फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Sri Lanka: विक्रमसिंघे बोले- सितंबर तक ऋण पुनर्गठन पूरा करेंगे, IMF की शर्तें मानने के अलावा कोई रास्ता नहीं

Mon, 22 May 2023 04:06 PM IST
शिव शरण शुक्ला वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, कोलंबो

सार

रानिल विक्रमसिंघे ने रविवार को कहा कि एक देश के दिवालिया होने का मतलब है कि वह एक भिखारी राष्ट्र है। हममें से कोई भी भिखारी राष्ट्र नहीं बनना चाहता। हमने आईएमएफ से संपर्क किया, क्योंकि हमारे पास जाने के लिए और कोई जगह नहीं है।
विज्ञापन
श्रीलंका के राष्ट्रपति रानिल विक्रमसिंघे - फोटो : सोशल मीडिया
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) से मंजूर कर्ज की रकम जारी करवाने की जद्दोजहद में श्रीलंका सरकार  जुटी हुई है। इस बीच,  राष्ट्रपति रानिल विक्रमसिंघे ने श्रीलंका के ऋण पुनर्गठन कार्यक्रम के बारे में अहम जानकारी दी है। उन्होंने कहा है कि इस साल सितंबर तक ऋण पुनर्गठन कार्यक्रम पूरा हो जाएगा। सोमवार को वहां की कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में इसकी जानकारी दी गई है। इसमें श्रीलंकाई राष्ट्रपति के हवाले से कहा गया है कि  ऋण पुनर्गठन कार्यक्रम के पूरा हो जाने के बाद देश की दिवालिया अर्थव्यवस्था को स्थिर स्तर पर लाया जाएगा।  

विज्ञापन


रिपोर्ट्स के मुताबिक, रानिल विक्रमसिंघे ने रविवार को कहा कि एक देश के दिवालिया होने का मतलब है कि वह एक भिखारी राष्ट्र है। हममें से कोई भी भिखारी राष्ट्र नहीं बनना चाहता। हमने आईएमएफ से संपर्क किया, क्योंकि हमारे पास जाने के लिए और कोई जगह नहीं है। इस दौरान उन्होंने आश्वासन दिया कि जुलाई या अगस्त 2023 तक घरेलू और बाहरी ऋण दोनों के पुनर्गठन पर चर्चा पूरी हो जाएगी।  

उन्होंने यह भी कहा कि एक बार ऋण पुनर्गठन कार्यक्रम पर चर्चा पूरी होने के बाद आने वाले सितंबर तक इसे सफलतापूर्वक पूरा करने और अर्थव्यवस्था को स्थिर स्तर पर लाना संभव है। हमने संसद में आईएमएफ के साथ समझौते को प्रस्तुत किया है, जहां इसे पारित कर दिया गया है। श्रीलंका पोडुजना पेरामुना (एसएलपीपी) के सदस्यों ने अपनी जताते हुए यूनाइटेड नेशनल पार्टी की आर्थिक नीति को जरूरी समर्थन दिया है। अगर इस देश को आर्थिक संकट से उबरना है तो यह समर्थन बहुत महत्वपूर्ण है। हमें एक साथ काम करके देश को दिवालियापन से बाहर करके एक समृद्ध देश बनाना होगा।  
विज्ञापन


इस दौरान उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि उनके पास अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) द्वारा लगाई गई कठिन शर्तों को पूरा करने के अलावा और कोई विकल्प नहीं था।   

गौरतलब है कि कर्ज में डूबा श्रीलंका अभी भी अपनी संकटग्रस्त अर्थव्यवस्था को सामान्य करने के लिए संघर्ष कर रहा है। बीते साल अप्रैल में उसने खुद को दिवालिया घोषित कर दिया था। श्रीलंका का कुल कर्ज 83.6 अरब अमेरिकी डॉलर है, जिसमें विदेशी कर्ज 42.6 अरब अमेरिकी डॉलर और घरेलू कर्ज 42 अरब अमेरिकी डॉलर है। श्रीलंका की कुल अर्थव्यवस्था 84.5 बिलियन डॉलर की है। 

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें