संयुक्त राष्ट्र ने बुधवार को पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मसूद अजहर को वैश्विक आतंकी घोषित कर दिया है। इसे भारत की बड़ी कूटनीतिक जीत बताया जा रहा है। अमेरिका के विदेश मंत्री माइक पोम्पियो ने भी इसे कूटनीतिक जीत बताया है।
पोम्पियो ने ट्वीट कर कहा, "हमारी टीम यूएसयूएन को मसूद अजहर को वैश्विक आतंकी घोषित करने में उनके काम के लिए बधाई। लंबे समय से इंतजार की जा रही ये कार्रवाई आतंकवाद के खिलाफ अंतर्राष्ट्रीय समुदाय और अमेरिका की कूटनीतिक जीत है। दक्षिण एशिया में शांति की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।"
व्हाइट हाउस के एक अधिकारी ने पहचान ना बताने की शर्त पर कहा है कि चीन ने 10 साल बाद तकनीकी रोक हटाकर सही काम किया है। अधिकारी ने कहा, "मुझे लगता है कि चीन यह समझ गया है कि आतंकवाद के खिलाफ अंतर्राष्ट्रीय मंच पर कार्रवाई महत्वपूर्ण है। पुलवामा हमला इस संगठन द्वारा हाल ही में किया गया आतंकी हमला है।"
इससे पहले मंगलवार को चीन ने कहा था कि इसका सही हल निकाला जाएगा। चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गेंग शुआंग ने कहा था, 'मैं सिर्फ इतना कह सकता हूं कि मेरा विश्वास है कि इसका सही ढंग से समाधान निकाला जाएगा। मेरा मानना है, सभी पक्षों के संयुक्त प्रयासों से, इस मुद्दे को हल किया जा सकता है।'
पुलवामा हमले के बाद फ्रांस, अमेरिका और ब्रिटेन संयुक्त राष्ट्र में अजहर को वैश्विक आतंकी घोषित करने के लिए प्रस्ताव लाए थे। पिछली बार चीन ने अपने वीटो का इस्तेमाल करके अजहर को बचा लिया था। उसने अजहर को वैश्विक आतंकी घोषित करने पर तकनीकी रोक लगा दी थी। लेकिन इस बार चीन पर ना केवल भारत बल्कि पश्चिमी देशों का दबाव भी था।