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PoK Protests: पाकिस्तानी सेना के खिलाफ क्यों लोगों में उबाल? जेकेजेएएसी का दावा- नेता शौकत नवाज मीर गिरफ्तार

Wed, 01 Jul 2026 03:29 PM IST
Devesh Tripathi एएनआई, मुजफ्फराबाद

सार

पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में चल रहे विरोध प्रदर्शनों के बीच जम्मू-कश्मीर जॉइंट आवामी एक्शन कमेटी ने आरोप लगाया कि उसके नेता शौकत नवाज मीर को धरनास्थल पहुंचने से पहले सुरक्षा एजेंसियों ने हिरासत में ले लिया। संगठन का कहना है कि इससे आंदोलन दबाया नहीं जा सकेगा और लोगों से एकजुट रहने की अपील की गई है।
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पीओके में पाकिस्तान के खिलाफ प्रदर्शन जारी - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स/ANI
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विस्तार
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जम्मू-कश्मीर जॉइंट आवामी एक्शन कमेटी (जेकेजेएएसी) ने दावा किया है कि उसके नेता शौकत नवाज मीर को चल रहे धरना-प्रदर्शन में पहुंचने की कोशिश के दौरान गिरफ्तार कर लिया गया। संगठन का आरोप है कि उन्हें हिरासत में लेने के लिए पाकिस्तान की खुफिया एजेंसियों, पुलिस और अन्य सुरक्षा संस्थानों ने संयुक्त तलाशी अभियान चलाया।
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जेकेजेएएसी ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर साझा किए गए एक पोस्ट में कहा कि अगर शौकत नवाज मीर प्रदर्शन स्थल तक पहुंच जाते तो इससे आंदोलनकारियों का मनोबल बढ़ता और अधिक लोग आंदोलन से जुड़ते। संगठन का आरोप है कि उनकी गिरफ्तारी का उद्देश्य प्रदर्शनकारियों का हौसला तोड़ना था, लेकिन आंदोलन इससे रुकने वाला नहीं है।

आंदोलन को लेकर क्या बोला संगठन?
संगठन ने कहा कि यह आंदोलन किसी एक व्यक्ति पर निर्भर नहीं है, बल्कि यह जनता का आंदोलन है। बयान में कहा गया कि शौकत नवाज मीर हमेशा अपने समर्थकों को यही संदेश देते रहे हैं कि आंदोलन का उद्देश्य किसी भी व्यक्ति से बड़ा है। जेकेजेएएसी ने लोगों से एकजुट रहने की अपील करते हुए कहा कि मीर की गिरफ्तारी से आंदोलन कमजोर नहीं होना चाहिए। इसके बजाय अधिक से अधिक लोगों को आंदोलन में शामिल होकर अपना समर्थन देना चाहिए।
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संगठन ने दावा किया कि शौकत नवाज मीर ने अपना संघर्ष लोगों के अधिकारों की रक्षा और कथित दमनकारी व्यवस्था के खिलाफ आवाज उठाने के लिए समर्पित किया है। बयान में कहा गया कि जन आंदोलनों के इतिहास में गिरफ्तारियां, छापेमारी, जेल और बलिदान हमेशा होते रहे हैं तथा उन्हें भरोसा है कि मीर जल्द ही लोगों के बीच लौटेंगे।

जेकेजेएएसी ने दोहराया कि मीर की गिरफ्तारी के बावजूद आंदोलन और मजबूत होगा। संगठन ने दावा किया कि "जीत जनता की होगी" और "तानाशाही, अहंकार तथा शोषणकारी व्यवस्था" की अंततः हार होगी।

एमनेस्टी इंटरनेशनल ने पाकिस्तान पर लगाए क्या आरोप?
इस बीच, एमनेस्टी इंटरनेशनल ने पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में विरोध प्रदर्शनों पर की जा रही कार्रवाई की कड़ी निंदा की है। संगठन ने पाकिस्तान पर प्रदर्शनकारियों के खिलाफ अत्यधिक बल प्रयोग करने, असहमति की आवाज दबाने और आगामी क्षेत्रीय चुनावों से पहले मौलिक मानवाधिकारों का उल्लंघन करने का आरोप लगाया है।

एमनेस्टी इंटरनेशनल ने जम्मू-कश्मीर जॉइंट आवामी एक्शन कमेटी (जेकेजेएएसी) को आतंकवाद निरोधक कानून के तहत "प्रतिबंधित संगठन" घोषित किए जाने के फैसले की भी आलोचना की। संगठन ने इसे गैरकानूनी और असंगत कदम बताते हुए कहा कि यह संगठन बनाने की स्वतंत्रता और शांतिपूर्ण राजनीतिक गतिविधियों पर गंभीर हमला है।
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