चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग पीपल्स लिबरेशन आर्मी को आधुनिक बनाने में जुटे हैं। इसी के तहत चीन की सेना में क्वांटिटी के बजाय अब क्वालिटी पर जोर दिया जा रहा है। बता दें कि चीन की सेना कुछ साल पहले तक करीब 46 लाख सैनिकों की सेना थी, जो अब घटकर 20 लाख की सेना हो गई है। हाल ही में चीन की सेना में 3 लाख सैनिकों की कटौती की गई है। यूके बेस्ड इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ स्ट्रैटेजिक स्टडीज के अनुसार, चीन की सेना में नौ लाख 65 हजार थल सैनिक हैं। नेवी में सैनिकों की संख्या दो लाख 60 हजार है और चीनी एयरफोर्स में तीन लाख 95 हजार सैन्यकर्मी हैं। इनके अलावा चीन की सेना की रॉकेट फोर्स में एक लाख 20 हजार और स्ट्रैटेजिक सपोर्ट फोर्स में एक लाख 45 हजार सैनिक भी हैं। डेढ़ लाख के करीब अन्य सैनिक भी शामिल हैं।
रिपोर्ट के अनुसार, इस दशक के अंत में या फिर 2030 की शुरुआत में चीन अपनी सेना में एक और बड़ी कटौती कर सकता है। चीन की सेना में अक्सर ये शिकायत रहती है कि इसके सैनिक प्रतिस्पर्धी, तकनीकी दक्षता में कमजोर और ईमानदार नहीं हैं। यही वजह है कि चीन की सरकार क्वांटिटी से क्वालिटी की तरफ बढ़ने का प्रयास कर रही है। इसके तहत चीन के सैनिकों की शिक्षा के स्तर को भी बढ़ाया जा रहा है। साथ ही चीन की सरकार अपने सैनिकों के वेतन में भी अच्छा खासा इजाफा कर रही है।
हालांकि चीन की सेना में शामिल सैनिकों की समस्याएं भी कम नहीं हैं। दरअसल उन्हें शादी के लिए लड़कियां मिलने की समस्या है। साथ ही छुट्टियां भी कम हैं और परिवार से दूरी भी पीएलए सैनिकों के लिए परेशानी का सबब है। चीन की सेना में ऑफिसर कॉर्प्स में भी कटौती की जा रही है। जिन तीन लाख सैनिकों की कटौती की गई है, उनमें से आधे ऑफिसर कॉर्प्स के ही सैन्य अधिकारी थे। यूएसए की नेशनल डिफेंस यूनिवर्सिटी की एक रिपोर्ट के अनुसार, चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग चीन की सेना में बड़े संगठनात्मक बदलाव कर रहे हैं।
शी जिनपिंग चीन की सेना पर अपना प्रभाव भी बढ़ा रहे हैं। यूएसए की रिपोर्ट के अनुसार, चीन की सेना का हर अधिकारी चीन की कम्यूनिस्ट पार्टी का सदस्य है। ऐसे में अगर सैन्य अधिकारियों को आगे जाना है तो उन्हें शी जिनपिंग और उनकी नीतियों के प्रति ईमानदार रहना होगा। चीन की सेना के टॉप 25 अधिकारी कम्यूनिस्ट पार्टी की सेंट्रल कमेटी के सदस्य हैं। चीन की सेना में बड़े पदों पर नियुक्ति में शी जिनपिंग का दखल होता है। शी जिनपिंग सैन्य अधिकारियों को भौगोलिक तौर पर हर दो-तीन साल में बदलते रहते हैं। जो अधिकारी शी जिनपिंग के विरोधियों के संपर्क में नहीं रहते हैं, वो ही सेना में सर्वाइव कर पाते हैं।