फिलीपींस में आग से पूरी तरह जल चुकी यात्री नौका से बचावकर्मियों ने शनिवार को और शव बरामद किए। इसके साथ ही हादसे में मरने वालों की संख्या बढ़कर 76 हो गई है। 13 लोग अब भी लापता हैं। नौका में सवार 132 लोगों में से 43 लोग बुधवार रात लगी आग से बच गए थे।
यह नौका राजधानी मनीला से रवाना हुई थी और दक्षिण-पश्चिमी पालावान प्रांत के कोरोन में अपने गंतव्य से करीब 39 किलोमीटर दूर थी, तभी इसमें आग लग गई।
नाव में कैसी लगी आग?
आग लगने की वजह अभी तय नहीं हो सकी है। तटरक्षक बल की प्रवक्ता ने एक जीवित बचे व्यक्ति के हवाले से बताया कि आग संभवत: सामान रखने वाले हिस्से से शुरू हुई थी। अधिकारियों के मुताबिक, जीवित बचे व्यक्ति ने बताया कि उसने एक विस्फोट जैसी आवाज सुनी थी। इसके बाद धुआं और आग तेजी से फैल गई। हवा के कारण आग और तेजी से फैलती चली गई।
कोरोन के बोराक बंदरगाह पर तंबू लगाए गए हैं। जिस जहाज से शवों को नौका से निकालकर लाया गया, उससे शवों से भरे बैग बंदरगाह पर उतारे गए। तटरक्षक बल की प्रवक्ता कमोडोर नोएमी कयाबयाब ने बताया कि अधिकारी नौका के कप्तान की तलाश कर रहे हैं। बताया गया है कि कप्तान हादसे में बच गया था, लेकिन उसका नाम बचे लोगों की सूची में नहीं है।
पीड़ितों ने सुनाया हादसे का भयावह मंजर
तटरक्षक बल ने कहा कि कई एजेंसियों की ओर से समुद्री सुरक्षा और आपराधिक जांच की जाएगी। इसमें सभी संभावित पहलुओं की जांच की जाएगी और कप्तान तथा चालक दल की संभावित जिम्मेदारी भी तय की जाएगी। कयाबयाब ने बताया कि जीवित बचे लोगों के अनुसार आग बहुत तेजी से फैली और लोगों को लाइफ जैकेट पहनने तक का समय नहीं मिला।
उन्होंने कहा, 'बारिश से जहाज के खुले हिस्सों को ढकने वाली तिरपाल एक संभावित कारण हो सकती है, लेकिन अभी यह तय नहीं किया जा सकता कि लोग इसके अंदर फंस गए थे या नहीं।' जांचकर्ता यह भी देखेंगे कि आग लगने की स्थिति में तय आपातकालीन प्रक्रियाओं का पालन किया गया था या नहीं। इसमें यह भी जांच होगी कि कप्तान ने अलार्म बजाया था या यात्रियों को चेतावनी और निर्देश दिए थे या नहीं। इसके अलावा यह भी देखा जाएगा कि चालक दल ने यात्रियों की मदद की थी या नहीं।
फिलीपींस में नौका से यात्रा आम
फिलीपींस के द्वीपसमूह में आने-जाने के लिए यात्री नौकाओं का अक्सर इस्तेमाल होता है। यहां समुद्री हादसे भी आम हैं। इसके पीछे तूफान, खराब रखरखाव वाले जहाज, क्षमता से अधिक यात्रियों का सवार होना और सुरक्षा नियमों का कमजोर तरीके से पालन जैसे कारण बताए जाते हैं, खासकर दूरदराज के प्रांतों में।
1987 में डोना पाज नाम की नौका मध्य फिलीपींस में एक ईंधन टैंकर से टकराकर डूब गई थी। इस हादसे में 4,300 से अधिक लोगों की मौत हुई थी। इसे दुनिया की सबसे घातक शांतिकालीन समुद्री आपदाओं में से एक माना जाता है।