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Rishi Sunak: ब्रिटेन के आम चुनाव में पीएम ऋषि सुनक का हो सकता है सफाया, मीडिया रिपोर्ट में बड़ा दावा

Mon, 09 Jan 2023 10:12 AM IST
सुरेंद्र जोशी वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, लंदन

सार

मीडिया रिपोर्ट में पीएम सुनक, डिप्टी पीएम डोमिनिक रॉब और स्वास्थ्य मंत्री बार्कले के भी हारने का अनुमान लगाया गया है। द इंडिपेंडेंट न्यूजपेपर्स ने चुनावी आंकड़ों के आधार पर यह रिपोर्ट दी है। 

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ऋषि सुनक - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ऋषि सुनक को लेकर एक मीडिया रिपोर्ट में बड़ा दावा किया गया है। इसमें कहा गया है कि 2024 में ब्रिटेन में होने वाले आम चुनाव में पीएम सुनक व उनकी टीम के 15 मंत्रियों पर हार का खतरा मंडरा रहा है।

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पीएम सुनक नए साल 2023 की शुरुआत से ही टोरी पार्टी की तकदीर बदलने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन हाल के चुनावों में विपक्षी लेबर पार्टी को लगभग 20 अंकों की बढ़त मिली है। चुनाव विशेषज्ञों का कहना है कि लिज ट्रस के बाद पीएम बने सुनक के बागडोर संभालने के बाद तस्वीर थोड़ी सुधरी थी, लेकिन अब फिर धुंधली हो गई है। 

'बेस्ट फॉर ब्रिटेन' के फोकल डाटापोलिंग के अनुसार टीम सुनक में विदेश मंत्री जेम्स क्लेवरली, रक्षा मंत्री बेन वालेस, व्यापार मंत्री ग्रांट शैप्स, हाउस ऑफ कॉमंस के नेता पेनी मोर्डंट और पर्यावरण सचिव थेरेसी कॉफी भी 2024 का चुनाव हार सकते हैं। 
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इनकी जीत का अनुमान
ब्रिटिश पोल अनुसार सुनक मंत्रिमंडल के केवल पांच कैबिनेट मंत्री- जेरेमी हंट, भारतीय मूल के सुएला ब्रेवरमैन, माइकल गोव, नादिम वावी और केमी बडेनोच 2024 के आम चुनाव में जीत सकते हैं। द इंडिपेंडेंट के साथ 10 महत्वपूर्ण सीटों के साझा किए गए विश्लेषण में दावा किया गया है कि ये सभी सीटें 2024 में लेबर पार्टी जीत सकती है। 

'बेस्ट फॉर ब्रिटेन' के मुख्य कार्यकारी अधिकारी नाओमी स्मिथ का कहना है कि सुनक मंत्रिमंडल का सफाया होना चाहिए। यह संगठन वैश्विक मूल्यों व यूरोपीय यूनियन के साथ ब्रिटेन के करीबी संबंधों के लिए अभियान चला रहा है। हालांकि, देश के अनिश्चित मतदाताओं का बड़ा तबका अभी भी टोरी पार्टी को चुनावी बढ़त देना चाहता है। 



नए साल की शुरुआत में सुनक ने 2024 के आम चुनाव तक अर्थव्यवस्था को बदलने, एनएचएस प्रतीक्षा सूची में कटौती करने जैसे पांच वादे किए हैं। इनके साथ ही उन्होंने पीएम पद के लिए फिर दावेदारी पेश की है। हालांकि, ताजा एमआरपी पोल (MRP poll) में सुनक के नेतृत्व पर सवाल उठाए गए हैं। मई में होने वाले स्थानीय चुनाव में सुनक की पहली चुनावी परीक्षा होगी। टोरी पार्टी के कुछ लोगों का मानना है कि इनमें सुनक की पराजय से पूर्व पीएम बोरिस जॉनसन की वापसी का रास्ता तय हो सकता है। जॉनसन के कई समर्थक मानते हैं कि पिछले साल जुलाई में सुनक के इस्तीफे के कारण ही जॉनसन सरकार का पतन हुआ था।
 बता दें, भारतवंशी सुनक पिछले साल ब्रिटेन की सत्तारूढ़ पार्टी में उथल पुथल के बाद पीएम बने हैं। वे भारत की बड़ी सॉफ्टवेयर कंपनी इंफोसिस के संस्थापक नारायण मूर्ति के दामाद हैं। 

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