'नीदरलैंड में भारतीयों के योगदान पर हर भारतवासी को गर्व'
भारतीय समुदाय के योगदान पर गौरवान्वित होते हुए पीएम मोदी ने कहा, 'आप नीदरलैंड के समाज और यहां की इकोनॉमी में जो आपकी देन हैं उस पर हर भारतवासी को गर्व है। मैं आज इस अवसर पर नीदरलैंड की जनता और सरकार का आभार व्यक्त करता हूं। मैं यहां की जनता को 140 करोड़ भारतवासियों की तरफ से अपनी शुभकामनाएं देता हूं।'
'भारत की विविध संस्कृति अपने लोगों के दिलों में धड़कती है'
प्रधानमंत्री ने इस दौरान भारत की विश्व को देन और भारतीय संस्कृति का उल्लेख करते हुए आगे कहा, यहां बैठे अनेक परिवारों की कहानी प्रवासन की कहानी नहीं, यह सांस्कृतिक आस्था के बीच तमाम संघर्षों के बीच प्रगति की कहानी है। उस दौर में तब किसी ने सोचा नहीं था कि दो महासागर पार करने के बाद भी भारतीयों की पहचान इतनी जीवंत रहेगी। आपके पूर्वज बहुत कुछ पीछे छोड़ गए, लेकिन कुछ चीजें उनके साथ रहीं, अपनी मिट्टी की खशबू, त्योहार की संस्कृति, भजन की धुनें और पूर्वजों के संस्कार। समय के साथ अनेक संस्कृतियां मिट गईं लेकिन भारत की विविध संस्कृति अपने लोगों के दिलों में धड़कती है।
'13 साल पहले भारत में घटी थी विशेष घटना'
हेग में भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए, पीएम मोदी ने 2014 के लोकसभा फैसले की सराहना की, जब उनके नेतृत्व में एनडीए सरकार ने पहली बार सत्ता संभाली थी। 16 मई को घोषित जनादेश को याद करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, 'तेरह साल पहले, इसी दिन भारत में एक विशेष घटना घटी थी। एक मजबूत और शक्तिशाली सरकार सत्ता में आई और एक कमजोर सरकार का शासन समाप्त हुआ। तब से देश का विकास हुआ है, इसलिए यह एक विशेष दिन है।' कोटि-कोटि भारतवासियों का विश्वास मुझे न रुकने देता है और न थकने देता है।
'परिवेश बदल गए, लेकिन परिवार के संस्कार नहीं बदले'
पीएम मोदी ने आगे कहा कि, 'परिवेश बदल गए, लेकिन परिवार के संस्कार नहीं बदले, अपनापन नहीं बदला। आपने डच भाषा को अपनाया लेकिन पुरखों की भाषा को छोड़ा नहीं। हमारे कम्युनिटी रेडियो यहां बहुत लोकप्रिय हैं। इन स्टेशन के माध्यम से संस्कृति और गाने लोकप्रिय हैं। आप हमारी संस्कृति भावी पीढ़ियों तक पहुंचा रहे हैं। ये सराहनीय है और आप अभिनंदन के अधिकारी हैं।'
पीएम मोदी ने झालमुड़ी का किया जिक्र
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कहते हैं,'क्या झालमुड़ी की लोकप्रियता यहां तक भी पहुंच गई है? हाल ही में हुए विधानसभा चुनावों में मतदान प्रतिशत 80-90% रहा, जिसमें महिलाओं की भागीदारी उल्लेखनीय रूप से अधिक रही... हर साल मतदान के नए रिकॉर्ड बन रहे हैं'।
दुनिया नई चुनौतियों का सामना कर रही है- पीएम मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आगे कहा, 'दुनिया नई चुनौतियों का सामना कर रही है। पहले कोरोना, फिर युद्ध और आज का ऊर्जा संकट। यह दशक चुनौतियों से भरा होता जा रहा है। यदि हालात में तेजी से बदलाव नहीं आया, तो पिछले कई दशकों की उपलब्धियां व्यर्थ हो जाएंगी और दुनिया की आबादी का एक बड़ा हिस्सा गरीबी में डूब जाएगा... ऐसे समय में, भारत और नीदरलैंड भविष्य के लिए तैयार आपूर्ति श्रृंखला स्थापित करने के प्रयास कर रहे हैं'।
आज का भारत बड़े सपने देखना चाहता है- पीएम मोदी
नीदरलैंड के हेग में भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आज का भारत बड़े सपने देखना चाहता है। इसकी आकांक्षाएं असीमित हैं और इसलिए यह स्टार्टअप इकोसिस्टम में योगदान देना चाहता है। आज देश कह रहा है- हमें सिर्फ ट्रांसफॉर्मेशन नहीं करना चाहिए, हमें सबसे अच्छा चाहिए, हमें सबसे तेज चाहिए। इसलिए जब भारत में आकांक्षाएं असीमित हैं, तो प्रयास भी असीमित हो रहे हैं। आज भारत का युवा आकाश छूना चाहता है।
'खेल भारत-नीदरलैंड के रिश्तों की एक अहम पहचान'
पीएम मोदी ने कहा कि भारत और नीदरलैंड के रिश्तों की एक अहम पहचान खेल भी है, जिस पर अक्सर कम बात होती है। उन्होंने कहा कि दोनों देश खेलों के क्षेत्र में लंबे समय से एक-दूसरे के साथ जुड़े हुए हैं और यह साझेदारी लगातार मजबूत हो रही है। पीएम मोदी ने क्रिकेट का उदाहरण देते हुए कहा कि नीदरलैंड की क्रिकेट टीम में भारतीय मूल के खिलाड़ियों और भारतीय समुदाय का बड़ा योगदान रहा है।
नीदरलैंड क्रिकेट टीम में भारतीयों की भूमिका की सराहना
पीएम मोदी ने कहा कि इस साल भारत में हुए टी20 विश्व कप में नीदरलैंड की टीम ने शानदार खेल दिखाया और भारतीय टीम को कड़ी चुनौती दी। पीएम मोदी ने आर्यन दत्त जैसे खिलाड़ियों का जिक्र करते हुए कहा कि जब भारतीय मूल के खिलाड़ी डच टीम के लिए अच्छा प्रदर्शन करते हैं, तो यह गर्व की बात होती है। पीएम मोदी ने आगे कहा कि जिस तरह नीदरलैंड की क्रिकेट में भारतीयों की भूमिका रही है, उसी तरह भारत की हॉकी को बेहतर बनाने में नीदरलैंड के कोचों का अहम योगदान रहा है।
पीएम मोदी नौ साल (2017) बाद नीदरलैंड दौरे पर पहुंचे हैं। यह दौरा भारत-नीदरलैंड के बीच द्विपक्षीय संबंध मजबूत बनाने के लिहाज से बहुत महत्वपूर्ण है। इस यात्रा में व्यापार, टेक्नोलॉजी, सेमीकंडक्टर, वॉटर मैनेजमेंट, ग्रीन एनर्जी और रक्षा सहयोग जैसे कई बड़े मुद्दों पर बातचीत की संभावना है।