नरेंद्र मोदी, वोलोदिमिर जेलेंस्की
- फोटो : एएनआई
पीएम नरेंद्र मोदी ने यूक्रेन को चार भीष्म क्यूब अस्पताल सौंपे। आरोग्य मैत्री परियोजना के तहत विकसित भीष्म क्यूब एक चलता फिरता अस्पताल है। इसे छोटे-छोटे 36 बक्सों में पैक किया गया है। इन बक्सों को एक मास्टर क्यूब में रखा जाता है। इस 720 किलो वजनी मास्टर क्यूब को ड्रोन, पैराशूट या हेलिकॉप्टर की मदद से इसे किसी भी आपदा या युद्ध क्षेत्र में आसानी से पहुंचाया जा सकता है। महज 12 मिनट में इससे एक अस्पताल तैयार किया जा सकता है। इसमें 200 लोगों का इलाज संभव है। इसमें दवाओं, ऑपरेशन थिएटर, इमरजेंसी वॉर्ड समेत सभी आवश्यक सुविधाएं होंगी। जनवरी 2023 में वैश्विक दक्षिण सम्मेलन में पीएम मोदी ने ‘आरोग्य मैत्री’ पहल के तहत इसका अनावरण किया था।
36 बक्सों में ये सब मौजूद
36 बक्सों वाले इस पोर्टेबल अस्पताल में लोहे के तीन बड़े फ्रेम होते हैं। जिनके बीच एक छोटा जनरेटर, दो स्ट्रैचर, जरूरी दवाइयां और अन्य जरूरी चिकित्सीय उपकरण रखे हुए होते हैं। इस अस्पताल को कई बार इस्तेमाल में लाया जा सकता है। ऊंचाई से गिरने के बाद भी यह खराब नहीं होता है।
वॉटरप्रूफ, सौर ऊर्जा से युक्त
खास तरह से डिजाइन यह अस्पताल पूरी तरह वॉटरप्रूफ है। यह सौर ऊर्जा से भी चल सकता है।
एआई की मदद से रियल टाइम मॉनीटरिंग में सक्षम
भीष्म क्यूब में एआई की मदद से रियल टाइम मानीटरिंग संभव है। साथ ही इसके पूरे डाटा का विश्लेषण किया जा सकता है। इसके सॉफ्टवेयर सिस्टम को टैब की मदद से कहीं से भी ऑपरेट किया जा सकता है।
अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधाओं से लैस
यह पोर्टेबल अस्पताल अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधाओं से लैस है। इसमें एक ऑपरेटिंग थियेटर, एक्स-रे मशीन, रक्त परीक्षण उपकरण, वेंटिलेटर और बंदूक की गोली के घाव, जलन, फ्रैक्चर और गंभीर रक्तस्राव जैसी कऍ चोटों के इलाज के लिए जरूरी सभी चीजें उपलब्ध हैं। यह अस्पताल आपात स्थिति के दौरान महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।