पोलैंड में एक हफ्ते में तीन हमलों के बाद प्रशासन द्वारा बड़ी कार्रवाई की गई है। पुलिस ने हिंसा रोकने की कोशिशों के तहत 76 लोगों को हिरासत में ले लिया है। इसके अलावा देश भर में लगभग 50,000 स्कूलों की जांच की गई। यह कार्रवाई सप्ताह की शुरुआत में स्कूलों पर हुए दो हमलों के बाद की गई। शुक्रवार को देशभर के स्कूलों में सुरक्षा बढ़ा दी गई। हमले के बाद कुछ स्कूलों ने क्लास सस्पेंड कर दीं, कई माता-पिता ने बच्चों को घर पर ही रखा और शिक्षण संस्थानों में पुलिस गश्त तैनात की गई। एक सप्ताह में स्कूलों पर हुए तीन हमलों में एक व्यक्ति की मौत हो गई थी और बच्चों सहित कई अन्य लोग घायल हो गए थे। तीसरी घटना में एक महिला ने 'खतरनाक चीज' से तीन 3 लोगों को घायल कर दिया।
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किसने किया स्कूलों पर हमला?
बुधवार को, मध्य पोलैंड के माजोवियन प्रांत के एक वोकेशनल स्कूल के 19 वर्षीय छात्र ने अपने साथी छात्रों, शिक्षकों और राहगीरों पर एक तेज धार वाली चीज से हमला किया। उसने नौ लोगों को घायल कर दिया और भागने की कोशिश की, लेकिन पास ही में पकड़ा गया। अगले दिन, उसी प्रांत में एक 15 वर्षीय लड़के ने अपने पुराने स्कूल में चाकू से हमला करके स्कूल के एक केयरटेकर की हत्या कर दी और दो अन्य लोगों को घायल कर दिया। पोलैंड के नागरिकों द्वारा किए गए इन हमलों ने देश को चौंका दिया, क्योंकि यहां नाबालिगों द्वारा स्कूल में हिंसा की घटना नई बात है।
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गृहमंत्री ने क्या कहा?
गुरुवार रात तक, माता-पिता के ऑनलाइन ग्रुप और मुख्यधारा के मीडिया में यह अफवाह फैल गई कि ये हमले सुनियोजित थे और 'ब्लडी फ्राइडे' (खूनी शुक्रवार) कहे जा रहे दिन और भी हमले हो सकते हैं। शुक्रवार को पोलैंड भर में 59 स्कूलों ने एहतियात के तौर पर क्लास सस्पेंड कर दीं। इनमें से ज्यादातर स्कूल माजोवियन जिले में थे, जहां राजधानी वारसॉ स्थित है। स्कूल के डायरेक्टरों ने सुरक्षा बढ़ाने के उपायों की घोषणा करते हुए मैसेज भेजे, जिनमें एंट्री गेट पर अतिरिक्त स्कूल स्टाफ की तैनाती और स्वेच्छा से बैकपैक की जांच शामिल थी। गृह मंत्री मार्सिन किएरविंस्की ने कहा, 'यहां कोई समझौता नहीं होगा। युवाओं की सुरक्षा सबसे महत्वपूर्ण है।'