पीएम मोदी त्रिनिदाद एंड टोबैगो की यात्रा 22 साल पहले भी कर चुके हैं। प्रधानमंत्री बनने के बाद पहली बार इस देश का दौरा कर रहे मोदी के आगमन को लेकर देश में उत्साह का माहौल है। बता दें कि इस देश में 50 फीसदी से अधिक लोग भारतीय मूल के हैं। यहां आने से पहले प्रधानमंत्री ने घाना का सफल दौरा किया। जानिए पीएम मोदी की यह पहली यात्रा क्यों है खास
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अफ्रीकी देशों की यात्रा के बीच आज कैरेबियन देश त्रिनिदाद एंड टोबैगो पहुंचे। इस देश में उनका गर्मजोशी के साथ स्वागत किया गया। पीएम के आगमन को लेकर कितना उत्साह है इसका अंदाजा दो बातों से लगता है। पहला ये कि देश की महिला प्रधानमंत्री कमला प्रसाद बिसेसर खुद प्रधानमंत्री की आगवानी करने हवाईअड्डे पर पहुंचीं। यही नहीं उनके साथ 38 मंत्री और चार सांसद भी मौजूद रहे। बतौर पीएम मोदी पहली बार इस देश में आए हैं, लेकिन खास बात ये है कि वे 22 साल पहले भी एक खास कार्यक्रम के सिलसिले में इस द्विपीय देश की यात्रा कर चुके हैं।
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कृषि मंत्रालय में पूर्व स्थायी सचिव ने बताई पीएम मोदी के दौरे की अहमियत
प्रधानमंत्री मोदी की त्रिनिदाद एंड टोबैगो यात्रा पर देश के कृषि मंत्रालय में पूर्व स्थायी सचिव रहे देव दुग्गल ने कहा, हमें बहुत गर्व है कि प्रधानमंत्री मोदी त्रिनिदाद एंड टोबैगो की यात्रा कर रहे हैं। इस यात्रा का लंबे समय से इंतजार किया जा रहा था।
दुग्गल ने बताया कि वे देश की सरकार में कृषि मंत्रालय में रहे। इसके बाद मंत्री का सलाहकार भी रहा। पिछली बार नरेंद्र मोदी 22 साल पहले त्रिनिदाद आए थे। उस समय वे भारत के प्रधानमंत्री के रूप में नहीं, बल्कि विश्व हिंदू सम्मेलन में भाग लेने आए थे। ऐसे में अब बतौर प्रधानमंत्री मोदी की इस यात्रा का एक अलग महत्व है।
पीएम मोदी को देश का सर्वोच्च सम्मान मिलेगा, मजबूत होगा दोनों देशों का रिश्ता
उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी को त्रिनिदाद एंड टोबैगो के सर्वोच्च पुरस्कार से सम्मानित किए जाने के फैसले पर भी टिप्पणी की। देव दुग्गल ने कहा, 'मुझे बहुत खुशी है कि त्रिनिदाद और टोबैगो ने प्रधानमंत्री मोदी को सर्वोच्च पुरस्कार से सम्मानित करने का फैसला किया है। यह बहुत विचार-विमर्श के बाद किया गया है... यह सम्मान दोनों देशों को एक साथ लाएगा। दोनों देश एक-दूसरे का सम्मान करते हैं। त्रिनिदाद एंड टोबैगो की 50% आबादी भारतीय मूल की है... ऐसे में पीएम मोदी की यह यात्रा दोनों देशों के लिए फायदेमंद है।