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पिनाका रॉकेट सिस्टम: PM मोदी ने फ्रांस को पेशकश की, जानें ये कितना खास, कारगिल में कैसे आया था सेना के काम

Wed, 12 Feb 2025 08:13 PM IST
राहुल कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फ्रांस को भारतीय पिनाका को जानने का आमंत्रण दिया। अपने पेरिस दौरे के दौरान पीएम मोदी ने दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय रक्षा संबंधों को नए स्तर पर पहुंचाया है।
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पिनाका - फोटो : अमर उजाला
फ्रांस अपनी रक्षा जरूरतों को पूरा करने के लिए भारत निर्मित पिनाका मल्टी-बैरल रॉकेट लॉन्चर सिस्टम खरीदने पर विचार कर रहा है। इसी बीच पीएम नरेंद्र मोदी ने अपने फ्रांस दौरे पर स्वदेशी मल्टी-लॉन्च आर्टिलरी रॉकेट सिस्टम 'पिनाका' की पेशकश राष्ट्रपति मैक्रों को की है। राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के साथ वार्ता के दौरान पीएम मोदी ने फ्रांसीसी सेना को पिनाका की क्षमता को करीब से परखने के लिए आमंत्रित किया है। पीएम मोदी ने इस बात पर जोर देते हुए कहा कि फ्रांस द्वारा इस प्रणाली का अधिग्रहण द्विपक्षीय रक्षा संबंधों में 'एक और मील का पत्थर' होगा।

अगर भारत और फ्रांस के बीच खरीद का समझौता होता है, तो यह सौदा रक्षा क्षेत्र में मेक इन इंडिया पहल की एक बड़ी सफलता साबित होगा। फ्रांस दौरे पर पहुंचे पीएम मोदी ने 26 राफेल लड़ाकू विमानों के सीधे अधिग्रहण और तीन अतिरिक्त स्कॉर्पीन पनडुब्बियों के निर्माण में सहयोग के समझौते को अंतिम रूप दिया है। बता दें कि, भारत इससे पहले आर्मेनिया को पिनाका निर्यात कर चुका है। जबकि कुछ आसियान और अफ्रीकी देशों ने भी इस प्रणाली को प्राप्त करने में रुचि दिखा रहे हैं। 

डीआरडीओ ने पिनाका के लिए विभिन्न प्रकार के गोला-बारूद विकसित किए हैं। जिनमें 45 किलोमीटर, 75 किलोमीटर निर्देशित विस्तारित रेंज वाले रॉकेट शामिल हैं। डीआरडीओ की योजना इसे आगे बढ़ाकर 120 किलोमीटर और फिर 300 किलोमीटर करने की है।
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डीआरडीओ ने पिनाका हथियार प्रणाली का सफल परीक्षण किया - फोटो : पीआईबी
भगवान शिव के दिव्य धनुष के नाम पर पिनाका रॉकेट प्रणाली का नाम
पिनाका रॉकेट प्रणाली का नाम हिंदू देवता शिव के दिव्य धनुष 'पिनाका' के नाम पर रखा गया है। इस प्रणाली में फ्रांस की ओर से उस समय रुचि दिखाई गई है, जब चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) जनरल अनिल चौहान ने इस साल फ्रांस का उच्च स्तरीय दौरा किया। भारत अपनी स्वदेशी रक्षा प्रणालियों के निर्यात को बढ़ावा देने की कोशिश कर रहा है और 2014 के बाद से इसमें उसने कामयाबी हासिल की है। फ्रांस, अमेरिका के बाद भारतीय रक्षा उपकरणों का दूसरा सबसे बड़ा आयातक देश है। भारत फ्रांस को कई इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की भी आपूर्ति करता है। 
 
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मल्टी-लॉन्च आर्टिलरी रॉकेट सिस्टम 'पिनाका' - फोटो : ANi
75 किमी से अधिक  है मारक क्षमता
यह रॉकेट सिस्टम कई वैरिएंट में उपलब्ध है और 75 किलोमीटर और उससे भी अधिक दूरी तक लक्ष्य को भेद सकता है। इससे पहले आर्मेनिया इसे खरीदने के लिए ऑर्डर दे चुका है और कई अन्य देश इसमें रुचि दिखा रहे हैं। पिनाका एमबीआरएल को रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन ने विकसित किया है और इसका उत्पादन सोलर इंडस्ट्रीज, लार्सन एंड टुब्रो, टाटा और ऑर्डनेंस फैक्ट्री बोर्ड कंपनीज आदि मिलकर कर रहे हैं।

 
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मल्टी-लॉन्च आर्टिलरी रॉकेट सिस्टम 'पिनाका' - फोटो : एएनआई
कारगिल युद्ध में सटीक रहा था पिनाका मार्क-1
1999 के कारगिल युद्ध के दौरान भारतीय सेना ने पिनाक मार्क-1 संस्करण का इस्तेमाल किया था, जिसने पहाड़ की चौकियों पर तैनात पाकिस्तानी चौकियों को सटीकता के साथ निशाना बनाया था और युद्ध में दुश्मन को पीछे हटने के लिए मजबूर कर दिया था।

आर्मेनिया भारतीय रक्षा उपकरणों का तीसरा सबसे बड़ा खरीददार
इस हथियार प्रणाली की आपूर्ति के लिए भारतीय कंपनियों और आर्मेनिया ने दो साल पहले लंबी बातचीत के बाद एक अनुबंध पर हस्ताक्षर किए थे। आर्मेनिया भारत के प्रमुख रक्षा उपकरणों के खरीददारों में से एक है और वह अमेरिका और फ्रांस के साथ ही भारत का तीसरा सबसे बड़ा रक्षा उपकरण खरीददार है। 
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