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US: प्रशांत क्षेत्र के नेताओं से बोले अमेरिकी राष्ट्रपति बाइडन- आप पर निर्भर है अमेरिका और दुनिया की सुरक्षा

Fri, 30 Sep 2022 05:37 PM IST
निर्मल कांत वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन

सार

बाइडन ने कहा, हमेशा की तरह आज भी प्रशांत क्षेत्र की सुरक्षा हमारे लिए महत्वपूर्ण है। अमेरिका और दुनिया की सुरक्षा, आपकी और प्रशांत द्वीप समूह की सुरक्षा पर निर्भर करती है। 
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अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन - फोटो : पीटीआई (फाइल)
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विस्तार
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राष्ट्रपति जो बाइडन ने कहा है कि अमेरिका एक मुक्त, खुले, स्थिर और सुरक्षित हिंद-प्रशांत क्षेत्र के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने प्रशांत क्षेत्र यहां पहुंचे एक दर्जन से ज्यादा नेताओं को संबोधित किया। बाइडन ने कहा कि दुनिया के इतिहास का एक बड़ा हिस्सा आने वाले वर्षों में रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण इस क्षेत्र में लिखा जाएगा। 

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अमेरिकी राष्ट्रपति गुरुवार को आयोजित पहले शिखर सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। शिखर सम्मेलन में वे नेता पहुंचे हुए थे जिन्होंने हिंद-प्रशांत क्षेत्र को सुरक्षित बनाने और द्वीप राष्ट्रों को चीन के बढ़ते दबदबे से दूर रखने के लिए क्षेत्र में असाधारण प्रयास किए हैं। 

'अमेरिका की सुरक्षा प्रशांत द्वीप समूह पर निर्भर'
बाइडन ने कहा, हमेशा की तरह आज भी प्रशांत क्षेत्र की सुरक्षा हमारे लिए महत्वपूर्ण है। अमेरिका और दुनिया की सुरक्षा, आपकी और प्रशांत द्वीप समूह की सुरक्षा पर निर्भर करती है। उन्होंने कहा कि इस शिखर सम्मेलन के पीछे का उद्देश्य एक दूसरे प्रति स्थायी प्रतिबद्धता को गहरा करना है। बाइडन ने आगे कहा कि हमारी प्रतिबद्धता जलवायु संकट से निपटने की भी है जिससे सभी को खतरा है। 
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'हिंद-प्रशांत क्षेत्र में लिखा जाएगा दुनिया के इतिहास का बड़ा हिस्सा'
उन्होंने आगे कहा, आने वर्षों और दशकों में दुनिया के इतिहास का एक बड़ा हिस्सा हिंद-प्रशांत क्षेत्र में लिखा जाएगा और प्रशांत द्वीप समूह उसे आकार देने में एक महत्वपूर्ण आवाज हैं।

शिखर सम्मेलन में इन देशों के नेताओं ने लिया हिस्सा
अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि उनके प्रशासन ने प्रशांत देशों और प्रशांत द्वीप समूह फोरम के साथ अमेरिका की साझेदारी को मजबूत करने को प्राथमिकता दी है। इस शिखर सम्मेलन में सोलोमन द्वीप, फिजी, माइक्रोनेशिया, पापुआ न्यू गिनी, तुवालु, मार्शल द्वीप, समोआ, टोंगा, पोलिनेशिया, न्यू कैलेडोनिया और कुक द्वीप समूह के राष्ट्राध्यक्षों ने हिस्सा लिया। 

भारत को सुरक्षा परिषद सदस्यता का पाकिस्तान ने किया विरोध
इधर, पाकिस्तान के विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो ने बताया कि उनके देश ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद का विस्तार कर उसमें भारत को स्थायी स्थान देने का विरोध किया है। पाकिस्तानी दूतावास में पत्रकारों से वार्ता में बिलावल ने जलवायु संकट पर भारत और अन्य देशों के साथ मिलकर काम करने की इच्छा जताते हुए कहा कि इस मुद्दे पर हमें मिलकर काम करना चाहिए। 

जब मैं इस पर अमेरिका और चीन से मिलकर काम करने का अनुरोध करता हूं तो यह स्वीकार करने का नैतिक साहस होना चाहिए कि जो भी मतभेद हों, भारत और पाकिस्तान भी मिलकर काम करें। हाल में हुए संयुक्त राष्ट्र महासभा सत्र में अनेक विकासशील और विकसित देशों ने भारत को सुरक्षा परिषद का स्थायी सदस्य बनाने का समर्थन किया था।

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