अमेरिका में मध्यावधि संसदीय चुनाव अभी लगभग साढ़े पांच महीने दूर है, लेकिन अभी से उसमें राष्ट्रपति जो बाइडन की डेमोक्रेटिक पार्टी की बुरी हार होने की भविष्यवाणी की जा रही है। एक ताजा सर्वे के मुताबिक देश में रिपब्लिकन पार्टी के पक्ष में माहौल मजबूत होता जा रहा है। यह देश में बनी इस धारणा का परिणाम है कि बाइडन प्रशासन हर मोर्चे पर बुरी तरह नाकाम रहा है।
बाइडन जब राष्ट्रपति चुने गए, तब उन्हें 51 फीसदी वोट मिले थे। विश्लेषकों के मुताबिक इसका अर्थ यह है कि बीते डेढ़ साल में उन्होंने लगभग 12 फीसदी लोगों को निराश कर दिया है। एक अन्य सर्वे एजेंसी जेएमसी एनालिटिक्स ने अपने ताजा सर्वे के बाद कहा है कि मौजूदा माहौल को देखते हुए नवंबर 2022 में होने वाले संसदीय चुनाव में रिपब्लिकन पार्टी को भारी फायदा मिलने की उम्मीद है। अमेरिका में एक बार संसदीय चुनाव राष्ट्रपति के कार्यकाल की मध्य अवधि में होता है। इसे मिडटर्म्स कहा जाता है।
जेएमसी एनालिटिक्स के संस्थापक जॉन कॉविलॉन ने अखबार द न्यूयॉर्क पोस्ट से कहा- ‘मैंने जिस किसी राज्य में पिछले चुनाव की तुलना में लोगों का मूड बदलने का अध्ययन किया, वहां मुझे रिपब्लिकन पार्टी के पक्ष में भारी बदलाव दिखा।’ कॉविलॉन ने अपनी सर्वे रिपोर्ट में कहा है कि सत्ताधारी दल के खिलाफ बन रहे माहौल के पीछे मुख्य रूप से तीन कारण हैं। इनमें पहला यह है कि रिपब्लिकन पार्टी के समर्थक अपेक्षाकृत अधिक उत्साहित हैं, दूसरा मतदाता पंजीकरण संबंधी नियमों में बदलाव का लाभ रिपब्लिकन पार्टी को मिल रहा है, और तीसरा देश का कुल राजनीतिक माहौल उनके लिए अनुकूल स्थिति बना रहा है।
पिछले राष्ट्रपति चुनाव के बाद से कई रिपब्लिकन शासित राज्यों ने मतदाता रजिस्ट्रेशन और मतदान संबंधी नियमों में बदलाव किए हैं। समझा जाता है कि इनके जरिए ब्लैक और अल्पसंख्यक मतदाताओं के लिए वोट डालना मुश्किल बना दिया गया है। आम तौर पर ये मतदाता डेमोक्रेटिक पार्टी का समर्थक समझे जाते हैं। राष्ट्रपति बाइडन ने इन नियमों को पलटने के लिए राष्ट्रीय कानून बनाने की पेशकश की थी। लेकिन कांग्रेस (संसद) के ऊपरी सदन सीनेट में पर्याप्त समर्थन ना मिल पाने के कारण संबंधित बिल पास नहीं हो सका है।