नारे लगाए। दूतावास के नाम वाली एक पट्टिका को कुछ प्रदर्शनकारियों ने नष्ट कर दिया, जिन्होंने बाद में इसकी जगह रूसी और नाइजीरियाई झंडे लगा दिए। जनता ने फ्रांस मुर्दाबाद, पुतिन जिंदाबाद और रूस जिंदाबाद के नारे लगाए।
प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए, नाइजर में पुलिस अधिकारियों ने आंसू गैस के गोले छोड़े। घटनास्थल पर लोगों को फ्रांसीसी दूतावास के परिसर के बाहर आग लगाने का प्रयास करते देखा गया। इस बीच, एक रिपोर्ट के अनुसार, राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के कार्यालय ने घोषणा की कि नाइजर में फ्रांसीसी व्यक्तियों या सुविधाओं पर हमला करने वाले किसी भी व्यक्ति को फ्रांस से तुरंत जवाबी कार्रवाई की जाएगी।
टीवी पर लाइव आकर किया एलान
कुछ दिन पहले नाइजर के राष्ट्रीय चैनल पर सैनिकों ने तख्तापलट का एलान किया। कर्नल अमादौ अब्द्रमाने अपने साथी सैनिकों और अधिकारियों के साथ टीवी पर आए। उन्होंने टीवी पर बजौम की सरकार को पलट देने का एलान किया। विदेशी रिपोर्ट के अनुसार, कर्नल ने टीवी पर लाइव आकर कहा कि देश की बिगड़ती सुरक्षा व्यवस्था और खराब शासन के कारण हम राष्ट्रपति शासन को खत्म कर रहे हैं। नाइजर के बॉर्डर सील हैं। अब न तो कोई देश से बाहर जा सकता है और न ही बाहर से देश में प्रवेश कर सकता है। पूरे देश में कर्फ्यू है। सरकारी अधिकारियों को बर्खास्त कर दिया गया है।
फ्रांस से स्वतंत्रता के बाद से सैन्य तख्तापलट होते रहे हैं
1960 में फ्रांस से स्वतंत्रता प्राप्त करने के बाद से, नाइजर में अक्सर सैन्य तख्तापलट होते रहे हैं, हालाँकि, हाल ही में राजनीतिक अस्थिरता में कमी आई है। 2021 में, देश के पहले लोकतांत्रिक सत्ता हस्तांतरण में बजौम को राष्ट्रपति चुना गया था। पश्चिम अफ्रीकी राज्यों के आर्थिक समुदाय ईसीओडब्ल्यूएएस ने रविवार को एक सप्ताह के भीतर बजौम की रिहाई और बहाली की मांग की। समूह ने घोषणा की कि वह नाइजर गणराज्य में संवैधानिक व्यवस्था को बहाल करने के लिए सभी आवश्यक उपाय करेगा, जिसमें जुंटा सत्ता में बने रहने पर बल का उपयोग भी शामिल है।