फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Iran-US Deal: ईरान-US समझौते पर राष्ट्रपति पेजेशकियन का बयान, बोले- समझौते की सफलता उसके लागू होने पर निर्भर

Tue, 23 Jun 2026 02:55 PM IST
अमन तिवारी एएनआई, तेहरान

सार

ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने कहा कि ईरान-अमेरिका समझौते की सफलता दोनों पक्षों द्वारा जिम्मेदारियों के पालन पर निर्भर करेगी। इस बीच ट्रंप और नेतन्याहू ने कड़ा रुख अपनाया है।
विज्ञापन
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियान और ईरान के कानूनी और अंतरराष्ट्रीय मामलों के उप-विदेश मंत्री काजेम गरीबाबादी - फोटो : ANI
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने मंगलवार को ईरान और अमेरिका के बीच हाल ही में हुए समझौते (MoU) को लेकर अपनी स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि इस समझौते की सफलता पूरी तरह से इस बात पर निर्भर करती है कि दोनों पक्ष अपनी जिम्मेदारियों को कितनी सटीकता से निभाते हैं। पेजेशकियन ने जोर देकर कहा कि समझौते के लिखित पाठ से बाहर जाकर दिए गए बयान बातचीत को आगे बढ़ाने में कोई मदद नहीं करते। उन्होंने साफ किया कि प्रगति तभी मानी जाएगी जब जमीन पर काम दिखेगा।
विज्ञापन


यह बयान ऐसे समय में आया है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस्रायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के साथ मिलकर समस्याओं को जल्द सुलझाने की बात कही है। वहीं, नेतन्याहू ने इस समझौते को नजरअंदाज करते हुए दक्षिण लेबनान से अपनी सेना हटाने से साफ इनकार कर दिया है। नेतन्याहू ने संकल्प लिया कि वह ईरान को कभी भी परमाणु हथियार नहीं बनाने देंगे। उन्होंने कहा कि जब तक इस्रायल के लोगों की सुरक्षा का सवाल है, उनकी सेना दक्षिण लेबनान के सुरक्षा क्षेत्र में तैनात रहेगी।

वहीं, डोनाल्ड ट्रंप ने समुद्री रास्तों की सुरक्षा को लेकर कड़ी चेतावनी दी है। ट्रंप ने कहा कि अगर किसी ने महत्वपूर्ण शिपिंग लेन को बंद करने की कोशिश की, तो अमेरिका उसे पूरी तरह तबाह कर देगा। उन्होंने संकेत दिया कि अमेरिका होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) का सीधा नियंत्रण अपने हाथ में ले सकता है और वहां से गुजरने वाले तेल के जहाजों पर शुल्क भी लगा सकता है।
विज्ञापन


इस बीच, ईरान के उप विदेश मंत्री काजेम गरीबाबादी ने बातचीत के अगले चरण का ब्योरा साझा किया। उन्होंने बताया कि अगली वार्ता में ईरान के संसद अध्यक्ष मोहम्मद बागेर गालिबाफ, विदेश मंत्री अब्बास अराघची, अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और पाकिस्तान व कतर के प्रधानमंत्री शामिल होंगे। इस समझौते को लागू करने के लिए चार विशेष वर्किंग ग्रुप बनाए गए हैं। ये ग्रुप प्रतिबंधों को खत्म करने, परमाणु मुद्दों, आर्थिक विकास और समझौते की निगरानी का काम करेंगे।

ये भी पढ़ें: Hormuz Crisis: 'ईरान ही करेगा होर्मुज का प्रबंधन, जंग से पहले जैसी स्थिति असंभव'; स्पीकर गालिबाफ की दो-टूक

गरीबाबादी ने यह भी जानकारी दी कि लेबनान में शांति बनाए रखने के लिए पाकिस्तान और कतर के साथ मिलकर एक संघर्ष रोकथाम इकाई बनाई जाएगी। आर्थिक मोर्चे पर एक बड़ी सफलता का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि 12 अरब डॉलर की राशि जारी करने की प्रक्रिया तुरंत शुरू होगी। यह पैसा छह-छह अरब डॉलर की दो किस्तों में मिलेगा।
विज्ञापन


वहीं, ईरान के संसद अध्यक्ष गालिबाफ ने स्विट्जरलैंड से लौटने के बाद कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य का संचालन अब पहले जैसा नहीं रहेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि ईरान अंतरराष्ट्रीय नियमों का पालन करते हुए इस रणनीतिक रास्ते का प्रबंधन अपनी व्यवस्था के अनुसार करेगा। उन्होंने दावा किया कि हालिया तकनीकी बातचीत में ईरान ने अपनी मजबूत स्थिति का प्रदर्शन किया है। यह समझौता 21 जून को स्विट्जरलैंड में संपन्न हुआ था और 22 जून को इसे औपचारिक रूप दिया गया।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें