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रिपोर्ट: पांच साल में भारत में 3.18 लाख करोड़ रु. के निवेश का प्रस्ताव, इन अहम क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाएगा जापान

Sat, 19 Mar 2022 04:34 PM IST
सुरेंद्र जोशी वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

पिछले साल जापान का पीएम संभालने के बाद किशिदा की यह पहली भारत यात्रा है। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने फुमियो किशिदा का स्वागत किया। वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ द्विपक्षीय वार्ता करने के अलावा 14वें भारत-जापान वार्षिक शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे।
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जापान के पीएम को भारत दौरा। - फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
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जापान के प्रधानमंत्री फुमियो किशिदा दो दिनी भारत यात्रा पर आए हैं। वे आज पीएम मोदी के साथ शिखर बैठक करेंगे। यूक्रेन संकट व एशिया में चीन के बढ़ते दखल के बीच इस बैठक को अहम माना जा रहा है। खबर है कि वह अगले पांच साल में भारत में 42 अरब डॉलर (3.18 लाख करोड़ रुपये) के जापानी निवेश का भी एलान करेंगे। 

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पिछले साल जापान का पीएम संभालने के बाद किशिदा की यह पहली भारत यात्रा है। वे पीएम नरेंद्र मोदी से भी पहली बार रूबरू मिलेंगे। इससे पहले 2014 में तत्कालीन जापानी पीएम शिंजो आबे ने भारत में पांच साल में 3.5 खबर येन के निवेश का एलान किया था। 

जापानी अखबार निक्केई एशिया ने बताया कि जापान के प्रधानमंत्री फुमियो किशिदा पांच साल में भारत को 42 अरब डॉलर (पांच खरब येन) निवेश की पेशकश करेंगे। किशिदा फिलहाल दिल्ली में हैं।जापान भारत के शहरी बुनियादी ढांचे के विकास और अपनी बुलेट ट्रेन प्रौद्योगिकी के आधार पर एक उच्च गति रेलवे नेटवर्क की स्थापना में मदद कर रहा है। किशिदा की यात्रा से जापान और भारत के मोदी के साथ बैठक के एजेंडे में आर्थिक सहयोग के साथ घनिष्ठ द्विपक्षीय संबंधों को विकसित करने पर जोर देना शामिल है। मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना के अन्य क्षेत्रों में विस्तार पर भी चर्चा हो सकती है। 

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दोनों नेता यूक्रेन के हालात व एशिया-प्रशांत क्षेत्र में चीन की दखलंदाजी पर भी विचार विमर्श करेंगे। 24 फरवरी को यूक्रेन पर रूसी हमले के बाद जापान ने रूस पर दर्जनों पाबंदियां लगाई हैं। कई रूसी नागरिकों व संगठनों पर भी रोक लगाई गई है। वह यूक्रेन के शरणार्थियों को भी शरण दे रहा है।  भारत व जापान क्वाड के भी सदस्य है। इसमें इन दोनों के अलावा अमेरिका व आस्ट्रेलिया भी सदस्य हैं। यह चीन की बढ़ती ताकत व मनमानी का मुकाबला करने व परस्पर सहयोग बढ़ाने के लिए बनाया गया चार देशों का संगठन है। हालांकि क्वाड देशों में भारत एकमात्र देश है, जिसने रूसी हमले की सीधे तौर पर निंदा नहीं की है। 

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