अल्बानिया के अर्थव्यवस्था, संस्कृति और नवाचार मंत्री ब्लेंडी गोंक्सजा ने कहा कि अल्बानिया बाल्कन क्षेत्र में भारत के लिए एक विश्वसनीय रणनीतिक साझेदार हो सकता है। उन्होंने कहा कि अल्बानिया क्षेत्र में स्थिरता की भूमिका निभा रहा है और यूरोपीय संघ में शामिल होने के लिए काम कर रहा है।
गोंक्सजा ने कहा कि भारत सरकार को अल्बानिया के बारे में भू-राजनीतिक और कूटनीतिक रूप से अधिक सोचना चाहिए। उन्होंने यूरोपीय संघ में शामिल होने की दिशा में अपने देश के प्रयासों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा, 'किसी भी देश का गर्वित साझेदार बनने के लिए हमने काफी काम किया है। अब, यह भारत सरकार पर निर्भर करता है। जब वे अच्छे दोस्त तलाशते हैं, तो हम सबसे अच्छे दोस्त होते हैं। हम वे लोग हैं जिन पर भारत भरोसा कर सकता है।'
एक साक्षात्कार में गोंक्सजा ने कहा, अल्बानिया और भारत के बीच व्यवसाय, संस्कृति और पर्यटन के क्षेत्र में सहयोग की अपार संभावनाएं हैं। अल्बानिया में व्यवसायों के लिए कर कटौती और अन्य प्रोत्साहन हैं, और यह भारतीय कंपनियों के लिए यूरोप और बाल्कन में पहुंच के लिए एक गेटवे के रूप में कार्य कर सकता है।
गोंक्सजा ने कहा कि अल्बानिया के निर्माण और पर्यटन क्षेत्र में भी भारत के साथ सहयोग की संभावनाएं हैं। उन्होंने कहा कि अल्बानिया भारतीय पर्यटकों और फिल्म निर्माताओं के लिए स्विट्जरलैंड के विकल्प के रूप में एक आकर्षक गंतव्य हो सकता है।
दुनिया भर में हो रहे घटनाक्रमों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, 'यह बुद्धिमान मित्रता और गठबंधन का समय है। इसलिए, मेरा मानना है कि अल्बानिया और भारत के बीच जल्द ही बहुत मजबूत संबंध होंगे।'
उन्होंने कहा कि अल्बानिया अपनी संस्कृति और मूल्यों का सम्मान करने वाले निवेशकों की तलाश में है, और भारत के साथ उच्च स्तरीय यात्राओं और व्यवसायिक बातचीत को बढ़ावा देने की उम्मीद है, ताकि दोनों देशों के बीच संबंधों को मजबूत किया जा सके।
मंत्री ने कहा कि द्विपक्षीय सहयोग में पहला कदम यह है कि दोनों देशों के लोग एक साथ काम करना शुरू करें। उन्होंने कहा, अल्बानिया अपनी वीजा व्यवस्था को आसान बनाएगा और इसे गतिशील बनाएगा।
उन्होंने कहा, 'हमें ऐसे निवेशकों और लोगों की जरूरत है जो हमारी संस्कृति का सम्मान करते हैं जैसा कि भारत हमेशा करता है।' गोंक्सजा ने कहा, 'हम संबंधों को मजबूत करने और आपसी अवसरों का पता लगाने के लिए भारत और अल्बानिया के बीच उच्च स्तरीय यात्राओं और व्यापारिक बातचीत की सुविधा की भी उम्मीद करते हैं।'