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US-China Trade Deal: 'चीन कर रहा टैरिफ समझौते का पूरी तरह से उल्लंघन'; ट्रंप ने जिनपिंग पर लगाये गंभीर आरोप

Fri, 30 May 2025 07:46 PM IST
शिव शुक्ला वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन

सार

इस महीने की शुरुआत में अमेरिका और चीन इस बात पर सहमत हुए थे कि वे 90 दिनों की शुरुआती अवधि के लिए अपने पहले से घोषित पारस्परिक शुल्क और जवाबी शुल्क वापस ले लेंगे। अब अमेरिकी राष्ट्रपति ने चीन पर समझौते का उल्लंघन करने का आरोप लगाया है। 
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डोनाल्ड ट्रंप और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग - फोटो : एएनआई / अमर उजाला प्रिंट
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विस्तार
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चीन और अमेरिका के बीच चल रहे टैरिफ वार के बीच एक बार फिर तनाव बढ़ गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चीन पर टैरिफ को लेकर हुए समझौते का पूरी तरह से उल्लंघन का आरोप लगाया है। सोशल मीडिया प्लेटफार्म ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट में ट्रंप ने चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग पर गंभीर आरोप लगाए। ट्रंप ने कहा कि दो सप्ताह पहले जब चीन में स्थितियां बदतर होने लगी थीं तब मैंने एक डील के जरिए उन्हें उस स्थिति से बचाया था, लेकिन जब वहां सब कुछ सामान्य हो गया तो उन्होंने समझौते का पूरी तरह से उल्लंघन कर रहे हैं। ट्रंप द्वारा इस पोस्ट के कुछ देर बाद ही अमेरिकी ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेन्ट ने फॉक्स न्यूज को दिये एक साक्षात्कार में भी इस पर बात की। इसमें उन्होंने कहा कि चीन के साथ व्यापार वार्ता 'थोड़ी रुकी हुई' है।

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ट्रुथ सोशल पर ट्रंप ने क्या लिखा?
चीन के साथ टैरिफ समझौते को लेकर ट्रुथ सोशल पर अमेरिकी राष्ट्रपति ने लिखा कि दो सप्ताह पहले चीन गंभीर आर्थिक खतरे में था। अमेरिकी टैरिफ के कारण चीन के लिए हमारे यहां के बाजारों में व्यापार करना लगभग असंभव हो गया था। उन्होंने कहा कि हम वास्तव में चीन के साथ 'कोल्ड टर्की' की ओर चले गए थे, यह उनके लिए विनाशकारी था। हमारे टैरिफ के कारण चीन के कई कारखाने बंद हो गए, ट्रंप ने कहा कि इसे अगर किसी दूसरे तरह से कहें तो वहां नागरिक अशांति थी। ट्रंप ने कहा कि जब मैंने यह स्थितियां देखीं तो मुझे यह पसंद नहीं आया। जिस पर मैंने चीन के साथ एक डील की ताकि उन्हें उस स्थिति से बचाया जा सके। मुझे लगा कि वहां चीजें बहुत खराब होने वाली थीं, और मैं ऐसा होते नहीं देखना चाहता था। अपनी पोस्ट में ट्रंप ने आगे लिखा कि इस डील के कारण सब कुछ जल्दी स्थिर हो गया। चीन भी सामान्य रूप से व्यापार करने लगा। इससे हर कोई खुश था। लेकिन बुरी खबर यह है कि चीन आश्चर्यजनक तरीके से हमारे साथ किए गए समझौते का उल्लंघन कर रहा है। आगे उन्होंने यह भी कहा कि मिस्टर नाइस गाइ बनने के लिए वे कितना कुछ करें!    

 
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12 मई को समझौते पर बनी थी सहमति
इस महीने की शुरुआत में अमेरिका और चीन इस बात पर सहमत हुए थे कि वे 90 दिनों की शुरुआती अवधि के लिए अपने पहले से घोषित पारस्परिक शुल्क और जवाबी शुल्क वापस ले लेंगे। इस अवधि में, चीन अमेरिकी वस्तुओं पर 10 प्रतिशत शुल्क लगाएगा, और अमेरिका चीनी वस्तुओं पर लगभग 30 प्रतिशत तक शुल्क वसूलेगा। 12 मई को जारी हुए संयुक्त बयान के अनुसार, वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए उनके द्विपक्षीय आर्थिक और व्यापार संबंधों के महत्व को पहचानते हुए अमेरिका और चीन के बीच सहमति बनी। इसमें कहा गया था कि दोनों देशों ने अपनी हालिया चर्चाओं पर विचार किया और माना कि निरंतर चर्चाओं में उनके आर्थिक और व्यापार संबंधों में प्रत्येक पक्ष की चिंताओं को दूर करने की क्षमता है। आगे बढ़ते हुए, दोनों देश आर्थिक और व्यापार संबंधों के बारे में चर्चा जारी रखने के लिए एक तंत्र स्थापित करेंगे।
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अमेरिका ने पूर्व में 90 दिनों के लिए टैरिफ को टालने का लिया था फैसला
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने दर्जनों ऐसे देशों पर पारस्परिक शुल्क लगाए थे, जिनके साथ अमेरिका का व्यापार घाटा है। बाद में, राष्ट्रपति ट्रंप ने कई देशों द्वारा व्यापार समझौते के लिए अमेरिकी प्रशासन के साथ बातचीत शुरू करने के बाद 90 दिनों के लिए शुल्क रोकने का फैसला किया। ये अवधि 9 अप्रैल से शुरू हुई थी, इस अवधि में, राष्ट्रपति ट्रंप ने सभी देशों पर 10 प्रतिशत बेसलाइन शुल्क की बात कही थी। वहीं, तब चीन के लिए, ट्रंप ने संकेत दिया था कि शुल्क 245 प्रतिशत तक बढ़ सकते हैं। वहीं, तब अमेरिका के लिए, चीनी शुल्क 125 प्रतिशत थे। 

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