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West Asia Crisis: होर्मुज संकट से पनामा नहर बनी सोने की खान, एक फेरे की कीमत पहुंची 40 लाख डॉलर

Sat, 25 Apr 2026 05:27 AM IST
Devesh Tripathi वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, पनामा सिटी

सार

पनामा नहर से गुजरने की औसत लागत जहाज के प्रकार के अनुसार 3-4 लाख डॉलर है। पहले प्राथमिकता पर क्रॉसिंग के लिए 2.5-3 लाख डॉलर अतिरिक्त लगते थे, जो अब बढ़कर औसतन 4.25 लाख डॉलर हो गए हैं।
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पनामा नहर - फोटो : ANI/Reuters
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विस्तार
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होर्मुज जलडमरूमध्य के बंद होने के बाद पनामा नहर से गुजरने के लिए कंपनियां 40 लाख डॉलर (करीब 33 करोड़ रुपये) तक चुका रही हैं, जिसे पनामा नहर प्राधिकरण वैश्विक व्यापार प्रवाह में बड़ा बदलाव बता रहा है।
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आमतौर पर तय दर पर आरक्षण होता है, लेकिन बिना बुकिंग वाली कंपनियां पनामा सिटी के तट पर कई दिनों तक इंतजार करने की बजाय अतिरिक्त शुल्क देकर स्लॉट की नीलामी में भाग लेती हैं, जहां ऊंची बोली लगाने वाले को मौका मिलता है।

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पनामा नहर का रुख कर रहे जहाज
ईरान-अमेरिका तनाव बढ़ने से इन स्लॉट की मांग तेजी से बढ़ी है और जहाज पश्चिम एशिया के जोखिम भरे मार्ग से बचकर पनामा नहर का रुख कर रहे हैं। विश्लेषक रोड्रिगो नोरिएगा के अनुसार, बमबारी और ड्रोन हमलों के बीच कंपनियां पनामा नहर को ज्यादा सुरक्षित और किफायती मान रही हैं। एजेंसी

ईरान का पनामा के जहाज पर कब्जा
जहां एक ओर पनामा नहर से अधिक आमदनी हो रही है, वहीं दूसरी ओर भू-राजनीतिक तनाव ने पनामा को झटका भी दिया है। बुधवार को पनामा के विदेश मंत्रालय ने आरोप लगाया कि ईरान ने होर्मुज में इतालवी कंपनी एमएससी फ्रांसेस्का के पनामा-ध्वज वाले एक जहाज को अवैध रूप से जब्त कर लिया।
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4.25 लाख डॉलर की अतिरिक्त कीमत अब सामान्य
पनामा नहर से गुजरने की औसत लागत जहाज के प्रकार के अनुसार 3-4 लाख डॉलर है। पहले प्राथमिकता पर क्रॉसिंग के लिए 2.5-3 लाख डॉलर अतिरिक्त लगते थे, जो अब बढ़कर औसतन 4.25 लाख डॉलर हो गए हैं। नहर प्रशासक रिकार्टे वास्केज बताते हैं, यूरोप जा रहे एक ईंधन जहाज ने मार्ग बदलकर सिंगापुर की ओर रुख कर लिया क्योंकि वहां ईंधन की कमी थी। मार्ग में इस बदलाव और पनामा नहर से प्राथमिकता के साथ गुजरने के लिए कंपनी को 40 लाख डॉलर अतिरिक्त चुकाने पड़े।

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