फ्रांस की राजधानी पेरिस पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज एआई पर शिखर सम्मेलन में शिरकत करेंगे। पीएम मोदी फ्रांस के राष्ट्रपति इमानुएल मैक्रों के साथ सम्मेलन की अध्यक्षता करेंगे। इससे पहले भारतीय समयानुसार सोमवार रात पीएम मोदी पेरिस पहुंचे। फ्रांस के रक्षा मंत्री सेब लेकॉर्नो ने हवाईअड्डे पर उनकी अगवानी की। पीएम जब होटल पहुंचे, तो वहां उनके स्वागत के लिए बड़ी संख्या में प्रवासी भारतीय मौजूद थे। देर शाम पीएम ने राष्ट्रपति मैक्रों की ओर से एआई सम्मेलन में हिस्सा लेने पहुंचे राष्ट्राध्यक्षों व शासनाध्यक्षों के रात्रि भोज में भी शिरकत की।
मार्सिले में करेंगे वाणिज्य दूतावास का उद्घाटन
पीएम मोदी और राष्ट्रपति मैक्रों अंतरराष्ट्रीय थर्मोन्यूक्लियर प्रायोगिक रिएक्टर परियोजना का भी दौरा करेंगे, जिसमें भारत, फ्रांस सहित भागीदार देशों के संघ का सदस्य है। पीएम मोदी वाणिज्य दूतावास का उद्घाटन करने मार्सिले भी जाएंगे। वह मजारगुएस युद्ध कब्रिस्तान में उन भारतीय सैनिकों को भी श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे, जिन्होंने प्रथम व द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान प्राणों की आहुति दी थी।
पेरिस पहुंचने से पहले अपने फ्रांस दौरे के बारे में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि वह फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के साथ दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी-2047 का रोडमैप तैयार करेंगे। पीएम मोदी कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) पर वैश्विक शिखर सम्मेलन में शिरकत करने सोमवार को फ्रांस की राजधानी पेरिस पहुंच गए। पीएम मोदी दोनों देशों के बीच रिश्ते मजबूत करने के लिए मैक्रों के साथ द्विपक्षीय बातचीत भी करेंगे। वहीं, मैक्रों ने कहा, भारत-फ्रांस के साझा हित दोस्ती पर केंद्रित हैं।
फ्रांस की दो दिवसीय यात्रा पर रवाना होने से पहले पीएम मोदी ने कहा, मैं एआई सम्मेलन की सह-अध्यक्षता करने के लिए उत्सुक हूं। यह वैश्विक नेताओं और तकनीकी कंपनियों के सीईओ की सभा है, जहां हम समावेशी, सुरक्षित व भरोसेमंद तरीके से नवाचार और व्यापक जन कल्याण के लिए एआई प्रौद्योगिकी के इस्तेमाल पर विचारों को साझा करेंगे।
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वहीं, राष्ट्रपति मैक्रों ने प्रौद्योगिकी व शिक्षा में भारत की ताकत का जिक्र करते हुए वीडियो साक्षात्कार में कहा, सालाना दस लाख इंजीनियर तैयार करने के साथ भारत प्रशिक्षण महाशक्ति है। यह पूरे अमेरिका-यूरोप में तैयार होने वाले इंजीनियरों की संख्या से अधिक है। हम अपनी प्रतिभा को प्रशिक्षित करना चाहते हैं, ताकि वे विदेश जा सकें। साक्षात्कार की शुरुआत मैक्रों ने हिंदी में कहा-भारत के लोगों को नमस्ते, जबकि अंत बहुत शुक्रिया कहकर किया।
भारत से पिनाक खरीदने में है फ्रांस की रुचि
फ्रांस, भारत से मल्टी बैरल रॉकेट लॉन्चर प्रणाली पिनाक खरीदने के लिए बातचीत कर रहा है। यदि यह समझौता सफल रहा, तो पहली बार ऐसा होगा कि भारत का दूसरा सबसे बड़ा हथियार आपूर्तिकर्ता उससे हथियार खरीदेगा। भारत दुनिया का सबसे बड़ा हथियार आयातक है, लेकिन हाल के वर्षों में वह हथियारों की जरूरतें पूरी करने के लिए अपना उत्पादन बढ़ाने का प्रयास कर रहा है। इसके साथ ही भारत धीरे-धीरे रक्षा निर्यात भी बढ़ा रहा है।
क्यों अहम है पेरिस का यह सम्मेलन
गौरतलब है कि दुनियाभर के नेता और प्रौद्योगिकी अधिकारी सोमवार को पेरिस में इस बात के लिए जुटे हैं कि लालफीताशाही के बीच कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) को सुरक्षित रूप से कैसे अपनाया जाए।
भारत इस एआई शिखर सम्मेलन की सह-अध्यक्षता कर रहा है, जिसे वाणिज्य-उद्योग चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री फ्रांस-भारत के अध्यक्ष कौमार आनंद ने मील का पत्थर करार दिया है। आनंद ने एआई के बढ़ते जियोपॉलिटिकल महत्व और ग्लोबल गवर्नेंस, सिक्योरिटी और वर्कफोर्स डेवलपमेंट पर इसके असर को समझाया। उन्होंने कहा, भारत-फ्रांस में व्यापार 20 अरब डॉलर से कम रहा है जो पहले 15-18 अरब डॉलर हुआ करता था। लेकिन अब, जबकि भारत इस सम्मेलन की सह-अध्यक्षता कर रहा है तब यह तकनीकी नजरिये से सियासी व जियो-पॉलिटिक्स एजेंडे से भी अहम हो सकता है। अब हमारे पास पहले की तुलना में अधिक बेहतर एआई तकनीक है। कार्यक्रम में अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस व चीनी उपप्रधानमंत्री झांग गुओकिंग सहित शीर्ष नेता शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे। प्रतिनिधिमंडलों से अपेक्षा है कि वे धरती के गर्म होने के कारण एआई की व्यापक ऊर्जा जरूरतों के प्रबंधन और विकासशील दुनिया के लिए इसके बारे में बात करेंगे।
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