भारत के प्रोजेक्ट चीता को अब नई उड़ान मिलने जा रही है। प्रोजेक्ट चीता के अगले चरण के लिए अफ्रीकी देश बोत्सवाना ने बृहस्पतिवार को भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को उनके दौरे के आखिरी दिन आठ चीते प्रतीकात्मक रूप से सौंपे। क्वारंटीन पूरा होने के बाद सभी आठ चीते भारत लाए जाएंगे। राष्ट्रपति मुर्मू बोत्सवाना में उनकी समकक्ष ड्यूमा गिदोन बोको ने एक संरक्षण केंद्र में सफारी वाहन पर सवार होकर पकड़े गए दो चीतों को क्वारंटीन बाड़े में छोड़ने की घटना को भी देखा।
चीतों को कालाहारी रेगिस्तान स्थित घान्जी शहर से मोकोलोडी नेचर रिजर्व में रखा गया है। राष्ट्रपति मुर्मू ने वन्यजीव संरक्षण में सहयोग के लिए बोत्सवाना को धन्यवाद दिया। भारत में प्रोजेक्ट चीता के तहत पहले ही दक्षिण अफ्रीका और नामीबिया से 20 चीते लाए जा चुके हैं।
वहीं, भारतीय समुदाय के उत्साही सदस्यों को संबोधित करते हुए, राष्ट्रपति ने कहा कि भारत के लोगों को उनके योगदान पर गर्व है। वह भारत के सच्चे सांस्कृतिक राजदूत हैं, जो कड़ी मेहनत, ईमानदारी और सद्भाव के मूल्यों का प्रतिनिधित्व करते हैं, जो भारत और बोत्सवाना दोनों की पहचान हैं। उन्होंने उनसे भारत के साथ अपने संबंधों को मजबूत करते हुए बोत्सवाना की प्रगति में योगदान जारी रखने का आग्रह किया।
उन्होंने उन्हें ओसीआई योजना और प्रवासी भारतीय दिवस जैसी पहलों का लाभ उठाने और भारत के विकास में अपने अनुभव साझा करने के लिए भी प्रोत्साहित किया। राष्ट्रपति ने कहा कि भारत और बोत्सवाना के बीच संबंध विश्वास, सम्मान और साझा लोकतांत्रिक मूल्यों पर आधारित हैं। अपने दौरे के दौरन राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने बृहस्पतिवार को बोत्सवाना की राजधानी गबोरोन में भारतीय समुदाय को संबोधित करने से पहले दिल्ली आतंकी हमले के पीड़ितों की स्मृति में एक मिनट का मौन भी रखा।