प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ह्यूस्टन में ऐतिहासिक कार्यक्रम हाउडी मोदी में शिरकत करने के बाद संयुक्त राष्ट्र महासभा (यूएनजीए) के 74वें सत्र को संबोधित किया। संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में जलवायु परिवर्तन पर लोगों को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि दुनियाभर के देशों को इस दिशा में गंभीर होना पड़ेगा।
उन्होंने साफ कहा कि अब बात करने का वक्त गुजर चुका है और अब दुनिया को काम करने की जरूरत है। उन्होंने यह भी कहा कि इस दिशा में जितने प्रयास होने चाहिए उतने नहीं हो रहे हैं। आज जरूरत है कि एक समावेश प्रयास की, जिसमें शैक्षणिक, वैल्यूज, लाइफस्टाइल और विकास की अवधारणा को बदलने पर काम किया जाए।
पीएम मोदी ने कहा, हमने लाखों परिवारों को स्वच्छ रसोई गैस कनेक्शन प्रदान किए हैं। हमने जल संसाधन विकास, जल संरक्षण और बारिश का पानी इकट्ठा करने के लिए 'जल जीवन' मिशन शुरू किया है।पीएम मोदी ने कहा कि इस वर्ष भारत के स्वतंत्रता दिवस पर, हमने एकल उपयोग प्लास्टिक से आजादी के लिए एक बड़े आंदोलन का आह्वान किया। मुझे उम्मीद है कि यह वैश्विक स्तर पर प्लास्टिक के एकल उपयोग के खिलाफ जागरूकता बढ़ाएगा।
पीएम मोदी ने कहा, जलवायु परिवर्तन पूरी दुनिया के लिए गंभीर मुद्दा है। हम यहां इस गंभीर मुद्दे पर बातें ही नहीं, बल्कि व्यवहारिक सोच के साथ आएं हैं। पीएम मोदी ने अपने संबोधन में कहा, हम भारत में ट्रांसपॉर्ट सेक्टर में ई-मोबिलिटी पर जोर दे रहे हैं।
उन्होंने कहा कि भारत बायो-फ्यूल मिलाकर पेट्रोल-डीजल को विकसित करने पर काम कर रहा है। हमने साढ़े 11 करोड़ परिवार लोगों को गैस कनेक्शन मुहैया कराए हैं। अतंराष्ट्रीय स्तर पर हमारे सोलर अलायंस से दुनियाभर के 80 देश जुड़ चुके हैं।