ट्रंप ने भारत समेत कई देशों पर नए टैरिफ लगाने का किया एलान
इस बीच, अमेरिका ने मंगलवार को कई देशों पर नए अतिरिक्त टैरिफ लगाने की घोषणा की। अमेरिकी प्रशासन का कहना है कि जांच में पता चला है कि लगभग 60 देशों से आयात होने वाले कुछ सामान कथित तौर पर जबरन श्रम के जरिए तैयार किए जाते हैं। अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि कार्यालय ने 54 अर्थव्यवस्थाओं की एक सूची जारी की है, जिनमें भारत भी शामिल है। अमेरिका का आरोप है कि इन देशों ने जबरन श्रम से बने उत्पादों के आयात पर रोक लगाने और उसे प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए पर्याप्त कदम नहीं उठाए हैं। इस सूची में भारत के अलावा ऑस्ट्रेलिया, चीन, इस्राइल, जापान, कतर, रूस, सऊदी अरब, सिंगापुर, दक्षिण कोरिया, श्रीलंका, स्विट्जरलैंड, ताइवान, थाईलैंड, तुर्किये, संयुक्त अरब अमीरात और ब्रिटेन जैसे देश भी शामिल हैं।
10 से 12.5 फीसदी अतिरिक्त शुल्क लगाने का प्रस्ताव
यूएसटीआर के अनुसार, जिन देशों में जबरन श्रम से बने सामान के आयात पर किसी प्रकार की रोक पहले से मौजूद है या जिन्होंने व्यापार समझौतों के तहत ऐसे कदम उठाने की प्रतिबद्धता जताई है, उन पर 10 प्रतिशत अतिरिक्त टैरिफ लगाया जा सकता है। वहीं अन्य देशों पर 12.5 प्रतिशत अतिरिक्त शुल्क लगाने का प्रस्ताव है। अमेरिका ने वस्त्र और परिधान क्षेत्र के लिए भी एक विशेष व्यवस्था का प्रस्ताव दिया है। इसके तहत कुछ देशों से आने वाले सीमित मात्रा के कपड़ा और परिधान उत्पादों को कम टैरिफ दर पर अमेरिकी बाजार में प्रवेश की अनुमति दी जा सकती है।
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1974 के ट्रेड एक्ट की धारा 301 के तहत फैसला
अमेरिकी प्रशासन का कहना है कि यह कदम 1974 के ट्रेड एक्ट की धारा 301 के तहत उठाया जा रहा है। अमेरिका के अनुसार, जबरन श्रम से बने उत्पादों के आयात को रोकने में विफल रहने वाली नीतियां अमेरिकी व्यापार और कारोबार पर बोझ डालती हैं। इसके अलावा यूएसटीआर ने छह अर्थव्यवस्थाओं को विशेष रूप से चिन्हित किया है, जिन पर जबरन श्रम से बने उत्पादों के आयात पर प्रतिबंध को प्रभावी ढंग से लागू नहीं करने का आरोप लगाया गया है। इनमें यूरोपीय संघ, पाकिस्तान और कनाडा समेत अन्य अर्थव्यवस्थाएं शामिल हैं।