30 जून 2019 की दोपहर एक व्यक्ति अचानक आसमान से लंदन के रिहायशी इलाके के एक बगीचे में गिरा। जब वो गिरा तो उसकी मौत हो चुकी थी लेकिन आश्चर्यजनक रूप से उसके शव को कोई खास नुकसान नहीं पहुंचा था। एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि 'वो कठोर बर्फ की तरह' हो गया था।
लीवरमाउंट ने बीबीसी को बताया, "लैंडिंग गियर की जगह छिपकर बिना टिकट यात्रा करने का सबसे बड़ा खतरा ये है कि टेक ऑफ के बाद जब पहिए अंदर आते हैं तो कुचल जाने का खतरा होता है।"
उड्डयन मामलों के विशेषज्ञ एलेस्टेयर रोसेनशीन के अनुसार, "इन हालात में बचने की संभावना बिल्कुल भी नहीं होती या लगभग शून्य होती है।" अमेरिकी संघीय उड्डयन प्राधिकरण ने 1947 से दो जुलाई 2019 के बीच घटित ऐसे मामलों का एक आंकड़ा इकट्ठा किया है।
इस दरम्यान प्राधिकरण ने 112 उड़ानों से जुड़े 126 मामले दर्ज किए। इस पड़ताल में पता चला कि ऐसे 126 बेटिक हवाई यात्रियों में 98 की मौत हो गई जबकि 28 किसी तरह बच पाए हालांकि पहुंचने के साथ ही गिरफ्तार कर लिए गए।
अधिकांश मौतें लैंडिंग या टेक ऑफ के दौरान गिरने से हुईं या यात्रा के दौरान हुईं। कुछ मामलों में पहिए के सिकुड़ने के दौरान कुचलकर मौत हो गई। प्राधिकरण के आंकड़ों के अनुसार, "ऐसे मामले 40 अलग अलग देशों में हुए, जिनमें सबसे अधिक क्यूबा (9), उसके बाद चीन (7), डोमिनिकन रिपब्लिक (8), दक्षिण अफ्रीका (6) और नाइजीरिया (6) से संबंधित हैं।"
ये पहला मामला नहीं है जब हीथ्रो हवाई अड्डे के पास छिपकर हवाई यात्रा करने वाले किसी शख्स का शव आसमान से गिरा हो। जून 2015 में पश्चिमी लंदन के व्यावसायिक इलाके में एक छत पर एक शख्स का शव मिला। बाद में पता चला कि वो 427 मीटर की उंचाई से गिरा था। उसका सहयात्री बहुत गंभीर अवस्था में पाया गया। ये दोनों ब्रिटिश एयरवेज से जोहांसबर्ग से छिपकर यात्रा कर रहे थे।
इसके तीन साल पहले सितंबर 2012 में मोजांबिक के एक शख्स का शव लंदन की एक सड़क पर पाया गया। अंगोला से हीथ्रो आने वाली एक उड़ान से वो गिरा था। उसी साल एक और व्यक्ति की हीथ्रो के पास गिर कर मौत हो गई जो केपटाउन से आने वाले विमान में छिपकर यात्रा कर रहा था।
हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह की यात्राओं में मौत लगभग निश्चित है, लेकिन इसके कुछ अपवाद भी हैं। लेकिन बचने वालों को घातक जख्म होने, चोटिल हाथ-पैर के काटने तक की नौबत आ जाती है।
छोटी दूरी की उड़ानों या कम उंचाई की उड़ानों में बच जाने की संभावना अधिक होती है। साल 2010 में 20 साल का एक रोमानियाई व्यक्ति किसी तरह वियना से उड़ान भरने वाले प्राइवेट जेट में हीथ्रो एयरपोर्ट पहुंचने में सफल रहा।
साल 2015 में जोहांसबर्ग से लंदन हीथ्रो तक 12,875 किलोमीटर तक की यात्रा करने वाला एक शख्स लैंडिंग गियर में बेहोश पाया गया था।
लीयरमाउंट कहते हैं, "टेक ऑफ के पहले पूरे विमान की जांच की जाती है। आम तौर पर ये जांच ग्राउंड स्टाफ, क्रू मेंबर या कभी कभी दोनों की ओर से की जाती है।" इसलिए ऐसे मामलों में बिल्कुल अंतिम समय में ही कोई यहां छिपकर बैठ सकता है।
लीयरमाउंट के अनुसार, सबसे ज्यादा संभावना होती है उन लोगों की जिनकी ऐसे संवेदनशील पलों में विमान तक पहुंच होती है जैसे अकुशल ग्राउंड स्टाफ या वो जिनकी पहुंच क्लियरेंस स्टाफ तक होती है। लेकिन लीयरमाउंट का कहना है कि ये लोग नहीं जानते कि ये कितना खतरनाक होता है, मौत लगभग निश्चित है।