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PM Modi: भारतीय मदद से श्रीलंका में रेलवे की दो परियोजनाएं,अर्थव्यवस्था में फूंकेंगी जान; पीएम मोदी ने की शुरु

Sun, 06 Apr 2025 10:45 AM IST
अभिषेक दीक्षित वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, कोलंबो

सार

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का श्रीलंका दौरा कई मायनों में अहम रहा है। उन्हें श्रीलंकाई सरकार ने 'श्रीलंका मित्र विभूषण सम्मान' से नवाजा। इस दौरान पीएम मोदी ने मछुआरों का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि हमने मछुआरों की आजीविका से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा की। हम सहमत हैं कि हमें इस मामले में एक मानवीय सहायता के साथ आगे बढ़ना चाहिए। हमने मछुआरों को तुरंत रिहा किए जाने और उनकी नौकाओं को वापस भेजने पर भी बल दिया।
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श्रीलंका दौरे पर पीएम मोदी - फोटो : PTI
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विस्तार
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपनी तीन दिवसीय श्रीलंका यात्रा के आखिरी चरण में ऐतिहासिक शहर अनुराधापुर पहुंचे, जहां उन्होंने भारतीय सहायता वाली दो रेलवे परियोजनाओं का शुभारंभ किया। इनसे श्रीलंका की रेल यात्री और माल वहन क्षमता बढ़ेगी और कुशल आवाजाही की सुविधा मिलेगी। श्रीलंकाई अर्थव्यवस्था को गति देने के लिहाज से भी इन परियोजनाओं को बेहद अहम माना जा रहा है।

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प्रधानमंत्री रविवार सुबह पहले अनुराधापुर स्थित प्रसिद्ध जया श्री महा बोधि मंदिर के दर्शन करने पहुंचे। इस दौरान श्रीलंकाई राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके भी मौजूद थे। फिर दोनों नेताओं ने 91.27 मिलियन अमेरिकी डॉलर (करीब 780 करोड़) की भारतीय सहायता से नवीनीकृत 128 किलोमीटर लंबी माहो-ओमानथाई रेलवे लाइन का उद्घाटन किया। उन्होंने माहो से अनुराधापुरा तक 14.89 मिलियन अमेरिकी डॉलर (127 करोड़ रुपये) के भारतीय अनुदान से बनाई जा रही एक उन्नत सिग्नलिंग प्रणाली के निर्माण का शुभारंभ किया। विदेश मंत्रालय के वित्त पोषण के साथ श्रीलंका में रेलवे परियोजनाओं पर काम कर रहे भारत के सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम इरकॉन इंटरनेशनल लिमिटेड के प्रबंध निदेशक हरि मोहन गुप्ता ने बताया कि ये परियोजनाएं श्रीलंका में उत्तर-दक्षिण रेल संपर्क को मजबूत करने में मील का पत्थर साबित होंगी। उन्होंने बताया, भारतीय रेलवे में उपलब्ध आधुनिक ट्रैक संरचना के साथ निर्माण से अधिकतम गति 120 किमी प्रति घंटे होगी और भार वहन क्षमता 20 टन तक होगी। उन्होंने बताया कि 128 किलोमीटर लंबी माहो-ओमानथाई रेलवे लाइन का उन्नयन दो चरण में पूरा किया गया। 

दिसानायके को बताया अपना दोस्त
प्रधानमंत्री मोदी ने भारत रवाना होने से पहले एक पोस्ट में कहा, राष्ट्रपति दिसानायके, श्रीलंका सरकार और यहां के नागरिकों की तरफ से दिखाई गई गर्मजोशी के लिए बेहद आभारी हूं। चाहे कोलंबो हो या अनुराधापुरा इस यात्रा ने हमारे दोनों देशों के बीच गहरे सांस्कृतिक, आध्यात्मिक और सभ्यतागत संबंधों की पुष्टि की है। पीएम ने दिसानायके के साथ कार्यक्रम स्थल पर जाने के दौरान की एक फोटो साझा करके लिखा, अनुराधापुर में अपने मित्र के साथ।
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बोधगया से बोधि वृक्ष का बेहद खास रिश्ता
अनुराधापुरा कोलंबो से करीब 200 किलोमीटर दूर स्थित एक आध्यात्मिक शहर है। यहां स्थित जय श्री महाबोधि मंदिर भारत-श्रीलंका संबंधों में विशेष महत्व रखता है। मान्यता है कि मंदिर में लगे बोधि वृक्ष की उत्पत्ति भारत के बोधगया से भेजे गए एक पौधे से हुई थी, जिसे सम्राट अशोक की बेटी थेरी संघमित्रा लेकर गई थी। माना जाता है कि संघमित्रा ने ही मंदिर के परिसर में यह पौधा लगाया था।

भाव विभोर कर देने वाला क्षण
पीएम मोदी ने दिसानायके के साथ अनुराधापुरा में प्रतिष्ठित बौद्ध तीर्थस्थल पहुंचकर श्रद्धा सुमन अर्पित किए और प्रमुख बौद्ध भिक्षु से आशीर्वाद लिया। भारत-श्रीलंका के बीच मजबूत सभ्यतागत संबंधों का प्रमाण माने जाने वाले इस मंदिर में उन्होंने पवित्र महाबोधि वृक्ष की पूजा की। पीएम ने कहा, बौद्ध धर्म के सबसे प्रतिष्ठित स्थलों में शामिल इस मंदिर के दर्शन करना भावविभोर कर देने वाला क्षण है।

भारत की पड़ोसी पहले नीति में श्रीलंका अहम : दिसानायके
श्रीलंकाई राष्ट्रपति अनुरा कुमार दिसानायके के कार्यालय ने बयान जारी कर कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की श्रीलंका यात्रा भारत की पड़ोसी पहले नीति में द्वीपीय देश की महत्वपूर्ण भूमिका को पुष्ट करती है। यह यात्रा सदियों पुरानी मित्रता, समृद्ध भविष्य के प्रति प्रतिबद्धता की थीम पर आधारित स्थायी संबंधों को रेखांकित करती है।

भारत ने कई मौकों पर हरा है हमारा संकट ः श्रीलंका
श्रीलंका के उपविदेश मंत्री अरुण हेमचंद्रा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को मित्र विभूषण पुरस्कार दिया जाना भारत और श्रीलंका के द्विपक्षीय रिश्तों में एक महत्वपूर्ण पल है। हेमचंद्रा ने आगे कहा कि यह सम्मान सिर्फ एक औपचारिकता नहीं है, बल्कि दोनों देशों के ऐतिहासिक और राजनयिक संबंधों का प्रतीक है।
n हेमचंद्रा ने यह भी कहा कि श्रीलंका की नई सरकार भारत के साथ मिलकर काम करने और भी मजबूत संबंध बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। हेमचंद्रा ने कहा कि जब भी श्रीलंका किसी संकट में होता है,भारत की पड़ोसी पहले नीति हमेशा उनके देश के लिए कारगर और मददगार रही है।

विशेष पहल के तहत 14 भारतीय मछुआरे रिहा
श्रीलंका ने रविवार को विशेष पहल के तहत 14 भारतीय मछुआरों को रिहा किया। द्वीप राष्ट्र ने यह कदम प्रधानमंत्री मोदी की तरफ से मछुआरों के मुद्दे को मानवीय दृष्टिकोण से सुलझाने पर जोर देने के एक दिन बाद उठाया है। राष्ट्रपति दिसानायके ने शनिवार को पीएम मोदी के साथ बैठक के बाद कहा था, हमने मछुआरों की आजीविका से संबंधित मुद्दों पर चर्चा की और इस पर सहमति जताई कि हमें मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए आगे बढ़ना चाहिए।

 बेहद सार्थक रही यात्रा
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने पोस्ट में कहा कि पीएम मोदी की श्रीलंका यात्रा अत्यंत सार्थक रही।

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श्रीलंका दौरे पर पीएम मोदी - फोटो : PTI
'श्रीलंका मित्र विभूषण सम्मान' से सम्मानित
इससे पहले श्रीलंका की सरकार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को 'श्रीलंका मित्र विभूषण सम्मान' से सम्मानित किया था। श्रीलंका की सरकार यह सम्मान उन देशों के राष्ट्राध्यक्षों को देती है, जिनके श्रीलंका के साथ अच्छे संबंध होते हैं। भारत के ऐतिहासिक तौर पर श्रीलंका के साथ अच्छे संबंध रहे हैं। साथ ही जब श्रीलंका आर्थिक संकट के दौर से गुजर रहा था तो उस वक्त भी सबसे पहले भारत ने ही श्रीलंका के लिए मदद का हाथ बढ़ाया था। 

'भारत के 140 करोड़ देशवासियों का सम्मान'
अब इन अच्छे संबंधों को ही मान्यता देते हुए श्रीलंका की सरकार ने प्रधानमंत्री मोदी को यह सम्मान दिया। श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके ने प्रधानमंत्री मोदी को 'मित्र विभूषण सम्मान' का मेडल पहनाकर सम्मानित किया। सम्मान पाने के बाद पीएम मोदी ने कहा कि यह भारत के 140 करोड़ देशवासियों का सम्मान है। 

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श्रीलंका दौरे पर पीएम मोदी - फोटो : PTI
श्रीलंका मित्र विभूषण सम्मान के मेडल में क्या खास?
श्रीलंका मित्र विभूषण सम्मान में एक चांदी का मेडल होता है, जिसमें बना धर्म चक्र बौद्ध विरासत का प्रतीक है। इस बौद्ध विरासत ने भारत और श्रीलंका की सांस्कृतिक परंपराओं को आकार दिया है। मेडल में बना पुन कलश (एक औपचारिक बर्तन) समृद्धि और नवीनीकरण का प्रतीक है। मेडल में बने नवरत्न दोनों देशों के बीच अमूल्य और स्थायी दोस्ती का प्रतिनिधित्व करते हैं। सूर्य और चंद्रमा प्राचीन अतीत से अनंत भविष्य तक फैले बंधन को दर्शाते हैं। 

श्रीलंका दौरे पर पीएम मोदी - फोटो : PTI
पीएम मोदी ने क्या कहा था?
प्रधानमंत्री मोदी ने सम्मानित होने के बाद कहा था कि श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुरा कुमार दिसानायके द्वारा श्रीलंका मित्र विभूषण पुरस्कार से सम्मानित होना मेरे लिए नहीं बल्कि 140 करोड़ भारतीयों के लिए सम्मान की बात है। यह श्रीलंका और भारत के लोगों के बीच ऐतिहासिक संबंध और गहरी मित्रता को दर्शाता है और इसके लिए मैं राष्ट्रपति, श्रीलंका सरकार और यहां के लोगों को धन्यवाद देता हूं।

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श्रीलंका के लिए भारत परिवार की तरह खड़ा होता है- आत्मस्थाना अधिपति
श्रीलंका के अनुराधापुरा में पल्लेगामा हेमराथना थेरो-अनुराधापुरा आत्मस्थाना अधिपति ने पीएम मोदी के दौरे को लेकर कहा कि, 'प्रधानमंत्री मोदी दूसरी बार यहां आए हैं, और हम बहुत खुश हैं कि वे यहां आए हैं। अनुराधापुरा लोगों के लिए बहुत खास है क्योंकि वे 2300 साल पुराने बोधि वृक्ष के लिए इस स्थान पर आते हैं। यह वह स्थान है जहां से श्रीलंका में बौद्ध धर्म की शुरुआत हुई थी। यहां के स्तूप में बुद्ध के अवशेष हैं जो इसे बहुत खास बनाते हैं। बौद्ध धर्म भारत की ओर से श्रीलंका को दिया गया सबसे बड़ा उपहार है, जब भी श्रीलंका संकट में होता है, भारत एक परिवार की तरह खड़ा होता है।'
 
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