दक्षिणी फिलीपीन के जनरल सैंटोस शहर में सोमवार को आए शक्तिशाली भूकंप के बाद 2,100 से अधिक झटके आए। इससे बचाव कार्य में काफी परेशानी आ रही है। 7.8 की तीव्रता वाले भूकंप में मरने वालों की संख्या 45 हो चुकी है, जबकि 17 लोग लापता हैं। अधिकतर मौतें इमारतों के ढहने से गिरे मलबे और भूस्खलन के कारण हुईं। भूकंप के चलते करीब 35 हजार लोगों को विस्थापित होना पड़ा है।
जनरल सैंटोस में बचावकर्मी हेलमेट पहनकर आंशिक रूप से ढहे हुए किराना स्टोर से बाहर निकलने की कोशिश कर रहे थे, तभी एक और तेज झटका महसूस हुआ। इसके बाद झुकी हुई इमारत से मलबा गिरने लगा। सुरक्षा अधिकारी ने सीटी बजाकर और अन्य कर्मियों ने चिल्लाकर करीब 30 दमकलकर्मियों तथा तटरक्षक बल के जवानों को सुरक्षित स्थान पर जाने की चेतावनी दी। दमकल विभाग की प्रवक्ता रेसा मिया टैक्टाक्विन-बेटोया ने बताया कि जिस किराना स्टोर में बचाव अभियान चलाया जा रहा था, उसकी दो ऊपरी मंजिलें मुख्य भूकंप में ढह गई थीं। वहां एक लापता कर्मचारी की तलाश की जा रही थी। उन्होंने कहा, झटका काफी तेज था। इसलिए तुरंत अलार्म बजाया गया ताकि आसपास मौजूद लोग बाहर निकल सकें।
भूकंप के चलते जनरल सैंटोस का अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डा भी प्रभावित हुआ है, जिसके कारण उसे अनिश्चितकाल के लिए बंद कर दिया गया है। केवल राहत सामग्री और आपदा राहत कर्मियों को ले जाने वाली सरकारी तथा सैन्य उड़ानों को अनुमति दी जा रही है। प्रशासन के मुताबिक प्रभावित प्रांतों में लगभग 6,000 सरकारी स्कूल भवनों का सुरक्षा मूल्यांकन किया जाना है, जिसके बाद ही कक्षाएं फिर शुरू हो सकेंगी।
इंडोनेशिया, पलाऊ व जापान तक पहुंचीं लहरें
भूकंप के बाद समुद्र में ज्वार स्तर से 1.4 मीटर ऊंची लहरें दर्ज की गईं, जिससे कम से कम एक व्यक्ति समुद्र में बह गया और उसकी मौत हो गई। इंडोनेशिया, पलाऊ और दक्षिणी जापान के तटों पर भी छोटी लहरें पहुंचीं, जिसके बाद सुनामी चेतावनी वापस ले ली गई। जनरल सैंटोस के निकट सात तैराक भी भूकंप के तुरंत बाद तेज समुद्री धाराओं में बह गए। इनमें तीन को तटरक्षक बल ने बचा लिया, एक तैरकर किनारे पहुंच गया, एक की मौत हो गई और दो अब भी लापता हैं।
शक्तिशाली भूकंप के चलते फिलीपीन में कम से कम 630 लोग घायल हुए हैं। 3,100 से अधिक मकान, 29 सड़कें, 11 पुल और 100 से अधिक सरकारी भवन क्षतिग्रस्त हुए हैं। फिलीपीन जापान की तरह भूकंप संभावित क्षेत्र है। देश में 17 अगस्त, 1976 को 8.1 तीव्रता का भूकंप आया था, जिसने सुनामी पैदा की थी और लगभग 8,000 लोगों की जान ले ली थी।
आधी सदी में सबसे शक्तिशाली भूकंप
फिलीपीन ज्वालामुखी एवं भूकंप विज्ञान संस्थान के प्रमुख टेरेसिटो बाकोलकोल के अनुसार, भूकंप के बाद अब तक 2,100 से अधिक झटके दर्ज किए गए हैं। इनमें कुछ की तीव्रता 6.4 तक रही। भूकंप के कारण 35,000 से अधिक लोग अब भी विस्थापित हैं। कई सरकार की तरफ से संचालित 45 राहत शिविरों में रह रहे हैं। वे मानसिक आघात के कारण अपने घर लौटने की स्थिति में नहीं हैं। सोमवार का भूकंप फिलीपीन में पिछले आधी सदी के सबसे शक्तिशाली भूकंपों में से एक माना जा रहा है।
प्रशांत महासागर के रिंग ऑफ फायर क्षेत्र में स्थित होने के कारण फिलीपीन दुनिया के सबसे अधिक आपदा-प्रवण देशों में शामिल है। यहां अक्सर भूकंप और ज्वालामुखी विस्फोट जैसी प्राकृतिक आपदाएं आती रहती हैं। रिंग ऑफ फायर प्रशांत महासागर के चारों ओर स्थित एक घोड़े की नाल के आकार का क्षेत्र है जहां टेक्टोनिक गतिविधियां अधिक सक्रिय हैं।