बीते रविवार को सैन एंटोनियो के पुलिस अधिकारी जेम्स ब्रेनैंड ने 17 साल के एरिक कैंटू पर उस समय गोली चलाई थी जब वह मैकडॉनल्ड्स कार पार्किंग एरिया में अपनी कार के अंदर बैठा बर्गर खा रहा था। गोली चलाने की घटना के बाद पुलिस अधिकारी ने उस पर कार से भागने और अपने ऊपर हमला करने का आरोप लगाया था।
इस महीने की शुरुआत में अमेरिका में एक किशोर पर गोली चलाने के मामले में आरोपी पुलिसकर्मी के खिलाफ कार्रवाई की गई है। अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, गोलीबारी का वीडियो वायरल होने के बाद पुलिसकर्मी को बर्खास्त कर दिया गया है। पुलिसकर्मी के खिलाफ ये कार्रवाई शुक्रवार को की गई।
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मिली जानकारी के मुताबिक, बीते रविवार को सैन एंटोनियो के पुलिस अधिकारी जेम्स ब्रेनैंड ने 17 साल के एरिक कैंटू पर उस समय गोली चलाई थी जब वह मैकडॉनल्ड्स कार पार्किंग एरिया में अपनी कार के अंदर बैठा बर्गर खा रहा था। गोली चलाने की घटना के बाद पुलिस अधिकारी ने उस पर कार से भागने और अपने ऊपर हमला करने का आरोप लगाया था। फिलहाल, पीड़ित किशोर का एक अस्पताल में इलाज चल रहा है। अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पुलिस के बॉडी कैम के फुटेज जारी होने के बाद किशोर को आरोपमुक्त कर लिया गया है।
इन फुटेज में साफ देखे जा सकता है कि पुलिस एक खड़ी गाड़ी के पास आती है और अचानक उसका दरवाजा खोलती है। फिर उसने अंदर बर्गर खाते हुए किशोर को बाहर निकलने के लिए कहती है। इस पर जब एरिक कैंटू ने पुलिस वाले से सवाल किया कि उसे ऐसा क्यों आदेश दिया जा रहा है, तो पुलिस वाले ने उसे पकड़ने की कोशिश की। इतना ही नहीं उसे कार से जबरन बाहर निकालने की भी कोशिश की। इस दौरान किशोर दरवाजा बंद करके मौके से भागने की कोशिश की। इस पर पुलिस को कार पर कई गोलियां चलाते देखा गया।
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रिपोर्ट्स के मुताबिक, कार को कथित तौर पर एक ब्लॉक दूर पाया गया था। किशोर को कई गोलियां लगीं। वहीं, कार में यात्री सीट पर एक 17 वर्षीय लड़की भी थी, हालांकि उसे कोई चोट नहीं आई।
सैन एंटोनियो के मुख्य पुलिस अधिकारी विलियम मैकमैनस ने इस घटना का वीडियो जारी होने के बाद प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि जेम्स ब्रेनैंड ने उस रात जो किया उसके समर्थम में ऐसा कुछ नहीं है जो उसका बचाव कर सके। उन्होंने बताया कि अधिकारियों को चलते वाहनों पर गोली चलाने से मना किया जाता है, जब तक कि खुद का जीवन बचाने के लिए गोली चलाने की जरूरत ना हो। उन्होंने यह भी बताया कि रविवार को हुआ घटना में मामला जीवन की रक्षा का नहीं था। जांच के दौरान किशोर की कार से अधिकारियों कोई बंदूक नहीं मिली है। उन्होंने कहा कि न तो किशोर और न ही वह जिस कार को चला रहा था, उसका डिस्टर्बेंस कॉल ऑफिसर ब्रेनंड से कोई लेना-देना नहीं था।