धमाकों के बाद रोती महिला (फाइल फोटो)
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श्रीलंका पुलिस का कहना है कि उसे मस्जिद के पिछले हिस्से से तीन देसी बम और 100 ग्राम अमोनिया दबा हुआ मिला है। यह विस्फोटक शुक्रवार रात को वेलिपेन्ना से स्पेशल टास्क फोर्स और पुलिस के संयुक्त अभियान के बाद बरामद हुए हैं। पुलिस का कहना है कि विस्फोटकों की बरामदगी के बाद 42 साल के संदिग्ध को गिरफ्तार किया गया है।
अधिकारियों ने माउंट लाविनिया के पीरीवेना मावथ के एक घर से उच्च तकनीक वाले 16 सर्किट बोर्ड, 16 सिम कार्ड्स, बहुत सी सीडी, कंप्यूटर उपकरण और कार जब्त की हैं। पुलिस के अनुसार प्रत्येक सर्किट बोर्ड में 12 सिम कार्ड रखने की क्षमता थी। इन चीजों के साथ एक 52 साल के शख्स को हिरासत में लिया गया है।
यह बरामदगी ऐसे समय पर हुई है जब ताजा धमाकों की आशंका के चलते अधिकारियों ने राजधानी में साप्ताहांत को रद्द कर दिया है। कोलंबो के प्रवक्ता फादर एडमंड तिलकरत्ने ने कहा कि यह निर्णय कोलंबो के मुख्य पादरी कार्डिनल मालकोल्म रंजीत ने लिया है। उन्होंने शनिवार और रविवार के मासिस (जनसमूह) को बंद कर दिया है।
वहीं दूसरी तरफ सऊदी अरब ने दो लोगों को गिरफ्तार किया है। इनमें से एक का नाम मौलाना रीला है जो आईएस प्रेरित और श्रीलंका हमलों के मास्टरमाइंड जहरान हाशिम का बहनोई है और दूसरा उसका साथी है जिसका नाम शहनावाज है। इन्हें पिछले हफ्ते भारतीय खुफिया जानकारी के आधार पर गिरफ्तार किया गया है।
हाशिम नेशनल तौहीद जमात का मुखिया था और उस समूह का सदस्य था जिसने श्रीलंका में हुए सिलसिलेवार धमाकों की जिम्मेदारी ली थी। हमलों से पहले भारत ने श्रीलंका को कई चेतावनी जारी की थी लेकिन उसे नजरंदाज किया गया।
भारतीय सुरक्षा अधिकारियों का कहना है कि वह अपने सऊदी समकक्षों के संपर्क में हैं। वह इसका पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि श्रीलंका हमलों के पीछे जिम्मेदार आईएस और केरल (कासरगोड़), कोयंबटूर (तमिलनाडु) के मॉड्यूल के बीच कोई लिंक तो नहीं है। इसके लिए एक टीम को सऊदी अरब भेजा गया है।