अर्थव्यवस्था हो सकती है प्रभावित
ट्रंप प्रशासन के निर्देशों के बाद बताया जा रहा है कि सरकार की इस प्रक्रिया के बाद अमेरिकी अर्थव्यवस्था हो सकती है। प्यू रिसर्च सेंटर के अनुसार पिछले साल नवंबर तक संघीय सरकार ने तीन मिलियन से ज्यादा लोगों को रोजगार दिया था, यह देश के कुल नागरिक कार्यबल का लगभग 1.9% था। वहीं एक संघीय कर्मचारी का औसत कार्यकाल लगभग 12 साल है। बताया जा रहा है कि अगर कर्मचारियों का एक अंश भी सरकार के निर्देश को स्वीकार कर लेता है तो अर्थव्यवस्था में उथल-पुथल मच सकती है। इससे पूरे समाज में व्यवधान उत्पन्न हो सकता है।
इन निर्देशों के बाद वेटरन्स अफेयर्स डिपार्टमेंट में कार्यरत अनगिनत फ्रंट-लाइन स्वास्थ्य कार्यकर्ता, घर खरीदने वालों या छोटे व्यवसायों के लिए ऋण प्रक्रिया करने वाले अधिकारी और सैन्य हथियार खरीदने में मदद करने वाले ठेकेदार सभी एक साथ बाहर निकल सकते हैं। साथ ही अनुभवी खाद्य निरीक्षकों और जल आपूर्ति का परीक्षण करने वाले वैज्ञानिक भी कम हो सकते हैं। इससे तमाम सेवाओं पर प्रभाव पड़ सकता है।
वफादार न रहने वालों पर डाला जाए दबाव
अमेरिकन फेडरेशन ऑफ गवर्नमेंट इंपलाइज यूनियन के अध्यक्ष एवरेट केली ने कहा कि इसे स्वैच्छिक खरीद के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। बल्कि नए प्रशासन के प्रति वफादार नहीं माने जाने वाले कर्मचारियों पर नौकरी छोड़ने का दबाव डालना चाहिए। केली ने कहा कि संघीय सरकार से समर्पित करियर वाले संघीय कर्मचारियों को हटाने से व्यापक, अनपेक्षित परिणाम होंगे, जो उन अमेरिकियों के लिए अराजकता का कारण बनेंगे जो एक सरकार पर निर्भर हैं। श्रमिक विरोधी कार्यकारी आदेशों और नीतियों की झड़ी के बीच ट्रंप प्रशासन का लक्ष्य संघीय सरकार को एक विषाक्त वातावरण में बदलना है, जहां कर्मचारी चाहकर भी नहीं रह सकते।
ट्रंप ने दिया था संघीय कर्मचारियों को वर्गीकृत करने का आदेश
शपथ ग्रहण करने के बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संघीय कर्मचारियों को वर्गीकृत करने के आदेश पर हस्ताक्षर किए थे। ट्रंप के इस कार्यकारी आदेश के तहत संघीय सरकार (राष्ट्रपति के अंतर्गत आने वाले प्रशासन) के कर्मचारियों को वर्गीकृत किया जाएगा। इससे उन्हें निकालने में आसानी होगी, जिससे सरकार अपने आकार को छोटा करेगी और गैर-जरूरी खर्चों में भी कटौती करेगी। डोनाल्ड ट्रंप ने सरकार की कार्यक्षमता बढ़ाने के लिए पहले ही एक सरकारी दक्षता मंत्रालय (DOGE) बनाया है, जिसकी कमान एलन मस्क के हाथ में है। इस मंत्रालय के जरिए प्रशासन के उन कर्मियों को निकालने की तैयारी है, जो कि अमेरिका में डीप स्टेट से जुड़े हैं।
एफ श्रेणी बनाई
कार्यकारी आदेश के जरिए ट्रंप ने अब सरकारी कर्मियों के लिए एक 'श्रेणी एफ' भी बना दी है, जिसमें हजारों संघीय कर्मचारियों को रखा जाएगा। बताया गया है कि अपने 2025 की परियोजना के तहत ट्रंप सरकार अब ऐसे कर्मियों की छंटनी करेगी, जो पिछले कार्यकाल के नेताओं और अधिकारियों के प्रति वफादार हैं और नई सरकार के कामों में अवरोध पैदा कर सकते हैं। इन्हें ट्रंप ने अमेरिका में डीप स्टेट करार दिया है।