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France: 'आधुनिक होगा लूव्र म्यूजियम, मोनालिसा के लिए बनेगा विशेष कमरा', राष्ट्रपति मैक्रों ने किए बड़े एलान

Tue, 28 Jan 2025 10:50 PM IST
पवन पांडेय वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, पेरिस

सार

फ्रांस के सबसे पुराने संग्रहालयों में शुमार लूव्र म्यूजियम को आधुनिक बनाया जाएगा, जबकि मोनालिसा के लिए एक विशेष कमरा बनाया जाएगा। इसकी घोषणा फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने मंगलवार को की है।
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मोनालिसा की पेंटिंग / लूव्र म्यूजियम - फोटो : ANI
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विस्तार
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फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने मंगलवार को घोषणा की कि मोनालिसा को लूव्र म्यूजियम में अपना अलग कमरा मिलेगा। उन्होंने कहा कि लूव्र को बड़े पैमाने पर पुनर्निर्मित और विस्तारित किया जाएगा, जिसमें कई साल लगेंगे। इस बदलाव में 2031 तक सीन नदी के पास एक नया प्रवेश द्वार बनाना और भूमिगत कमरे तैयार करना शामिल है। यह घोषणा मैक्रों ने उस कमरे से की जहां फिलहाल मोनालिसा प्रदर्शित की गई है।
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1980 के दशक में हुआ था आखिरी बड़ा बदलाव
राष्ट्रपति मैक्रों ने इस परियोजना की लागत नहीं बताई, लेकिन इसे सैकड़ों मिलियन यूरो तक पहुंचने का अनुमान है। यह विश्व के सबसे ज्यादा देखे जाने वाले म्यूजियम को आधुनिक बनाने के लिए है, जो वर्तमान में भीड़भाड़ और पुरानी सुविधाओं की समस्या से जूझ रहा है। लूव्र का आखिरी बड़ा बदलाव 1980 के दशक में हुआ था, जब कांच का प्रसिद्ध पिरामिड बनाया गया था। लेकिन अब यह म्यूजियम अंतरराष्ट्रीय मानकों के हिसाब से नहीं है। 1980 के दशक के नवीनीकरण के दौरान म्यूजियम को 40 लाख वार्षिक आगंतुकों के हिसाब से बनाया गया था। लेकिन पिछले साल लूव्र में 87 लाख लोग आए, जिनमें से तीन-चौथाई विदेशी थे, खासकर अमेरिका, चीन और यूरोप के पड़ोसी देशों से थे।  

मुख्य समस्याएं: पानी का रिसाव, खाने-पीने की सुविधा
लूव्र की निदेशक लॉरेंस दे कार्स ने हाल ही में संस्कृति मंत्री रशीदा दाती को एक नोट भेजा, जिसमें म्यूजियम की 'पुरानी हो रही स्थिति' पर चिंता व्यक्त की। फ्रेंच अखबार 'ले पेरिसियन' की तरफ से प्रकाशित दस्तावेज के अनुसार, उन्होंने बताया कि पानी के रिसाव, तापमान में उतार-चढ़ाव और अन्य समस्याओं के कारण इमारत और कला कृतियों को खतरा है। 1989 में बने पिरामिड को अब पुराने मानकों का बताया गया। यह न तो गर्मी और ठंड से ठीक से बचा सकता है और न ही शोर को कम कर सकता है, जिससे यह स्थान सार्वजनिक और स्टाफ दोनों के लिए असुविधाजनक हो गया है। इसके अलावा, म्यूजियम में खाने-पीने और शौचालय की पर्याप्त सुविधाएं भी नहीं हैं।

काफी खर्चीला और जटिल होगा काम
फ्रांस की राष्ट्रपति टीम के एक अधिकारी ने कहा, 'हम एक सामूहिक चुनौती का सामना कर रहे हैं। हमें लूव्र को नए दर्शकों की उम्मीदों के अनुसार ढालना है, उन्हें आरामदायक अनुभव देना है और कला और सांस्कृतिक शिक्षा में अग्रणी बने रहना है।' इस बड़े बदलाव के लिए फंडिंग का खुलासा नहीं किया गया, लेकिन पूर्व शाही महल के इस नवीनीकरण में काफी खर्च और तकनीकी चुनौतियां आएंगी। लूव्र का आधा बजट सरकार की तरफ से वहन किया जाता है, जिसमें 2,200 कर्मचारियों का वेतन शामिल है। बाकी बजट निजी फंड, टिकट बिक्री, रेस्त्रां और दुकानों की कमाई और साझेदारों से आता है। इसमें लूव्र अबू धाबी के ब्रांड अधिकारों के लिए संयुक्त अरब अमीरात की फंडिंग भी शामिल है। पेरिस का एक और बड़ा म्यूजियम, पोंपिडू सेंटर, भी इसी साल के अंत से 5 साल के लिए 262 मिलियन यूरो की लागत से नवीनीकरण के लिए बंद होगा।
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मोनालिसा के लिए अलग कमरा क्यों होना चाहिए?
मोनालिसा को म्यूजियम में कैसे प्रदर्शित किया जाए, इस पर पहले भी काफी सवाल उठे थे। लॉरेंस दे कार्स ने सुझाव दिया कि इसे एक अलग कमरे में स्थानांतरित किया जाना चाहिए। अब, मैक्रों ने घोषणा की कि मोनालिसा को एक विशेष रूप से समर्पित कमरे में रखा जाएगा। फिलहाल मोनालिसा को म्यूजियम के सबसे बड़े कमरे में सुरक्षात्मक कांच के पीछे रखा गया है, जहां लोग लंबी कतारों में खड़े होकर सेल्फी लेते हैं। इससे कमरे में मौजूद टिशियन और वेरोनीज जैसे अन्य महान कलाकारों की कृतियां नजरअंदाज हो जाती हैं।
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