राष्ट्रपति मुर्मू 13 से 19 अक्तूबर तक अफ्रीका के तीन देशों के दौरे पर हैं, जिसमें वे अल्जीरिया, मॉरिटानिया और मलावी का दौरा करेंगी। इसी कड़ी में पहले दिन वह अल्जीरिया पहुंचीं। उन्होंने अल्जीयर्स में भारतीय समुदाय को संबोधित करने के साथ ही उनके बच्चों से भी बातचीत की। इस मौके पर राष्ट्रपति मुर्मू ने भारत के विकास में सहयोग के लिए भारतीय समुदाय की सराहना की। उन्होंने कहा कि 1.4 अरब भारतीयों के सामूहिक प्रयासों से, हम आशा और आकांक्षाओं की एक नई यात्रा पर निकल पड़े हैं। जबकि भारत तेज गति से आगे बढ़ रहा है, एलेग्रिया और विदेशों में भारतीय समुदाय की सद्भावना पर अधिक जोर नहीं दिया जा सकता है।
राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा कि यह गर्व की बात है कि हमारा देश दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया है। आज, भारत वैश्विक विकास में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। आठ फीसदी की लगातार वार्षिक वृद्धि के साथ, भारत सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में से एक है। गरीबी से नीचे रहने वाले लोगों की संख्या में भी उल्लेखनीय कमी आई है।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भारत और अल्जीरिया के बीच गहरे और बढ़ते राजनीतिक संबंधों पर भी प्रकाश डाला। अल्जीयर्स में भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए, उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि भौगोलिक दूरी के बावजूद, दोनों देश अल्जीरिया की स्वतंत्रता के बाद से एक दूसरे के करीब रहे हैं। उन्होंने कहा, 'जब अल्जीरिया 1962 में स्वतंत्र हुआ, तो भारत अल्जीरिया का समर्थन करने के लिए वहां था और हमने तुरंत राजनीतिक संबंध स्थापित किए। तब से, राजनीतिक संबंध कई गुना बढ़ गए हैं। इस संदर्भ में मेरी यात्रा का विशेष महत्व है। भौगोलिक दूरी के बावजूद, हमारे बीच हमेशा घनिष्ठता रही है। हमारे राजनीतिक नेताओं के अल्जीरियाई नेताओं के साथ हमेशा अच्छे संबंध रहे हैं।' अल्जीयर्स में अपने संबोधन के बाद राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भारतीय समुदाय के एक समूह के साथ एक सामूहिक फोटो भी कराया।
इससे पहले, अल्जीरिया पहुंचने पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का उनके अल्जीरियाई समकक्ष अब्देलमदजीद तेब्बौने ने हवाई अड्डे पर गर्मजोशी से स्वागत किया। इस दौरान उनके साथ कैबिनेट के अन्य सदस्य भी मौजूद थे।
इसके अलावा, अल्जीरिया में भारतीय राजदूत स्वाति कुलकर्णी ने भी भारतीय समुदाय को संबोधित किया और दोनों देशों के बीच ऐतिहासिक बंधन पर जोर दिया। उन्होंने कहा, 'यह भारत-अल्जीरिया संबंधों में एक बहुत ही विशेष दिन है। भौगोलिक रूप से दूर होने के बावजूद, भारत और अल्जीरिया ऐतिहासिक रूप से करीब हैं। भारत ने उपनिवेशवाद के खिलाफ अल्जीरियाई मुक्ति आंदोलन का शुरू से ही समर्थन किया है। वर्षों से, आपसी विश्वास और साझा हितों ने इस खूबसूरत साझेदारी को मजबूत किया है।'
बता दें कि राष्ट्रपति मुर्मू 14 अक्तूबर को अल्जीरियाई स्वतंत्रता संग्राम में अपनी जान गंवाने वाले लोगों के सम्मान में बनाए गए मकाम इचाहिद स्मारक पर अपनी श्रद्धांजलि अर्पित करेंगी। समारोह के बाद, वह राष्ट्रपति अब्देलमदजीद तेब्बौने के साथ एक निजी बातचीत करेंगी, जिसके बाद प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता होगी और उनके सम्मान में एक भोज का आयोजन किया जाएगा। वह उसी दिन अल्जीरिया-भारत आर्थिक मंच को भी संबोधित करेंगी। राष्ट्रपति मुर्मू सिदी अब्देल्लाह विज्ञान और प्रौद्योगिकी पोल विश्वविद्यालय में भी भाषण देंगी।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के अल्जीरिया दौरे को लेकर वहां रहने वाले भारतीय समुदाय के सदस्य ललनजी झा ने कहा कि मैं 2015 से यहां रह रहा हूं। 2015 के बाद यह पहली बार है कि भारत का कोई वरिष्ठ नेता यहां आया है। जब हमें राष्ट्रपति की यात्रा के बारे में पता चला तो हम सभी उनसे मिलने के लिए बहुत उत्साहित थे। उन्होंने भारत-अल्जीरिया संबंध के बारे में बात की। यहां के लोग भारतीयों का बहुत सम्मान करते हैं।
अल्जीरिया में रहने वाली भारतवंशी गार्गी सलवान ने कहा कि मैं दिसंबर 2017 से यहां रह रही हूं। राष्ट्रपति मुर्मू को यहां देखना मेरे लिए गर्व का क्षण है। उन्होंने हमें बहुत प्रेरित किया है। अल्जीरियाई लोग भारतीयों का बहुत सम्मान करते हैं। मुझे यकीन है कि उनकी यात्रा अल्जीरिया और भारत के लिहाज से अच्छी होगी।