नकदी सकंट का सामना कर रहे पाकिस्तान ने मंगलवार को उर्जा संरक्षण के लिए योजना पेश की है। इसके तहत रात आठ बजे के बाद देश के सभी बाजार और रेस्तरां बंद हो जाएंगे। वहीं, शादियों के हॉल रात दस बजे तक ही सीमित रहेंगे। पाकिस्तान इस समय भारी उर्जा संकट, आसमान छूती महंगाई और घटते विदेशी मुद्रा भंडार का सामना कर रहा है। इस साल फरवरी से चल रहे रूस-यूक्रेन युद्ध और जून में आई विनाशकारी बाढ़ ने देश के उर्जा संकट को और बढ़ा दिया है।
रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ द्वारा राष्ट्रीय उर्जा संरक्षण कार्यक्रम शुरू किया गया है। इससे एक दिन पहले प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने अधिकारियों को निर्देश दिया था कि वह उर्जा क्षेत्र में परिपत्र ऋण (सर्कुलर डेब्ट) को कम करें। आसिफ ने कहा कि केंद्र सरकार इस राष्ट्रव्यापी योजना को लागू करने के लिए सभी प्रांतों से संपर्क करेगी।
कैबिनेट की बैठक के बाद मीडिया को जानकारी देते हुए मंत्री ने कहा कि गुरुवार तक अंतिम फैसला लिया जाएगा। उन्होंने कहा, अगले कुछ दिनों में हम इस राष्ट्रीय योजना के साथ सभी प्रांतों से संपर्क करेंगे। फिर गुरुवार को संरक्षण नीति को अंतिम मंजूरी दी जाएगी। उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत शादी के हॉल का समय रात दस बजे तक सीमित होगा, जबकि रेस्तरां-होटल और बाजार रात आठ बजें तक बंद हो जाएंगे।
हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि रेस्तरां के बंद होने के समय को एक घंटे के लिए बढ़ाए जाने की कुछ गुंजाइश हो सकती है। आसिफ ने कहा, अगर बीस फीसदी सरकारी कर्मचारी रोटेशन के आधार पर घर से काम करते हैं, तो 56 अरब रुपये बचाए जा सकते हैं और कुछ कदम उठाने से देश 62 अरब रुपये बचाने में सक्षम होगा।
उन्होंने यह भी कहा कि 38 अरब रुपये बचाने के लिए उर्जा कुशल (एनर्जी इफिसिएंट) पंखे और बल्ब जल्द ही पेश किए जाएंगे और पेट्रोल की खपत को कम करने के लिए इलेक्ट्रिक बाइक पारंपरिक मोटरसाइकिलों की जगह लेंगी। उन्होंने कहा, हमने ई-बाइक के लिए आयात शुरू कर दिया है और मौजूदा मोटरसाइकिलों में सुधार के लिए मोटरसाइकिल कंपनियों के साथ बातचीत शुरू कर दी है, जिससे करीब 86 अरब रुपये की बचत होगी।
मंत्री ने कहा, नवीकरणीय उर्जा की ओर जाने के लिए सरकार एक योजना पर काम कर रही है। प्रस्तावित लक्ष्यों को हासिल करने के लिए बाजारों को जल्दी बंद करने जैसे उपाय महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने यह कहते हुए देश से अपने व्यवहार के पैटर्न को सामान्य करने का आह्वान किया कि देश गंभीर आर्थिक संकट में है। उन्होंने कहा, हम अपव्यय की संस्कृति को बर्दाश्त नहीं कर सकते।
आसिफ ने कहा, मेरा यह भी मानना है कि राजनेताओं को सबसे पहले इन बदलावों को अपनाना चाहिए और जनता के लिए रोल मॉडल बनना चाहिए। पाकिस्तान के स्टेट बैंक (केंद्रीय बैंक) का विदेश मुद्रा भंडार दो दिसंबर को चार साल के निम्नतम स्तर 6.72 अरब डॉलर पर आ गया है। केंद्रीय बैंक के आंकड़ों से पता चलता है कि विदेशी मुद्रा भंडार 18 जनवरी 2019 को 6.64 बिलियन अमेरिकी डॉलर दर्ज किया गया था।