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NZ: पूर्व गवर्नर जनरल, एयरलाइन CEO और खिलाड़ी; कौन हैं वे भारतवंशी जिनका PM मोदी ने न्यूजीलैंड में किया जिक्र?

Sat, 11 Jul 2026 02:50 PM IST
कीर्तिवर्धन मिश्र स्पेशल डेस्क, अमर उजाला

सार

पीएम ने जिन चार नामों का जिक्र किया, उनमें न्यूजीलैंड के पूर्व गवर्नर जनरल से लेकर हाल ही में एयर न्यूजीलैंड के सीईओ बनाए गए एक भारतवंशी का जिक्र भी शामिल रहा। इसके अलावा पीएम ने न्यूजीलैंड की मौजूदा अंतरराष्ट्रीय टीम में शामिल दो दिग्गज खिलाड़ियों का भी जिक्र किया, जिनका मूल भारत से जुड़ा रहा है। आइये इनके बारे में जानते हैं...
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न्यूजीलैंड में पीएम मोदी ने किया भारतवंशियों का जिक्र। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को न्यूजीलैंड दौरे पर भारतीय समुदाय को संबोधित किया। न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन की मौजूदगी में पीएम ने दोनों देशों के रिश्तों की गहराई पर बात की। इस दौरान प्रधानमंत्री ने न्यूजीलैंड में रह रहे भारतीयों की उपलब्धियों को भी गिनाया और चार ऐसे नामों का जिक्र किया, जो कि न्यूजीलैंड में भारतीय समुदाय के लिए प्रेरणास्रोत बने हुए हैं। 
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पीएम ने जिन चार नामों का जिक्र किया, उनमें न्यूजीलैंड के पूर्व गवर्नर जनरल से लेकर हाल ही में एयर न्यूजीलैंड के सीईओ बनाए गए एक भारतवंशी का जिक्र भी शामिल रहा। इसके अलावा पीएम ने न्यूजीलैंड की मौजूदा अंतरराष्ट्रीय टीम में शामिल दो दिग्गज खिलाड़ियों का भी जिक्र किया, जिनका मूल भारत से जुड़ा रहा है। आइये इनके बारे में जानते हैं...
 

1. सर आनंद सत्यानंद, न्यूजीलैंड के पूर्व गवर्नर जनरल

सर आनंद सत्यानंद न्यूजीलैंड के एक लोकप्रिय वकील, न्यायाधीश और लोकपाल रहे हैं। वे 2006 से 2011 तक न्यूजीलैंड के 19वें गवर्नर-जनरल के रूप में कार्य कर चुके हैं। वह इस सर्वोच्च पद पर आसीन होने वाले भारतीय मूल के पहले व्यक्ति और पहले रोमन कैथोलिक थे।

प्रारंभिक जीवन और शिक्षा
उनका जन्म 22 जुलाई 1944 को न्यूजीलैंड के ऑकलैंड में एक भारतवंशी परिवार में हुआ था। उनके दादा-दादी भारत के आंध्र प्रदेश, बिहार और उत्तर प्रदेश राज्यों से फिजी गए थे, जिसके बाद उनके माता-पिता न्यूजीलैंड में बस गए थे।

आनंद सत्यानंद ने ऑकलैंड विश्वविद्यालय से कानून की पढ़ाई (लॉ) की और 1982 में न्यूजीलैंड के जिला न्यायालय में न्यायाधीश नियुक्त होने से पहले 12 वर्षों तक एक वकील के रूप में काम किया। 1995 में उन्हें न्यूजीलैंड का संसदीय लोकपाल नियुक्त किया गया था, जहां उन्होंने दो कार्यकालों तक अपनी सेवाएं दीं।

आनंद सत्यानंद में इन पदों पर निभाई जिम्मेदारियां
  • उन्होंने दिसंबर 2016 तक राष्ट्रमंडल फाउंडेशन के अध्यक्ष के रूप में कार्य किया।
  • 2018 में उन्होंने दुर्व्यवहार से जुड़े एक बहुचर्चित मामले की जांच करने वाले रॉयल कमीशन ऑफ इन्क्वायरी का भी नेतृत्व किया।
  • अगस्त 2019 से जुलाई 2025 तक वे वाइकाटो विश्वविद्यालय के चांसलर पद पर कार्यरत रहे।

नाइट की उपाधि से हो चुके हैं सम्मानित
2009 में न्यूजीलैंड सरकार की तरफ से उन्हें 'न्यूजीलैंड ऑर्डर ऑफ मेरिट' के तहत नाइट की उपाधि (सर का शीर्षक) प्रदान किया गया था। इसके अलावा, सार्वजनिक जीवन में उनकी उत्कृष्ट उपलब्धियों को मान्यता देते हुए, 2011 में भारत के राष्ट्रपति ने उन्हें भारत सरकार के सर्वोच्च सम्मानों में से एक प्रवासी भारतीय सम्मान से भी नवाजा था।

2. निखिल रविशंकर, एयर न्यूजीलैंड के सीईओ

भारतीय मूल के बिजनेस एक्जीक्यूटिव निखिल रविशंकर पिछले साल ही एयर न्यूजीलैंड के नए सीईओ नियुक्त किए गए हैं। वह 20 अक्तूबर 2025 को आधिकारिक तौर पर अपना पदभार संभालेंगे। इस प्रमुख पद पर नियुक्त होने वाले वह भारतीय मूल के पहले व्यक्ति हैं।

प्रारंभिक जीवन और शिक्षा
द ग्लोबल इंडियन के मुताबिक, निखिल रविशंकर का जन्म भारत के बंगलूरू में हुआ। उनका शुरुआती जीवन बंगलूरू में ही बीता, जहां उनका बचपन एक ऐसे पारिवारिक माहौल में गुजरा जो अकादमिक चर्चाओं से घिरा हुआ था। उनकी मां ने भारत में शिक्षा के क्षेत्र में व्यापक रूप से काम किया, विशेषकर वंचित और गरीब महिलाओं के लिए सतत शिक्षा कार्यक्रम विकसित करने में उनका अहम योगदान रहा। वहीं, उनके पिता भी उद्यमी रहे। 

1990 के दशक के मध्य में, जब न्यूजीलैंड ने कुशल पेशेवरों को आकर्षित करने के लिए एक पॉइंट-बेस्ड इमिग्रेशन सिस्टम शुरू किया, तब उनके माता-पिता एक बेहतर भविष्य की तलाश में परिवार सहित बंगलूरू से न्यूजीलैंड जा बसे। निखिल याद करते हुए बताते हैं कि एक बच्चे के रूप में जब उन्हें अपना शहर बंगलूरू छोड़ना पड़ा था, तो शुरुआत में उन्हें यह सबसे बुरा विचार लगा था, हालांकि आज वे अपने माता-पिता के इस फैसले के लिए उनके आभारी हैं। भारत से जाने के बाद, उनका आगे का पालन-पोषण न्यूजीलैंड में ही हुआ। 

उन्होंने ऑकलैंड विश्वविद्यालय से कंप्यूटर साइंस में बैचलर ऑफ साइंस और बैचलर ऑफ कॉमर्स (ऑनर्स) की डिग्री हासिल की। निखिल का मानना है कि भारत में पले-बढ़े होने और न्यूजीलैंड में बसने के कारण उनका दोनों देशों से मजबूत रिश्ता है और इससे उन्हें एक अनूठा और व्यापक नजरिया मिलता है।

करियर और अनुभव
  • एयर न्यूजीलैंड के सीईओ पद पर नियुक्त होने से पहले, वह लगभग पांच वर्षों तक इसी एयरलाइन में मुख्य डिजिटल अधिकारी के रूप में कार्यरत थे। इस दौरान उन्होंने एयरलाइन के तकनीकी ढांचे, लॉयल्टी प्रोग्राम और कस्टमर प्रपोजिशन में अहम सुधार किए।
  • इससे पहले, उन्होंने 2017 से वेक्टर न्यूजीलैंड में मुख्य डिजिटल अधिकारी के रूप में अपनी सेवाएं दी थीं। उन्होंने हांगकांग, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड में एक्सेंचर के प्रबंध निदेशक के रूप में भी काम किया है। वह स्पार्क (पूर्व में टेलीकॉम न्यूजीलैंड) में वरिष्ठ अफसर की भूमिका भी निभा चुके हैं।

नियुक्ति के बाद का विवाद
हाल ही में उनकी सीईओ पद पर नियुक्ति की खबर आने के बाद, न्यूजीलैंड हेराल्ड, रेडियो न्यूजीलैंड और 1न्यूज जैसे प्रमुख मीडिया संस्थानों को अपने सोशल मीडिया पोस्ट्स पर कमेंट्स बंद करने पड़े थे। ऐसा इसलिए किया गया क्योंकि निखिल रविशंकर की भारतीय पहचान और नस्ल को निशाना बनाते हुए सोशल मीडिया पर नस्लभेदी और नफरत भरी टिप्पणियों की बाढ़ आ गई थी, जिसे रोकने के लिए मीडिया आउटलेट्स ने यह सख्त कदम उठाया।

3. रचिन रविंद्र, न्यूजीलैंड के दिग्गज क्रिकेटर

जन्म और प्रारंभिक जीवन
रचिन रविंद्र का जन्म 18 नवंबर 1999 को न्यूजीलैंड के वेलिंगटन में हुआ था। उन्होंने पांच साल की उम्र से ही क्रिकेट खेलना शुरू कर दिया था। उनके माता-पिता मूल रूप से भारत के बंगलूरू के रहने वाले हैं। उनके पिता, रवि कृष्णमूर्ति एक सॉफ्टवेयर आर्किटेक्ट हैं जो क्लब लेवल का क्रिकेट खेलते थे और 1997 में न्यूजीलैंड में बस गए थे। उनके दादा, बालकृष्ण अडिगा बेंगलुरु के विजया कॉलेज के पूर्व प्रिंसिपल हैं और वहीं रहते हैं।

अक्सर यह माना जाता था कि उनका नाम भारतीय दिग्गज क्रिकेटरों राहुल द्रविड़ और सचिन' तेंदुलकर के नामों से मिलकर बना है। हालांकि, उनके पिता ने स्पष्ट किया कि यह महज एक इत्तेफाक था। उन्होंने यह नाम इसलिए चुना, क्योंकि यह बोलने में आसान और छोटा था। रचिन ने बाद में बताया कि बचपन से सचिन तेंदुलकर उनके आदर्श रहे हैं। रचिन बचपन से ही हर साल अपने पिता के क्रिकेट क्लब (हट्ट हॉक्स) की टीम के साथ खेलने और अभ्यास करने के लिए बंगलूरू आते थे। भारत के इन दौरों और भारतीय पिचों पर अभ्यास ने उन्हें उपमहाद्वीप की परिस्थितियों में शानदार प्रदर्शन करने में बहुत मदद की। 

क्रिकेट करियर और प्रमुख उपलब्धियां
रचिन एक बेहतरीन ऑलराउंडर हैं, जो बाएं हाथ से बल्लेबाजी और बाएं हाथ से स्पिन गेंदबाजी करते हैं। वह न्यूजीलैंड के दिग्गज स्पिनर डेनियल विटोरी को अपना आदर्श मानते हैं और उन्हीं के बॉलिंग एक्शन से प्रेरित हैं।

2016 के अंडर-19 विश्व कप में मात्र 16 साल की उम्र में, वह न्यूज़ीलैंड टीम के सबसे कम उम्र के खिलाड़ी थे। 2018 के अंडर-19 विश्व कप में आईसीसी ने उन्हें राइजिंग स्टार्स (उभरते हुए सितारे) में से एक माना था। 2021 में उन्होंने बांग्लादेश के खिलाफ अपना टी20 डेब्यू किया। उसी साल नवंबर में कानपुर में भारत के खिलाफ उन्होंने अपना टेस्ट डेब्यू किया, जहां उन्होंने नंबर आठ पर बल्लेबाजी करते हुए 91 गेंदों में नाबाद 18 रन बनाकर मैच ड्रॉ कराने में अहम भूमिका निभाई थी।

2023 वनडे विश्व कप में केन विलियमसन और माइकल ब्रेसवेल के चोटिल होने के कारण उन्हें विश्व कप टीम में शामिल किया गया था, लेकिन वे टूर्नामेंट के सबसे बड़े सितारे बनकर उभरे। उन्होंने इस टूर्नामेंट में 578 रन बनाए, जो विश्व कप इतिहास में किसी भी खिलाड़ी द्वारा अपने डेब्यू (पहले) विश्व कप में बनाए गए सबसे अधिक रन हैं। इस दौरान उन्होंने टूर्नामेंट में कुल तीन शतक (इंग्लैंड, ऑस्ट्रेलिया और पाकिस्तान के खिलाफ) लगाए और 23 साल की उम्र में ऐसा करने वाले वे सचिन तेंदुलकर के बाद दूसरे खिलाड़ी बने। इस ऐतिहासिक प्रदर्शन के लिए उन्हें आईसीसी इमर्जिंग मेन्स क्रिकेटर ऑफ द ईयर 2023 चुना गया।

2024 की आईपीएल नीलामी में चेन्नई सुपर किंग्स (सीएसके) ने उन्हें 1.8 करोड़ रुपये में खरीदा, जहां उन्होंने 10 मैचों में 222 रन बनाए। 2026 के आईपीएल के लिए उन्हें कोलकाता नाइट राइडर्स (केकेआर) ने खरीदा।

4. इश सोढ़ी, न्यूजीलैंड के रिकॉर्ड ब्रेकर गेंदबाज


शुरुआती जीवन 
इंदरबीर सिंह 'इश' सोढ़ी न्यूजीलैंड की अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट टीम में मुख्य रूप से दाएं हाथ के लेग-स्पिन गेंदबाज के रूप में जाने जाते हैं। इनका जन्म 31 अक्तूबर 1992 को भारत के लुधियाना (पंजाब) में एक पंजाबी सिख परिवार में हुआ था। जब वे महज चार साल के थे, तब उनका परिवार भारत से न्यूजीलैंड के पापाटोएटो जाकर बस गया था। 

क्रिकेट करियर और प्रमुख उपलब्धियां
उन्होंने 2013 में बांग्लादेश के खिलाफ अपना टेस्ट डेब्यू, 2014 में वेस्टइंडीज के खिलाफ टी20 डेब्यू और अगस्त 2015 में जिम्बाब्वे के खिलाफ वनडे डेब्यू किया था। अपने शानदार प्रदर्शन के दम पर वे जनवरी 2018 में आईसीसी की टी20 गेंदबाजों की रैंकिंग में नंबर 1 के पायदान पर पहुंच गए थे। अक्तूबर 2025 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ अपना 127वां मैच खेलते हुए वे न्यूजीलैंड के इतिहास में सबसे ज्यादा टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेलने वाले पुरुष खिलाड़ी बन गए। 
 
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इश सोढ़ी न्यूजीलैंड के क्रिकेट इतिहास में टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज हैं। उन्होंने हाल ही में ढाका में बांग्लादेश के खिलाफ खेलते हुए टिम साउदी को पीछे छोड़ दिया और अपना 165वां टी20 अंतरराष्ट्रीय विकेट हासिल कर यह ऐतिहासिक मुकाम छुआ। 

छोटे प्रारूप में भारत के खिलाफ उनका रिकॉर्ड बेहतरीन रहा है। भारत के खिलाफ टी20 में किसी भी कीवी गेंदबाज की ओर से सबसे ज्यादा विकेट लेने का रिकॉर्ड उन्हीं के नाम दर्ज है। मौजूदा समय में वे न्यूजीलैंड की राष्ट्रीय टीम के साथ-साथ घरेलू क्रिकेट में कैंटरबरी के लिए खेलते हैं। 

विश्व कप और भावुक पल
इश सोढ़ी 2019, 2021, 2023, 2024 और 2026 के विश्व कप में न्यूजीलैंड टीम का अहम हिस्सा रहे हैं। हाल ही में अहमदाबाद में भारत और न्यूजीलैंड के बीच हुए टी20 विश्व कप फाइनल के दौरान उनका एक वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हुआ था। इस मैच के शुरू होने से पहले जब न्यूजीलैंड का राष्ट्रगान बज रहा था, तब सोढ़ी बेहद भावुक नजर आए थे और उन्हें रोते हुए देखा गया था। इंटरनेट पर प्रशंसकों ने इस वीडियो को साझा करते हुए इसे भारत में उनके जन्म और अपनी जड़ों से उनके गहरे जुड़ाव के रूप में देखा था।
 
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