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Sri Lanka Crisis: श्रीलंका में राजनीतिक संकट और गहराया, उड्डयन मंत्री ने दिया इस्तीफा, राष्ट्रपति राजपक्षे ने पुतिन से की बात

Wed, 06 Jul 2022 07:42 PM IST
निर्मल कांत वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, कोलंबो

सार

श्रीलंका के बंदरगाह, नौवहन और उड्डयन मंत्री डी सिल्वा ने मंगलवार को संसद में मुख्य विपक्षी समागी जना बालवेगया (एसजेबी) नेता साजित प्रेमदास द्वारा लगाए गए एक आरोप के बाद इस्तीफा दे दिया।
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श्रीलंका संकट - फोटो : Agency
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विस्तार
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उड्डयन मंत्री निमल सिरिपाला डी सिल्वा के इस्तीफे ने बुधवार को श्रीलंका के मंत्रीमंडल को उथल-पुथल मचा दी। वहीं एक अन्य मंत्री ने प्रधानमंत्री रानिल विक्रम सिंघे को वित्त मंत्री के रूप में पद छोड़ने की मांग की और आरोप लगाया कि उन्होंने उन सभी परियोजनाओं को  रोक दिया है जो सबसे खराब आर्थिक संकट से उबरने के लिए बेहद जरूरी हो सकती हैं। बता दें कि रानिल विक्रमसिंघे प्रधानमंत्री के साथ-साथ श्रीलंका के वित्त मंत्री भी हैं। 
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बंदरगाह, नौवहन और उड्डयन मंत्री डी सिल्वा ने मंगलवार को संसद में मुख्य विपक्षी समागी जना बालवेगया (एसजेबी) नेता साजित प्रेमदास द्वारा लगाए गए एक आरोप के बाद इस्तीफा दे दिया। उनके मंत्रालय पर जापान की एक कंपनी से रिश्वत लेने का आरोप लगाया गया था। 

डी सिल्वा ने राष्ट्रपति गोटबया राजपक्षे को संबोधित एक पत्र में कहा कि उन पर सीधे तौर पर रिश्वत मांगने का आरोप नहीं लगाया गया है लेकिन वह निष्पक्ष जांच की अनुमति देने के लिए इस्तीफा दे रहे हैं क्योंकि आरोप उनके मंत्रालय से जुड़े हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक जापानी कंपनी यहां के बंदरानाइके इंटरनेशनल एयरपोर्ट के विस्तार में जुटी है।
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विक्रमसिंघे से मांगा वित्त मंत्री पद से इस्तीफा
इस बीच नवनियुक्त निवेश प्रोत्साहन मंत्री धम्मिका परेरा ने यहां एक सभा को संबोधित करते हुए मागं की कि विक्रमसिंघे को वित्त मंत्री के पद से इस्तीफा दे देना चाहिए।

पूर्व बिजनेस लीडर परेरा ने आरोप लगाया कि विक्रमसिंघे देश में डॉलर के प्रवाह को रोक रहे हैं और विदेशी मुद्रा संकट को हल करने के लिए उनके पास कोई नकदी प्रवाह योजना नहीं है। परेरा के बयान पर विक्रमसिंघे ने संसद में विपक्ष को जवाब देने से इनकार कर दिया।

श्रीलंका पर कुल 51 बिलियन अमेरिकी डॉलर का विदेशी कर्ज
ब्रिटेन से 1948 में आजादी के बाद से श्रीलंका अब तक के सबसे खराब आर्थिक संकट का सामना कर रहा है और उसे विदेशी मुद्रा भंडार में भारी कमी को दूर करने के लिए कम से कम 4 बिलियन अमरीकी डॉलर की आवश्यकता है। श्रीलंका पर कुल विदेश कर्ज 51 बिलियन अमेरिकी डॉलर है। 

राष्ट्रपति राजपक्षे ने पुतिन से फोन पर की बात
उधर, श्रीलंका के राष्ट्रपति गोटबया राजपक्षे ने बुधवार को कहा कि उन्होंने अपने रूसी समकक्ष व्लादिमीर पुतिन के साथ मास्को से रियायती तेल खरीदने के लिए एक क्रेडिट लाइन पर बातचीत करने के लिए "बहुत ही सार्थक" बातचीत की ताकि सबसे खराब आर्थिक चुनौतियों को "पराजित" किया जा सके।

अपनी बातचीत के दौरान राजपक्षे ने पुतिन से देश में रूसी फ्लैग कैरियर एअरोफ्लोट की सेवाओं को फिर से शुरू करने का भी आग्रह किया।

राष्ट्रपति राजपक्षे ने एक ट्वीट में बताया कि उन्होंने मौजूदा आर्थिक चुनौतियों को हराने के लिए श्रीलंका को ईंधन आयात करने के लिए ऋण सहायता की पेशकश का अनुरोध किया है।
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