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BRICS: पीएम मोदी ने मलयेशियाई समकक्ष इब्राहिम से की मुलाकात, आसियान-भारत एफटीए की समीक्षा पर चर्चा की

Mon, 07 Jul 2025 08:44 PM IST
निर्मल कांत वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, रियो डी जेनेरियो

सार

BRICS: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ब्रिक्स सम्मेलन के दौरान मलयेशियाई प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम से मुलाकात कर आसियान-भारत मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) की समीक्षा पर चर्चा की। दोनों नेताओं ने व्यापार, रक्षा, स्वास्थ्य, शिक्षा और पर्यटन समेत कई क्षेत्रों में द्विपक्षीय संबंधों की प्रगति की समीक्षा की। पीएम मोदी ने क्यूबा के राष्ट्रपति मिगुएल डियाज-कैनेल से भी मुलाकात की और स्वास्थ्य, तकनीक व आपदा प्रबंधन जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा की।
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मलयेशियाई समकक्ष अनवर बिन इब्राहिम - फोटो : एक्स/नरेंद्र मोदी
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विस्तार
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के इतर मलयेशियाई समकक्ष अनवर बिन इब्राहिम से मुलाकात की। दोनों नेताओं ने आसियान-भारत मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) की समीक्षा के मुद्दे पर चर्चा की। 

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विदेश मंत्रालय (एमईए) ने बताया कि दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय संबंधों में व्यापार और निवेश, रक्षा, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा, पर्यटन और लोगों से आपसी संपर्क जैसे क्षेत्रों में हुई प्रगति की समीक्षा की। प्रधानमंत्री मोदी ने मलयेशियाई समकक्ष से आसियान-भारत एफटीए की समीक्षा पर चर्चा की।

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प्रधानमंत्री मोदी ने दक्षिण-पूर्वी एशियाई देशों के संगठन (आसियान) की सफल अध्यक्षता के लिए मलयेशिया को बधाई दी। मोदी ने आसियान-भारत व्यापक रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने में मलयेशिया के निरंतर समर्थन का स्वागत किया, जिसमें आसियान-भारत एफटीए की समीक्षा का शीघ्र और सफल समापन शामिल है। 

इस समझौत पर 2009 में हस्ताक्षर हुए थे और जनवरी 2010 से लागू हुआ। अगस्त 2023 में दोनों पक्षों ने इस व्यापार समझौते की पूरी समीक्षा 2025 तक करने की घोषणा की थी।

हालांकि, बताया जा रहा है कि कुछ मतभेदों के कारण इस समझौते को लेकर प्रस्तावित वार्ताएं आगे नहीं बढ़ पा रही हैं। भारतीय उद्योग जगत लंबे समय से इस समीक्षा की मांग कर रहा है, ताकि द्विपक्षीय व्यापार में असंतुलन को सुधारा जा सके और व्यापार को अधिक संतुलित और टिकाऊ बनाया जा सके।

भारतीय अधिकारियों के अनुसार, समझौते के लागू होने के बाद भारत का निर्यात केवल 38-39 अरब डॉलर सालाना रहा, जबकि आसियान देशों से आयात बढ़कर 86 अरब डॉलर हो गया है। भारत चाहता है कि इस समझौते की समीक्षा करके उसमें मौजूद बाधाओं और इसके दुरुपयोग को समाप्त किया जाए। आसियान के 10 सदस्य देश हैं- इंडोनेशिया, मलयेशिया, फिलीपींस, सिंगापुर, थाईलैंड, ब्रुनेई, वियतनाम, लाओस, म्यांमार और कंबोडिया।

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बैठक में प्रधानमंत्री मोदी ने हाल ही में पहलगाम में हुए आतंकी हमले की कड़ी निंदा करने के लिए मलयेशिया के प्रधानमंत्री को धन्यवाद दिया और परस्पर हितों से जुड़े मुद्दों पर मलेशिया के समर्थन की सराहना की। दोनों नेताओं ने बहुपक्षीय मंचों में सहयोग और क्षेत्रीय सुरक्षा पर भी चर्चा की।
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क्यूबा के राष्ट्रपति से भी मिले पीएम मोदी
इससे अलावा, प्रधानमंत्री मोदी ने रविवार को क्यूबा के राष्ट्रपति मिगुएल डियाज-कैनेल से मुलाकात की और द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने के उपायों पर चर्चा की। प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया पर लिखा, हमारी बातचीत में कई विषयों को शामिल किया गया। हमारे देशों के बीच आर्थिक संबंधों में भविष्य में काफी संभावनाएं हैं। तकनीक, स्वास्थ्य और ऊर्जा जैसे क्षेत्र भी समान रूप से संभावनाओं से भरे हैं। क्यूबा में आयुर्वेद की बढ़ती स्वीकार्यता निश्चित रूप से एक अच्छी बात है। हमने आपदा प्रबंधन को मजबूत करने के तरीकों पर भी चर्चा की। 

विदेश मंत्रालय ने बताया कि दोनों नेताओं ने आर्थिक सहयोग, विकास भागीदारी, फिनटेक, क्षमता निर्माण, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, आपदा प्रबंधन और स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्रों में द्विपक्षीय संबंधों की समीक्षा की। मंत्रालय ने कहा कि डिजिटल क्षेत्र में भारत की विशेषज्ञता को स्वीकार करते हुए, राष्ट्रपति डियाज-कैनेल ने भारत के सार्वजनिक डिजिटल ढांचे और यूपीआई में रुचि दिखाई। 

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