गुयाना की संसद में विशेष सत्र को संबोधित करते प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी।
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यह संघर्ष दूर करने का समय: पीएम
प्रधानमंत्री ने कहा कि दुनिया के लिए यह समय संघर्ष का नहीं है। बल्कि यह समय संघर्ष पैदा करने वाली स्थितियों को पहचानने और उनको दूर करने का है। आज आतंकवाद, ड्रग्स, साइबर क्राइम, ऐसी कितनी भी चुनौतियां हैं। आने वाली पीढ़ियों के लिए बेहतर भविष्य बनाने के लिए हमें इन मुद्दों का डटकर सामना करना होगा। यह तभी संभव है जब हम लोकतंत्र पहले, मानवता पहले को प्राथमिकता दें।
पीएम ने कहा कि जी-20 समिट के दौरान भारत ने महिला नेतृत्व विकास को बड़ा एजेंडा बनाया था। भारत में हमने हर सेक्टर में और हर स्तर पर नेतृत्व की भूमिका देने का एक बड़ा अभियान चलाया है। भारत में हर सेक्टर में आज महिलाएं आगे आ रही हैं। पूरी दुनिया में जितने पायलट्स हैं, उनमें से सिर्फ पांच प्रतिशत महिलाएं हैं। जबकि भारत में जितने पायलट्स हैं उनमें से 15 प्रतिशत महिलाएं हैं। इससे पहले पीएम मोदी ने फ्लाईपास्ट देखा।
14वीं बार विदेशी संसद को किया संबोधित
इसी के साथ यह 14वीं बार होगा, जब पीएम मोदी विदेश में किसी संसद को संबोधित करेंगे। किसी भारतीय प्रधानमंत्री के लिए यह रिकॉर्ड है। अधिकारियों के मुताबिक, पीएम मोदी के अलावा मनमोहन सिंह इस तरह विदेश में 7 बार संसद को संबोधित कर चुके हैं। वहीं, प्रधानमंत्री के तौर पर इंदिरा गांधी ने यह चार बार किया है, जबकि जवाहरलाल नेहरु को यह मौका तीन बार मिला। राजीव गांधी और अटल बिहारी वाजपेयी ने दूसरे देश की संसद को दो-दो बार संबोधित किया है। मोरारजी देसाई और पीवी नरसिम्हा राव को एक-एक बार यह मौका मिला।
2014 में प्रधानमंत्री बनने के बाद से मोदी ने अमेरिका से लेकर यूरोप, अफ्रीका, ऑस्ट्रेलिया और एशिया के कई देशों में संसद को संबोधित किया है।
- मोदी ने अमेरिकी कांग्रेस के संयुक्त सत्र को दो बार- 2016 और फिर 2023 में संबोधित किया। - 2014 में उन्हें ऑस्ट्रेलिया और फिजी की संसद को संबोधित करने का मौका मिला था।
- वहीं, 2015 में उन्होंने ब्रिटेन की संसद को संबोधित किया था। इसके बाद 2015 में ही उन्होंने मॉरीशस की संसद और 2018 में युगांडा की संसद को संबोधित किया था।
- एशिया में पीएम मोदी भूटान, नेपाल, श्रीलंका, मंगोलिया, अफगानिस्तान और मालदीव के सांसदों को एक साथ संबोधित कर चुके हैं।
पोमेनेड गार्डन में महात्मा गांधी को अर्पित की श्रद्धांजलि
प्रधानमंत्री मोदी ने जॉर्ज टाउन स्थित पोमेनेड गार्डन पहुंचकर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित की। यह 21वां मौका है जब प्रधानमंत्री ने किसी दूसरे देश की धरती पर राष्ट्रपति को श्रद्धांजलि अर्पित की है। उन्होंने गांधीजी की प्रतिमा की परिक्रमा की और पुष्पांजलि अर्पित की। फिर वहां आयोजित कार्यक्रम में भजन का आनंद भी लिया। सूत्रों के मुताबिक, महात्मा गांधी की शिक्षाओं के प्रति प्रधानमंत्री की अटूट प्रतिबद्धता देश की सीमाओं से परे है। यह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हर मौके पर श्रद्धांजलि अर्पित करके महात्मा गांधी की विरासत को वैश्वक मंच पर जीवित और प्रासंगिक बनाए रखने के उनके प्रयासों को दर्शाता है। इसी साल 23 अगस्त को पीएम ने यूक्रेन यात्रा के दौरान कीव में गांधीजी की प्रतिमा पर श्रद्धांजलि अर्पित करके संघर्ष के बीच शांति का संदेश देने की कोशिश की थी। मई 2023 में उन्होंने हिरोशिमा में गांधीजी की प्रतिमा का अनावरण किया। यह जापान का ऐसा शहर है जो शांति के असली मूल्यों से अच्छी तरह वाकिफ है।
भारतीय आगमन स्मारक पहुंचे
पीएम भारतीय आगमन स्मारक भी पहुंचे जो दशकों पहले गुयाना में कदम रखने वाले भारतीयों को समर्पित है। पीएम ने वहां एक पौधा भी लगाया। इस दौरान जॉर्ज टाउन में जुटे प्रवासी भारतीयों ने उनका स्वागत किया। प्रधानमंत्री ने आर्यसमाज स्थल पहुंचकर भी पुष्पांजलि अर्पित की।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुयाना के जॉर्जटाउन में आर्य समाज स्मारक का दौरा किया। साथ ही उन्होने जॉर्जटाउन में प्रवासी भारतीयों का अभिवादन किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गयाना के जॉर्जटाउन में भारतीय आगमन स्मारक का दौरा करते हुए एक पौधा लगाया।