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China: सीपीसी में मजबूत हो रहा है राष्ट्रपति जिनपिंग विरोधी धड़ा, हू चुनहुआ चुने जा सकते हैं पीएम

Fri, 19 Aug 2022 01:24 PM IST
सुरेंद्र जोशी वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, बीजिंग

सार

इस हफ्ते हुई सीपीसी की बैठक के बाद एक नाम पर सबका ध्यान टिका है। वे हैं-उप प्रधानमंत्री हू चुनहुआ। समझा जाता है कि अक्तूबर में उन्हें प्रधानमंत्री चुना जा सकता है। मौजूदा प्रधानमंत्री ली किचियांग घोषणा कर चुके हैं कि पार्टी कांग्रेस के बाद वे पद पर नहीं रहेंगे।

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चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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चीन की कम्युनिस्ट (सीपीसी) पार्टी की बीजिंग के समीप बीदायहे में हुई एक खास बैठक से कुछ महत्वपूर्ण संकेत उभरे हैं। पार्टी की ये बैठक अहम मसलों पर चर्चा के लिए बुलाई गई थी। वेबसाइट निक्कईएशिया.कॉम की एक रिपोर्ट के मुताबिक बैठक में अगली पार्टी कांग्रेस (महाधिवेशन) के दौरान ऊंचे पदों के लिए होने वाले चुनाव का मसला हावी रहा। सीपीसी का सम्मेलन अक्तूबर में होने वाला है।

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इस हफ्ते हुई सीपीसी की बैठक के बाद एक नाम पर सबका ध्यान टिका है। वे हैं-उप प्रधानमंत्री हू चुनहुआ। अक्तूबर की पार्टी कांग्रेस में उन्हें प्रधानमंत्री चुना जा सकता है। मौजूदा प्रधानमंत्री ली किचियांग घोषणा कर चुके हैं कि पार्टी कांग्रेस के बाद वे पद पर नहीं रहेंगे। हू चुनहुआ के बारे में माना जाता है कि वे शी जिनपिंग के खेमे के नहीं हैं। इसलिए अगर उन्हें प्रधानमंत्री चुना गया, तो इसे शी के लिए एक झटका समझा जाएगा।

हर साल होती है अनौपचारिक बैठक
बीदायहे में चीन की कम्युनिस्ट पार्टी के नेताओं की हर साल एक अनौपचारिक बैठक होती है। इसमें औपचारिक फैसलों के पहले आपस में सहमति बनाने की कोशिश की जाती है। बुधवार को सीपीसी के अखबार 'पीपुल्स डेली' ने बताया कि इस बैठक के बाद शी जिनपिंग लाओनिंग प्रांत चले गए। इसके पहले मंगलवार को प्रधानमंत्री ली किचियांग ग्वांगदोंग प्रांत में एक बैठक में शामिल हुए। 
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बैठक के बाद मिला यह संकेत
पर्यवेक्षकों ने ध्यान दिलाया है कि पार्टी के दोनों वरिष्ठ नेता बीदायहे बैठक से लौट कर दूसरे कार्यक्रमों के लिए रवाना हो गए हैं। चीन सरकार में राष्ट्रपति के बाद प्रधानमंत्री को सबसे महत्वपूर्ण पद समझा जाता है। इस तरह दोनों वरिष्ठ नेताओं के बीदायहे बैठक से सबसे पहले चले जाने को महत्वपूर्ण संकेत माना गया है।

तीसरी बार राष्ट्रपति चुना जाना तय
सीपीसी की कांग्रेस 'सम्मेलन' हर पांच साल पर होती है। आम समझ है कि अगली कांग्रेस में शी जिनपिंग को तगातार तीसरे कार्यकाल के लिए पार्टी महासचिव और राष्ट्रपति चुन लिया जाएगा। लेकिन हू चुनहुआ का चुनाव यह संकेत देगा कि अब शी पार्टी को अपनी मनमर्जी से नहीं चला पा रहे हैं। हू का संबंध पार्टी के उस खेमे से है, जिसके बारे में राय है कि शी जिनपिंग ने उसे किनारे कर रखा है।

चार उप प्रधानमंत्रियो में से एक हैं हू
हू फिलहाल चार उप प्रधानमंत्रियों में एक हैं। वे पार्टी की 25 सदस्यीय पोलित ब्यूरो के सदस्य हैं। उनके राजनीतिक करियर की शुरुआत कम्युनिस्ट यूथ लीग के कार्यकर्ता के रूप में हुई थी। बाद में उन्होंने मंगोलिया और ग्वांगदोंग में पार्टी के सचिव पद की जिम्मेदारी संभाली। जानकारों का कहना है कि पार्टी में उनका रिकॉर्ड जोरदार है। आर्थिक नियोजन में उन्हें माहिर समझा जाता है। इसलिए प्रधानमंत्री पद का वे मजबूत दावेदार हैं। संकेत हैं कि पार्टी के ज्यादातर धड़े इस पद के लिए उनके नाम का समर्थन कर रहे हैं।

जिनपिंग के उत्तराधिकारी हो सकते हैं हू
इस बीच 27 जुलाई को पीपुल्स डेली में छपा उनका लेख इन दिनों चीन में काफी चर्चित है। इस लेख में हू ने शी जिनपिंग के नेतृत्व की तारीफ की है। उस लेख में 50 से ज्यादा बार उन्होंने शी का नाम लेकर उल्लेख किया। इसे भी एक अहम संकेत समझा गया है। गौरतलब है कि शी जिनपिंग कम्युनिस्ट यूथ लीग से आए सदस्यों से दूरी बना कर चलते रहे हैं। संभवतः हू ने अब उनसे तालमेल बनाने की कोशिश की है। समझा जाता है कि अगर 59 वर्षीय हू प्रधानमंत्री बने, तो आगे चल कर वे शी के उत्तराधिकारी के रूप में उभर सकते हैं।

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