कंप्यूटर स्टोरेज चिप बनाने वाली कंपनी माइक्रोन गुजरात में सेमीकंडक्टर चिप और टेस्ट संयंत्र लगाएगी। कंपनी इस पर 22,540 करोड़ रुपये का निवेश करेगी। इससे 20,000 लोगों को रोजगार मिलेगा। इसमें 15,000 अप्रत्यक्ष रोजगार होंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने माइक्रॉन के मुख्य कार्यकारी अिधकारी (सीईओ) संजय मेहरोत्रा के साथ मुलाकात में उन्हें भारत में निवेश का निमंत्रण दिया था। पीएम मोदी ने मेहरोत्रा के अलावा अप्लाइड मटीरियल और जनरल इलेक्ट्रिक के साथ भी बैठक कर उन्हें भारत आकर काम करने के लिए प्रेरित किया। इन कंपनियों ने भारत में निवेश की अपनी योजनाएं सामने रखीं।
माइक्रॉन ने बताया, प्लांट की कुल लागत 6,760 करोड़ होगी। इसे दो चरणों में निवेश किया जाएगा। केंद्र सरकार कुल लागत के 50% हिस्से का वित्तीय समर्थन देगी। 20% राशि गुजरात सरकार देगी। संयंत्र का निर्माण 2023 में शुरू होने की उम्मीद है। पहला चरण 2024 के अंत में चालू हो सकता है। गौरतलब है कि भारत ने भी खुद को एशिया में इलेक्ट्रॉनिक्स के लिए सबसे आकर्षक जगह के रूप में स्थापित करने में कोई कसर नहीं छोड़ी है। सरकार ने भारत में सेमीकंडक्टर के निर्माण को प्रोत्साहित करने के लिए प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव (पीएलआई) की घोषणा भी की है।
प्रोसेस तकनीक व पैकेजिंग क्षमता के लिए अप्लाइड मटीरियल्स को निमंत्रण
पीएम मोदी ने अप्लाइड मटीरियल्स के सीईओ व अध्यक्ष गैरी ई डिकर्सन के साथ बैठक में भारत के अकादमिक संस्थानों से सहयोग पर चर्चा की। इसके जरिये देश के युवाओं में संबंधित तकनीकी क्षमताएं विकसित की जा सकेंगी। पीएम ने उन्हें भारत में प्रोसेस तकनीक और आधुनिक पैकेजिंग क्षमताओं के विकास के लिए भी निमंत्रण दिया।
जीई को प्रधानमंत्री मोदी ने सराहा
जनरल इलेक्टि्रक एयरोस्पेस (जीई) के सीईओ एच लॉरेंस कल्प जूनियर से बैठक में पीएम मोदी ने उनसे भारत के उड्डयन और अक्षय ऊर्जा क्षेत्रों में बड़ी भूमिका निभाने की अपेक्षा जताई। विदेश मंत्रालय ने बताया कि भारत में लंबे समय के दौरान विनिर्माण पर जीई की प्रतिबद्धता की पीएम ने सराहना की। इस दौरान ज्यादा से ज्यादा तकनीकी सहयोग पर भी दोनों में चर्चा हुई।
भारत में निवेश को कई कंपनियां होंगी लालायित
पीएम नरेंद्र मोदी के अमेरिका दौरे में प्रमुख कंपनियों ने भारत में निवेश व काम करने की इच्छा तो जताई ही, कई अन्य कंपनियां भी इसके लिए लालायित हो सकती हैं। इसे वे चीन पर निर्भरता कम करने का रास्ता मानती हैं। साल 2000 से 2023 तक अमेरिका से भारत में 6,000 करोड़ डॉलर का निवेश हुआ था।
टेस्ला
कंपनी के मुखिया एलन मस्क के अनुसार पीएम मोदी ने उन पर भारत में अहम निवेश के लिए जोर दिया है, वह जल्द ही इसकी घोषणा कर सकते हैं।
बोइंग
विमान निर्माता कंपनी ने 2.40 करोड़ डॉलर का निवेश विमानों के कलपुर्जों के लॉजिस्टिक सेंटर में करने की योजना बनाई है।
अमेजन डॉट कॉम
अमेजन वेब सर्विसेज के अनुसार 2030 तक वह भारत में 1,300 करोड़ डॉलर निवेश करेगी। इससे क्लाउड कंप्यूटिंग के लिए बुनियादी ढांचा खड़ा होगा।
एपल
अप्रैल में मुंबई व दिल्ली में अपने आधिकारिक स्टोर खोले हैं। इसके लिए भारत आए कंपनी सीईओ टिम कुक ने बताया था कि एपल भारत में उत्पादन बढ़ाने में जुटी है। फिलहाल फॉक्सकॉन, विस्ट्रॉन कॉर्प, पेगाट्रॉन कार्प आदि से अनुबंध कर कई उत्पाद बनाए भी जा रहे हैं।
फॉक्सकॉन
ताइवानी कंपनी 50 करोड़ डॉलर निवेश कर तेलंगाना में और 96.8 करोड़ डॉलर निवेश कर कर्नाटक में उत्पादन इकाइयां बना रही है। इनसे करीब 70 हजार नौकरियां पैदा होंगी। एपल के एयरपॉड्स और वायरलेस ईयरफोन की फैक्ट्री भी भारत में बनाने की योजना है।
वॉलमार्ट
रिटेल कंपनी के सीईओ डग मैकमिलन पिछले महीने पीएम मोदी से मुलाकात कर चुके हैं। कंपनी 2027 तक भारत से अपना निर्यात 1,000 करोड़ डॉलर पहुंचाने के लक्ष्य पर काम कर रही है।