राष्ट्रपति जो बाइडन और रूस के राष्ट्रपति ब्लादिमीर पुतिन के बीच यूक्रेन सीमा के पास हजारों रूसी सैनिकों के जमावड़े पर दो घंटे तक चली बातचीत के बाद भी यह तनाव दूर नहीं हुआ है।
बाइडन ने इस वीडियो वार्ता में यूक्रेन पर हमला करने की स्थिति में रूसी अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचाने वाले प्रतिबंधों की सख्त चेतावनी के बावजूद यह तनाव जारी है। इससे वार्ता की सफलता दिखाई नहीं दे रही है।
पुतिन के विदेशी सलाहकार यूरी उशाकोव के मुताबिक, रूसी राष्ट्रपति ने बाइडन को स्पष्ट कर दिया है कि हमारी सेना अपने क्षेत्र में है और उनकी तरफ से कोई धमकी नहीं दी गई है। यूक्रेन के सवाल पर तनाव कम करने के लिए तत्काल कोई सफलता नहीं मिलने के कारण अमेरिका ने कूटनीति और तनाव कम करने की नीति की जरूरत पर जोर दिया है।
अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जेक सुलिवन ने कहा कि बाइडन ने राष्ट्रपति पुतिन से सीधे तौर पर कहा कि यदि रूस ने यूक्रेन पर हमला किया तो अमेरिका और उसके सहयोगी मजबूत आर्थिक प्रतिबंधों के साथ इसका जवाब देंगे। बाइडन ने पुतिन को यह भी कहा है कि युद्ध की स्थिति में हमारी तरफ से यूक्रेन को अतिरिक्त रक्षा सामग्री दी जाएगी।
सैन्य क्षति में बाइडन की रुचि नहीं
व्हाइट हाउस ने कहा, बाइडन की यूक्रेन की रक्षा में अमेरिकी सैनिकों को नुकसान पहुंचाने में कोई दिलचस्पी नहीं है। लेकिन सुलिवन ने कहा कि क्षेत्रीय सहयोगियों को मजबूत करने की कोशिशों से नाटो सहयोगियों के लिए सैनिकों की अतिरिक्त तैनाती संभव है। इस बीच, शीर्ष अमेरिकी दूत विक्टोरिया नुलैंड ने कहा, यूक्रेन पर रूसी हमला रूस-जर्मनी की विवादास्पद पाइपलाइन (नॉर्ड स्ट्रीम-2) को भी खतरे में डालेगा।
प्रतिबंध कोई नहीं बात नहीं : रूस
रूसी राष्ट्रपति के विदेश मामलों के सलाहकार उशाकोव ने बाइडन-पुतिन वार्ता के बाद कहा कि प्रतिबंध कोई नहीं बात नहीं हैं। वे लंबे समय से लागू हैं और उनका रूस पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। उन्होंने दोनों राष्ट्रपतियों के वीडियो कॉन्फ्रेंस को व्यावसायिक बताया और कहा कि दोनों ने बीच-बीच में चुटकुलों का भी आदान-प्रदान किया।