प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस की बेटी मीराबेल रोज़ वेंस को एक खास उपहार दिया। यह उपहार एक लकड़ी का वर्णमाला सेट था। बता दें कि यह पर्यावरण के अनुकूल लकड़ी का सेट न केवल सुरक्षित और आकर्षक है, बल्कि यह बच्चों के मोटर कौशल और संज्ञानात्मक क्षमताओं को भी बढ़ाता है। प्लास्टिक के विकल्प के तौर पर यह हानिकारक रसायनों से मुक्त है और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देता है।
पीएम मोदी और जेडी वेंस के बीच बैठक
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के बीच मंगलवार देर रात हुई द्विपक्षीय वार्ता में कई मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान किया गया। मुख्य तौर पर विचार किया गया कि अमेरिका, भारत की ऊर्जा विविधता संसाधनों को हासिल करने में स्वच्छ और विश्वसनीय अमेरिकी परमाणु तकनीक के जरिये किस तरह निवेश कर सकता है।
व्हाइट हाउस ने जारी किया बयान
इस बैठक के बारे में व्हाइट हाउस ने इस बारे में जारी बयान में कहा कि उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। संयुक्त राज्य अमेरिका की दूसरी महिला उषा वेंस के साथ दोनों नेताओं ने एक साथ कॉफी का आनंद लिया और पारस्परिक हित के विषयों पर चर्चा की, जिसमें यह विषय भी शामिल था कि अमेरिका अपनी स्वच्छ, विश्वसनीय परमाणु प्रौद्योगिकी में निवेश के माध्यम से ऊर्जा स्रोतों में विविधता लाने में किस तरह भारत की सहायता कर सकता है।
पीएम मोदी ने किया पोस्ट
बैठक के बाद पीएम मोदी ने एक्स पर लिखा, अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और उनके परिवार के साथ शानदार बैठक हुई। हमने विभिन्न विषयों पर बहुत अच्छी बातचीत की। उनके बेटे विवेक के जन्मदिन की खुशी में उनके साथ शामिल होकर खुशी हुई। इसके जवाब में, अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने पीएम मोदी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मोदी सहृदय और दयालु थे। हमारे बच्चों ने वास्तव में उपहारों का आनंद लिया। इस अद्भुत बातचीत के लिए मैं उनका आभारी हूं।
फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों को पीएम मोदी का अनोखा उपहार
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों को एक खास उपहार दिया। यह उपहार छत्तीसगढ़ की प्रसिद्ध डोकरा कला का एक अद्भुत उदाहरण था, जिसमें जड़े हुए पत्थरों वाले संगीतकार की कलाकृति थी
गौरतलब है कि डोकरा कला छत्तीसगढ़ की एक प्रमुख धातु-ढलाई परंपरा है, जो प्राचीन खोई हुई मोम तकनीक का उपयोग करके बनाई जाती है। इस कलाकृति में पारंपरिक संगीतकारों को गतिशील मुद्राओं में दिखाया गया है, जो संगीत के सांस्कृतिक महत्व को दर्शाते हैं। यह कलाकृति पीतल और तांबे से बनाई गई है और इसमें लैपिस लाजुली और मूंगा जैसी सामग्री से सुंदर सजावट की गई है। यह उपहार भारतीय सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है, जो आदिवासी परंपराओं और कलात्मक उत्कृष्टता को सम्मानित करता है।