मनामा में क्राउन प्रिंस, सलमान बिन हमद बिन ईसा अल खलीफा के साथ द्विपक्षीय वार्ता के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी।
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उन्होंने कहा कि द्विपक्षीय संबंधों को प्रगाढ़ बनाने के लिए प्रधानमंत्री मोदी ने शहजादे खलीफा बिन सलमान अल खलीफा, बहरीन के प्रधानमंत्री से मुलाकात की। दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय संबंधों को बढ़ावा देने की प्रतिबद्धता जाहिर की है। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) और बहरीन की नेशनल स्पेस साइंस एजेंसी ने अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में सहयोग पर सहमति जताई।
प्रधानमंत्री मोदी ने 2015 में फ्रांस के तत्कालीन राष्ट्रपति फ्रांसवा ओलोंद के साथ पेरिस में संयुक्त राष्ट्र जलवायु परिवर्तन सम्मेलन में आईएसए की शुरूआत की थी। दोनों देशों ने सांस्कृतिक आदान-प्रदान पर भी सहमति व्यक्त की।
प्रधानमंत्री मोदी ने वार्ता के बाद ट्वीट किया कि बहरीन के प्रधानमंत्री शहजादे खलीफा बिन सलमान अल खलीफा से मिलकर सम्मानित महसूस कर रहा हूं। हमारी बातचीत व्यापक थी और इसमें भारत-बहरीन के रिश्तों से संबंधित व्यापक विषय शामिल थे।
वार्ता से पहले मोदी का यहां अल गुदैबिया पैलेस में भव्य स्वागत किया गया। हवाईअड्डे पर मोदी की अगवानी शहजादे खलीफा बिन सलमान अल खलीफा ने की। तीन देशों फ्रांस, यूएई और बहरीन की यात्रा के तीसरे चरण के तहत मोदी यहां पहुंचे हैं। मोदी रविवार को खाड़ी क्षेत्र के सबसे पुराने श्रीनाथजी के मंदिर के पुनरुद्धार के औपचारिक शुभारंभ के साक्षी बनेंगे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बहरीन की धरती से पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुण जेटली को याद किया। दरअसल मनामा पहुंचते ही पीएम ने भारतीय समुदाय को संबोधित किया इस दौरान प्रधानमंत्री का दर्द छलका पड़ा, उन्होंने कहा कि जिस दोस्त के साथ उन्होंने जिंदगी का लंबा सफर तय किया, आज वह दोस्त साथ छोड़ कर चला गया। आज मैं अपने भीतर गहरा दर्द दबा बैठा हूं। पहले बहन सुषमा चली गईं, अब दोस्त अरुण चला गया। मैं कल्पना नहीं कर सकता कि मैं यहां बहरीन में हूं और मेरा दोस्त अरुण इस दुनिया में नहीं रहा।
तीन देशों की यात्रा के तीसरे चरण में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार रात बहरीन पहुंचे थे। यहां अल-गुदूबिया पैलेस में उनका भव्य स्वागत किया गया। बहरीन नेशनल स्टेडियम में भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए मोदी ने कहा कि भारत और बहरीन का रिश्ता पांच हजार साल पुराना है। अब 21वीं सदी में हमें हजारों साल पुराने रिश्ते को नई ताजगी देनी है। उन्होंने कहा, बेशक मैं यहां प्रधानमंत्री के तौर पर आया हूं लेकिन मेरा मकसद भारतीयों से मिलना है।
मोदी ने कहा, आपके प्यार के सामने नतमस्तक हूं। मैं बहरीन के खलीफा, पीएम और सरकार का आभार व्यक्त करता हूं। मुझे यहां आने वाले पहले भारतीय पीएम होने का सौभाग्य मिला। हमारे रिश्ते नई ऊंचाइयों पर पहुंचे, इसके लिए आपका साथी बनकर खड़ा हूं। आपको 130 करोड़ भारतीयों की ओर से न्योता देने आया हूं।
बहरीन से हमारा संबंध व्यापार से बढ़कर मानवीयता और संस्कृति का रहा है। मोदी ने कहा कि बहरीन की प्रगति में भारतीयों का बड़ा योगदान है। यहां की मिट्टी ने आपको, आपके सपनों और आपके अपनों के सपनों को उड़ान दी है। आज भी यहां के प्रधानमंत्री आपकी तारीफ की।
मोदी ने जन्माष्टमी शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा, मुझे बताया गया है कि जन्माष्टमी पर कृष्ण कथा सुनाने की परंपरा है। भारतीयों और खासकर गुजरात और गुजरातियों का कृष्ण के प्रति विशेष प्रेम है। गुजरात से बहरीन का पुराना संपर्क है। ऐसे में स्वाभाविक है कि यहां भी कृष्ण की मुरली आपके हृदय में गूंजती होगी।
200 साल पुराने श्रीनाथजी मंदिर जाएंगे
मोदी ने कहा, रविवार को मैं श्रीनाथजी मंदिर जाकर आप सबकी और मेजबान देश की शांति और समृद्धि के लिए प्रार्थना करूंगा। यह क्षेत्र में सबसे पुराना मंदिर है। हाल ही में इस मंदिर को 200 साल पूरे हुए। रविवार को कही मंदिर के पुनर्निर्माण का कार्य शुरू होगा।