डोनाल्ड ट्रंप के साथ पीएम मोदी।
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ट्रंप ने दी थी टैरिफ लगाने की धमकी
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को फ्लोरिडा में रिपब्लिकन पार्टी के एक कार्यक्रम में कहा था कि जो भी देश अमेरिका को नुकसान पहुंचाएगा, उस पर अमेरिका की सरकार टैरिफ लगाएगी। डोनाल्ड ट्रंप ने भारत, चीन और ब्राजील का नाम लेते हुए कहा कि ये देश सबसे ज्यादा टैरिफ लगाते हैं। डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि हम उन देशों और बाहरी लोगों पर टैरिफ लगाने जा रहे हैं, जो हमें नुकसान पहुंचाएंगे। हालांकि वे अपने देश के लिए अच्छा काम कर रहे हैं, लेकिन उससे हमें नुकसान हो सकता है। ट्रंप ने कहा था कि दूसरे देश क्या कर रहे हैं, चीन अच्छा टैरिफ लगाने वाला देश है और इसी तरह भारत और ब्राजील समेत कई देश ऐसा करते हैं। लेकिन अब ऐसा नहीं होगा क्योंकि हमारी नीति अमेरिका फर्स्ट की है।
ट्रंप और मोदी के बीच अच्छे मित्रवत संबंध
राष्ट्रपति के रूप में ट्रंप के पहले कार्यकाल में उनकी आखिरी विदेश यात्रा भारत की थी। ट्रंप और मोदी के बीच अच्छे मित्रवत संबंध हैं। दोनों ने सितंबर 2019 में ह्यूस्टन और फरवरी 2020 में अहमदाबाद में दो अलग-अलग रैलियों में हजारों लोगों को संबोधित किया था। नवंबर 2024 में ट्रंप की शानदार चुनावी जीत के बाद मोदी उनसे बात करने वाले विश्व के तीन शीर्ष नेताओं में शामिल थे।
अवैध अप्रवासियों और टैरिफ के मुद्दे पर भारत की बढ़ी चिंता
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की टैरिफ धमकी और अवैध अप्रवासियों को लेकर भारत की चिंता बढ़ी हुई है। पिछले सप्ताह विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा था कि भारत-अमेरिका के संबंध बहुत मजबूत, बहुआयामी हैं। वहीं आर्थिक संबंध बहुत खास हैं। हमने व्यापार से संबंधित किसी भी मामले पर चर्चा करने के लिए अमेरिका और भारत के बीच तंत्र स्थापित किए हैं। इस मुद्दे पर भी हम नजर रख रहे हैं।
एस जयशंकर ने अवैध अप्रवासन को बताया था गलत
ट्रंप के शपथ ग्रहण समारोह में भाग लेने पहुंचे विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा था कि हम अवैध आवागमन और अवैध प्रवास का विरोध करते हैं।' 'क्योंकि आप भी जानते हैं कि जब कोई अवैध काम होता है, तो उसके साथ कई अन्य अवैध गतिविधियां भी जुड़ जाती हैं, जो वांछनीय नहीं है। यह निश्चित रूप से प्रतिष्ठा के लिहाज से अच्छा नहीं है। इसलिए, प्रत्येक देश के साथ, और अमेरिका कोई अपवाद नहीं है, हमने हमेशा यह कहा है कि यदि हमारा कोई नागरिक वहां अवैध रूप से है, और यदि हमें यकीन है कि वे हमारे नागरिक हैं, तो हम हमेशा उनकी वैध भारत वापसी के लिए तैयार हैं'। उन्होंने कहा कि नई दिल्ली अभी भी अमेरिका से उन लोगों की पुष्टि करने की प्रक्रिया में है जिन्हें भारत भेजा जा सकता है और ऐसे व्यक्तियों की संख्या अभी निर्धारित नहीं की जा सकती है। हम चाहते हैं कि भारतीय प्रतिभा और भारतीय कौशल को वैश्विक स्तर पर अधिकतम अवसर मिले।
अमेरिका में 11 मिलियन अवैध अप्रवासी, 1.80 लाख भारतीय शामिल
अमेरिका भारत के 1.80 लाख भारतीयों को निर्वासित करने की योजना बना रहा है। इसमें कई भारतीय ऐसे हैं जो अवैध रूप से वहां रह रहे हैं या अपने वीजा की अवधि समाप्त होने के बाद भी वहां रह रहे हैं। अप्रैल 2024 में होमलैंड सुरक्षा विभाग ने कहा था कि वर्ष 2022 में अमेरिका में लगभग 11 मिलियन अवैध अप्रवासी थे। मैक्सिको 4.81 मिलियन अवैध अप्रवासियों के साथ सूची में सबसे ऊपर है। इसके बाद ग्वाटेमाला के 7.5 लाख, अल साल्वाडोर के 7.1 लाख, होंडुरास के 5.6 लाख, फिलीपींस के 3.5 लाख, वेनेजुएला के 3.2 लाख, कोलंबिया और ब्राजील के 2.3 लाख अप्रवासी शामिल हैं। होमलैंड ने यह भी कहा कि 2018 से 2022 के बीच भारत से अवैध अप्रवासियों की संख्या में गिरावट आई है।
अवैध अप्रवासियों का निर्वासन कर रहा अमेरिका
शपथ ग्रहण करने के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने स्थायी कानूनी स्थिति के बिना लाखों अप्रवासियों को निर्वासित करने के उद्देश्य से कई कार्यकारी आदेश जारी किए हैं। इसके बाद से लगातार अमेरिका से अवैध अप्रवासियों को निकालने का सिलसिला जारी है। अब तक सैकड़ों लोगों का निर्वासन हो चुका है। जबकि बड़ी संख्या में लोगों को हिरासत में लिया गया है। न्यूयॉर्क और न्यूजर्सी के गुरुद्वारों में जाकर अवैध अप्रवासियों की तलाश की गई है।