ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची
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ईरान की राजनीति और कूटनीति में एक नया विवाद खड़ा हो गया है। देश की प्रभावशाली और रिवोल्यूशनरी गार्ड से जुड़ी फार्स न्यूज एजेंसी ने विदेश मंत्री अब्बास अराघची के प्रस्तावित इस्लामाबाद दौरे पर सवाल उठाए हैं। एजेंसी ने साफ तौर पर मांग की है कि इस दौरे को रद्द किया जाए, क्योंकि इसका समय अमेरिका के वार्ता दल के दौरे से मेल खा रहा है। फार्स न्यूज का कहना है कि इस तरह का संयोग यह संकेत देता है कि तेहरान अब भी अमेरिका के साथ बातचीत जारी रखने को तैयार है। एजेंसी ने इन वार्ताओं को महंगा और बेकार बताते हुए इसकी आलोचना की है।
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि विदेश मंत्री की पहल को लेकर चिंता को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। खासतौर पर तब, जब अमेरिका के साथ पिछले दो दौर की बातचीत का परिणाम मौजूदा संघर्ष के रूप में सामने आया है। एजेंसी ने यह तक दावा किया कि इन वार्ताओं ने हालात को बेहतर करने के बजाय और बिगाड़ा है। ईरान के अंदर इस मुद्दे को लेकर अलग-अलग मत सामने आ रहे हैं। कुछ विशेषज्ञ मानते हैं कि कूटनीतिक बातचीत हमेशा जरूरी होती है, जबकि कठोर रुख अपनाने वाले गुट इसे राष्ट्रीय हितों के खिलाफ मान रहे हैं।
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ईरानी विदेश मंत्रालय ने क्या कहा?
उन्होंने स्पष्ट किया कि इस दौरे के दौरान ईरान और अमेरिका के बीच कोई आमने-सामने की बैठक नहीं होगी। बघाई ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, हम आधिकारिक यात्रा पर इस्लामाबाद पहुंचे हैं और अराघची पाकिस्तान के वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात करेंगे, जो क्षेत्र में शांति बहाल करने और अमेरिकी आक्रामकता को खत्म करने के प्रयासों का हिस्सा है।
उन्होंने कहा, ईरान और अमेरिका के बीच किसी बैठक की कोई योजना नहीं है और ईरान अपनी बात पाकिस्तान के जरिये पहुंचाएगा। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची शुक्रवार को इस्लामाबाद पहुंचे। इससे तेहरान और वाशिंगटन के बीच संभावित बातचीत की अटकलें लगनी शुरू हो गई थीं। अपने दौरे के दौरान अराघची पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और सेना प्रमुख आसिम मुनीर से मुलाकात कर सकते हैं। इस यात्रा में विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई भी उनके साथ हैं।
इस्लामाबाद के बाद अरागची मस्कट और मॉस्को भी जाएंगे। यह दौरा ऐसे समय हो रहा है, जब व्हाइट हाउस ने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान से जुड़ी बातचीत के लिए अपने विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और वरिष्ठ सलाहकार जरेड कुशनर को पाकिस्तान भेजेंगे। इससे बातचीत की नई कोशिशों के संकेत मिल रहे थे। इससे पहले भी व्हाइट हाउस ने कहा था कि अमेरिका ईरान के साथ बातचीत की संभावना तलाश रहा है और इसके लिए पाकिस्तान में चर्चा की जाएगी।