ओली के बदले सुर, कहा-माहौल बनाएंगे
दिनभर हुई व्यापक हिंसा के बाद पीएम केपी शर्मा ओली ने भी अपने सुर बदल लिए। उन्होंने एक बयान जारी कर कहा कि मैं जेन-जी पीढ़ी के विरोध प्रदर्शन के दौरान हुई दुखद घटना से बहुत दुखी हूं। हमें विश्वास था कि हमारे बच्चे शांतिपूर्वक अपनी मांगों को उठाएंगे, लेकिन निहित स्वार्थों के कारण विरोध प्रदर्शन में घुसपैठ हुई। इस कारण उत्पन्न स्थिति के परिणामस्वरूप नागरिकों की जान का दुखद नुकसान हुआ है... सरकार सोशल मीडिया के इस्तेमाल को रोकने के पक्ष में नहीं थी और इसके इस्तेमाल के लिए माहौल सुनिश्चित करेगी।
15 दिनों में आएगी रिपोर्ट
पीएम ओली ने आगे कहा कि इसके लिए लगातार प्रदर्शन करने की कोई जरूरत नहीं थी। इस स्थिति को जारी नहीं रहने दिया जाएगा... मैं आपको आश्वस्त करना चाहता हूं कि आज की पूरी घटना और नुकसान, उसकी स्थिति और कारणों की जांच और विश्लेषण के लिए एक जांच समिति का गठन किया जाएगा। भविष्य में ऐसी दुर्घटनाओं को रोकने के लिए उठाए जाने वाले कदमों की सिफारिश करने हेतु 15 दिनों के भीतर एक रिपोर्ट प्रस्तुत की जाएगी। इससे पहले नेपाल के संचार मंत्री पृथ्वी सुब्बा गुरुंग ने बताया कि सरकार ने कैबिनेट की आपात बैठक में सोशल मीडिया साइटों पर प्रतिबंध के अपने फैसले को वापस ले लिया है।
प्रदर्शनकारियों में ज्यादातर छात्र-छात्राएं
सरकार विरोधी प्रदर्शन में ज्यादातर स्कूल-कॉलेज के छात्र-छात्राएं हैं, जो यूनिफॉर्म में थे। उनके हाथों में राष्ट्रीय ध्वज के साथ नारे लिखे बैनर-पोस्टर थे। उन पर लिखा था, भ्रष्टाचार बंद करो, सोशल मीडिया नहीं। सोशल मीडिया पर प्रतिबंध हटाओ और युवा भ्रष्टाचार के खिलाफ।
भारत-नेपाल सीमा पर अलर्ट
नई दिल्ली। भारत ने नेपाल सीमा पर अलर्ट जारी किया है। सशस्त्र सीमा बल ने सतर्कता बढ़ा दी और भारतीय क्षेत्र में अशांति फैलने से रोकने के लिए बारीकी से नजर रखी जा रही है। सीमा चौकियों पर आने-जाने वालों की सघन चेकिंग हो रही है। भारत-नेपाल के बीच 1,751 किमी लंबी सीमा है।