पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और पीएम नरेंद्र मोदी (फाइल)
- फोटो : एएनआई
भारत-अमेरिका व्यापार संबंधों पर भी नजर रहेगी
ध्रुव जयशंकर ने कहा कि पीएम मोदी के आगामी दौरे के दौरान अमेरिका के साथ भारत के व्यापारिक रिश्ते पर भी नजर रहेगी। उन्होंने कहा, 'हम कुछ समझौतों की उम्मीद कर सकते हैं। जिसमें दोनों पक्ष टैरिफ के एक सेट और एक अन्य व्यवस्था पर सहमत हों, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि हम अगले 4 वर्षों में एक दूसरे के साथ व्यापार विवादों में न फंसें। उन्होंने कहा कि भारत वैश्विक स्तर पर स्टील का एक बहुत बड़ा उत्पादक है, इसलिए दोनों देशों के बीच इस क्षेत्र में व्यापारिक रिश्ते बढ़ने की संभावना वास्तविक है।
ट्रंप से टैरिफ कटौती पर होगी चर्चा
गौरतलब है कि विदेश यात्रा पर रवाना होने से पहले खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि भारत और अमेरिका के लोगों के पारस्परिक लाभ के लिए वह राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ मिलकर काम करेंगे और दुनिया के बेहतर भविष्य को आकार देंगे। उन्होंने कहा, उनकी आगामी अमेरिका यात्रा दोनों देशों के बीच सहयोग को आगे बढ़ाने और प्रौद्योगिकी, व्यापार, रक्षा, ऊर्जा और आपूर्ति श्रृंखला के क्षेत्रों में भारत-अमेरिका साझेदारी मजबूत करने की दिशा में एजेंडा तय करेगी। माना जा रहा है कि पीएम मोदी द्विपक्षीय वार्ता में राष्ट्रपति ट्रंप से टैरिफ कटौती पर चर्चा कर सकते हैं। फ्रांस और अमेरिका के चार दिनी दौरे पर रवाना होने से पहले सोमवार को पीएम मोदी ने कहा, मैं अपने मित्र राष्ट्रपति ट्रंप से मिलने के लिए उत्सुक हूं।
अमेरिका में स्टील और एल्युमीनियम आयात पर 25% टैरिफ
यह भी रोचक है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपनी व्यापार नीति को लेकर गत रविवार को कहा कि वह सोमवार से स्टील और एल्युमीनियम आयात पर 25% टैरिफ लगाने जा रहे हैं और इस हफ्ते के अंत तक इसका पता लगेगा। ट्रंप का मकसद अमेरिकी उद्योगों की रक्षा व व्यापार भुगतान सुधारना है, लेकिन इसका सीधा असर, कनाडा, मेक्सिको, ब्राजील, ब्रिटेन, जापान और ईयू पर पड़ेगा। भारत में स्टील उत्पादकों को निर्यात चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा। ट्रंप के इस फैसले पर मूडीज रेटिंग्स ने सोमवार को कहा, गत एक वर्ष में भारत में उच्च स्टील आयात ने पहले ही भारतीय उत्पादकों की कीमतें और कमाई घटा दी है। 2018 में व्यापार युद्ध शुरू होने के बाद से अमेरिकी स्टील व एल्यूमीनियम आयात में वृद्धि जारी है। मूडीज ने कहा, इससे अमेरिकी स्टील उत्पादकों को फायदा होगा। अमेरिकी टैरिफ से प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी और भारतीय उत्पादकों की चुनौतियां बढ़ सकती हैं। ट्रंप ने स्पष्ट नहीं किया कि पारस्परिक टैरिफ में किन देशों पर उनका फोकस रहेगा, लेकिन ये साफ कर दिया कि सभी देशों पर यह लागू होगा।
भारत पर ज्यादा असर नहीं
हालांकि, कुछ लोगों का मानना है कि इस फैसले का बड़ा असर नहीं होगा। स्टील सचिव संदीप पौंड्रिक ने कहा, स्टील आयात पर शुल्क लगाने की अमेरिकी घोषणा का भारतीय उद्योग पर ज्यादा प्रभाव नहीं पड़ेगा, क्योंकि घरेलू बाजार मजबूत है और थोड़ी मात्रा में अमेरिका को निर्यात किया जाता है। हमने पिछले साल 14 करोड़ टन स्टील का उत्पादन किया, जिसमें से 95,000 टन अमेरिका को निर्यात किया गया।
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