भारत में अमेरिकी राजदूत एरिक गार्सेटी ने सोमवार को विदाई संदेश जारी किया। अपने संदेश में उन्होंने भारत में अपने कार्यकाल और भारत-अमेरिका के मजबूत संबंधों के बारे में बताया। उन्होंने एक वीडियो संदेश में कहा कि हमारा रिश्ता वास्तव में सदियों से चली आ रही प्रेम की एक चिरस्थायी कहानी है। हम बस अभी शुरुआत ही कर रहे हैं। पिक्चर अभी बाकी है मेरे दोस्त। साथ ही उन्होंने एक्स पर लिखा कि मेरे प्यारे भारत: आप सिर्फ अविश्वसनीय ही नहीं हैं, आप अविस्मरणीय हैं। प्यार से, एरिक।
भारत में 26वें अमेरिकी राजदूत के तौर पर विदाई लेते हुए एरिक गार्सेटी ने अपने पूरे कार्यकाल और भारत की मेहमानवाजी की तारीफ की। गार्सेटी ने वीडियो संदेश में कहा कि यह ऐसा देश है, जहां मैं पहली बार एक बच्चे के रूप और फिर एक छात्र के रूप में आया था। भारत के लोगों ने मेरा गर्मजोशी से आतिथ्य किया।
गार्सेटी ने कहा कि जब से मैं 26वें अमेरिकी राजदूत के रूप में सेवा करने के लिए नई दिल्ली आया हूं, तब से भारत मुझे घर जैसा लगा है। आपके लोगों की दोस्ती और जिंदाबादी मुझे हर दिन छूती है। मैंने भारत के 28 राज्यों का दौरा किया और देश की संस्कृति और विरासत को करीब से अनुभव किया। मैंने बनारस के घाटों को पार किया, मेघालय के जीवित जड़ों के पुल को पार किया। केरल के बैकवाटर से नौकायन किया। मोदी स्टेडियम में भारत का उत्साहवर्धन और मुंबई में लड़कियों के साथ हूप खेला है। मैंने हैदराबाद के प्राचीन राजघराने और आधुनिक नई तकनीक को देखा। कोलकाता की संस्कृति और चेन्नई के प्राचीन मंदिरों का भी दौरा किया। उन्होंने कहा कि अब हमने बंगलूरू में नए अमेरिकी वाणिज्य दूतावास की शुरुआत की है।
गार्सेटी ने कहा कि हमने व्यापार को बढ़ते देखा। साथ ही हमारे लोगों को एक साथ जश्न मनाते देखा है। गार्सेटी ने अमेरिका और भारत के मजबूत संबंधों पर जोर देते हुए कहा कि अमेरिका भारत के साथ अपने भविष्य को देखता है और भारत अमेरिका के साथ अपने भविष्य को देखता है। उन्होंने आगे कहा कि दोनों देश जब एक साथ होते हैं तो बेहतर होते हैं। अमेरिका और भारत के लोगों के आपस में जितने संपर्क होंगे, उतने ही अधिक अवसर आर्थिक और शैक्षिक आदान-प्रदान के लिए मिलेंगे। उन्होंने कहा कि जैसे-जैसे अमेरिका और भारत के बीच संबंध बढ़ेंगे, वैसे-वैसे दोनों देशों में आर्थिक और शैक्षिक प्रगति होगी।
भारत मेरे दिल के करीब
अमेरिकी राजदूत गार्सेटी ने कहा कि भारत मेरे दिल के करीब है। मैं हमेशा अमेरिका से प्यार करुंगा, क्योंकि वहां मेरा जन्म हुआ था। मगर भारत एक ऐसी जगह है जहां मैंने जीवन को पूरे रंग में रंगना सीखा। जहां मानवता हमारे अतीत को समझ सकती है। यह हमारे विश्वास की झलक है। उन्होंने अपने संदेश के अंत में कहा कि हमारा रिश्ता वास्तव में सदियों से चली आ रही प्रेम की एक चिरस्थायी कहानी है। हम बस अभी शुरुआत ही कर रहे हैं। पिक्चर अभी बाकी है मेरे दोस्त।
पीएम मोदी से की मुलाकात
अपनी विदाई से पहले अमेरिकी राजदूत एरिक गार्सेटी ने अपने परिवार के साथ पीएम नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। गार्सेटी ने एक्स पर लिखा कि प्रधानमंत्री मोदी के साथ अपने परिवार के साथ अंतिम मुलाकात बहुत अच्छी रही। पीएम मोदी और राष्ट्रपति बाइडन ने हमारी आकर्षक और महत्वपूर्ण यूएस-भारत साझेदारी को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया है। एक पीढ़ी पहले जो अकल्पनीय लगता था, वह इन नेताओं और हमारे राष्ट्र के लोगों के काम की बदौलत अब से एक पीढ़ी बाद अपरिहार्य लगेगा। प्रधानमंत्री को धन्यवाद और सभी भारतीयों को धन्यवाद। आपके साथ इस अध्याय को सह-लेखन में मदद करना एक खुशी की बात है।