युद्ध के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन सोमवार को अचानक यूक्रेन की राजधानी कीव पहुंचकर दुनिया भर के लोगों को हैरान कर दिया। यूक्रेन पहुंचने के लिए बाइडन ने जो गुप्त योजना बनाई वह अब मीडिया में चर्चा का विषय बन गई है। बाइडन 20 फरवरी को स्टइलिश चश्मे, डिजाइनर ओवरकोट और पॉलिश्ड जूतों में कीव पहुंचकर रूस को कड़ा संदेश दिया। बाइडन अपनी इस 'सरप्राइज विजिट' के बाद अमेरिकी मीडिया में स्टार बन गए हैं।
ऐसी रही बाइडन की गुप्त यात्रा
बाइडेन की यह यात्रा सोमवार सुबह अचानक से वाशिंगटन स्थित सैन्य हवाई अड्डे हैंगर में आधी रात में शुरू हुई। जो बाइडेन एक वायु सेना बोइंग 757 में सवार हुए, जिसे C-32 के रूप में जाना जाता है। पंद्रह मिनट बाद बाइडन, कुछ सुरक्षाकर्मी, एक छोटी मेडिकल टीम, करीबी सलाहकार, और दो पत्रकार युद्ध क्षेत्र के रास्ते से यात्रा पर निकल गए।
सबसे पहले पत्रकार के फोन किए गए जब्त
द वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्टर, सबरीना सिद्दीकी ने खुलासा किया उन्हें और फोटोग्राफर को सुबह 2:15 बजे वाशिंगटन के बाहर ज्वाइंट बेस एंड्रयूज में बुलाया गया था। उनके फोन जब्त कर लिए गए और कहा गया कि जब तक बाइडन 24 घंटे बाद यूक्रेन की राजधानी में नहीं पहुंचेंगे, तब तक उन्हें वापस नहीं किया जाएगा।
जर्मनी-पोलैंड के रास्ते भरी उड़ान
उन्होंने ईंधन भरने के लिए वाशिंगटन से रामस्टीन, जर्मनी में अमेरिकी सैन्य अड्डे तक लगभग सात घंटे तक उड़ान भरी। यहां भी उनके प्लेन की विंडो शेड नीचे ही रहे और वे प्लेन से बाहर तक भी नहीं निकले। उनकी अगली उड़ान पोलैंड के लिए थी, जो रेज़्ज़ो-जेसिओनका हवाई अड्डे पर उतरी।
जोखिम भरी ओवरनाइट साइलेंट ट्रेन में यात्रा
स्थानीय समयानुसार रात के 9:15 बज चुके थे, तब बाइडन ओवरनाइट साइलेंट ट्रेन में सवार हो गए। तब पत्रकारों को भी सवार होने के लिए कहा गया था। ट्रेन में अधिकांश लोग भारी सुरक्षा वाले थे। यूक्रेन में यह 10 घंटे की यात्रा, किसी भी अमेरिकी राष्ट्रपति द्वारा की गई यात्रा से अलग थी। एक सक्रिय युद्ध क्षेत्र में ट्रेन से यात्रा करना, जहां अफगानिस्तान या इराक में राष्ट्रपति के दौरे के विपरीत, अमेरिकी सैनिक सुरक्षा प्रदान करने वाले मौजूद नहीं हैं।
सुबह 8:07 बजे बाइडन पहुंचे यूक्रेन
बाइडन जिस ट्रेन में सवार हुए थे वह सुबह आठ बजकर सात मिनट पर कीव में दाखिल हुई थी। जो बाइडन ने यहां पहुंचने पर कहा कि कीव में वापस आना अच्छा लग रहा है। इससे पहले वह बाइडन ने यूक्रेन का दौरा तब किया था जब वे ओबामा की सरकार में उप राषट्रपति के पद पर तैनात थे।