सर्गेई लावरोव ने अमेरिकी टैरिफ नीतियों को बताया नाकाम
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रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने कहा है कि भारत और चीन के खिलाफ टैरिफ लगाने की अमेरिकी धमकियां विफल हो रही हैं। उन्होंने कहा, वाशिंगटन में दो प्राचीन सभ्यताओं के साथ ऐसी भाषा में बात करने की निरर्थकता के बारे में समझ बढ़ रही है।
अमेरिका की तरफ से टैरिफ की धमकियां काम नहीं करेंगी
लावरोव ने बृहस्पतिवार को रूस के मुख्य चैनल 1 टीवी के 'द ग्रेट गेम' कार्यक्रम में कहा, चीन और भारत प्राचीन सभ्यताएं हैं। उनसे यह कहना कि तुम वो करना बंद करो, जो मुझे पसंद नहीं, वरना मैं तुम पर टैरिफ लगा दूंगा, काम नहीं करेगा। बीजिंग और वाशिंगटन, नई दिल्ली और वाशिंगटन के बीच चल रहे संपर्कों से पता चलता है कि अमेरिकी पक्ष भी इसे समझता है।
देशों की आर्थिक भलाई कमजोर होती है
उन्होंने अमेरिकी मांगों पर नई दिल्ली और बीजिंग की प्रतिक्रिया की ओर इशारा किया। इस तथ्य के अलावा कि यह उन देशों की आर्थिक भलाई को कमजोर करता है, यह कम-से-कम उनके लिए बहुत गंभीर कठिनाइयां पैदा करता है, उन्हें नए बाजारों, ऊर्जा आपूर्ति के नए स्रोतों की तलाश करने के लिए मजबूर करता है।
प्रतिबंधों की धमकियों के बीच लावरोव बोले- कोई समस्या नहीं
उन्हें ऊंची कीमतें चुकाने के लिए मजबूर करता है, लेकिन इससे परे, और शायद इससे भी ज्यादा महत्वपूर्ण है कि इस दृष्टिकोण का एक नैतिक और राजनीतिक विरोध भी है। रूस पर नए प्रतिबंधों की धमकियों के बीच लावरोव ने कहा कि उन्हें कोई समस्या नहीं दिखती।